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क्रेन से गिरने पर श्रमिक की मौत
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पानीपत। सिवाह गांव में एक फैक्टरी में काम करते वक्त श्रमिक क्रेन से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे निजी अस्पतालों में दाखिल कराया गया। यहां से उसे खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहां उसकी मौत हो गई। श्रमिक की पत्नी ने फैक्टरी मालिकों पर उसके पति का सही इलाज न कराने के आरोप लगाए हैं। मृतक के परिजन बुधवार शाम को सेक्टर 29 पुलिस थाना में गए और फैक्टरी मालिकों के खिलाफ शिकायत दी।
मूल रूप से गांव धुरीवावा, सिकंदरपुर, उत्तर प्रदेश निवासी अनीता देवी पत्नी विजय चौहान ने बताया कि वह पिछले पांच साल से सिवाह में किराए पर रहती है। अपने पति के साथ जेल रोड स्थित एक कंपनी में काम करती थी। सोमवार को फैक्टरी में क्रेन पर काम करते वक्त गिरने से उसका पति गंभीर रूप से घायल हो गया। साथी श्रमिक एक निजी अस्पताल में गए। फैक्टरी मालिक ने कहा कि वह विजय की यहां से छुट्टी कराकर घर से जाएं, लेकिन डॉक्टर ने उसकी हालत को देखते हुए उसे डिस्चार्ज करने से इंकार कर दिया। इसके बाद इन्होंने उसे यहां से जबरदस्ती खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर करवा दिया, वहां बुधवार को इलाज के दौरान उसके पति विजय की मौत हो गई। फैक्टरी मालिकों ने उसके पति विजय के इलाज में लापरवाही बरती। श्रमिक की मौत की सूचना पर सेक्टर 29 थाना पुलिस खानपुर मेडिकल कॉलेज पहुंची और यहां पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मृतक विजय चौहान के परिजन उसके शव को पोस्टमार्टम के बाद शिवानी फैक्टरी ले गए। वहां मालिक ने शव को देखकर फैक्टरी के गेट बंद करवा दिए। श्रमिक के परिजनों का कहना है कि वे फैक्टरी में ही रहते हैं। इसलिए शव का रात में अंतिम संस्कार कहां करें। इसलिए वो शव यहां लेकर आए। परिजन शव को लेकर गेट पर ही बैठे रहे। परिजनों ने फैक्टरी मालिक की इस हरकत पर रोष व्यक्त किया।
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मूल रूप से गांव धुरीवावा, सिकंदरपुर, उत्तर प्रदेश निवासी अनीता देवी पत्नी विजय चौहान ने बताया कि वह पिछले पांच साल से सिवाह में किराए पर रहती है। अपने पति के साथ जेल रोड स्थित एक कंपनी में काम करती थी। सोमवार को फैक्टरी में क्रेन पर काम करते वक्त गिरने से उसका पति गंभीर रूप से घायल हो गया। साथी श्रमिक एक निजी अस्पताल में गए। फैक्टरी मालिक ने कहा कि वह विजय की यहां से छुट्टी कराकर घर से जाएं, लेकिन डॉक्टर ने उसकी हालत को देखते हुए उसे डिस्चार्ज करने से इंकार कर दिया। इसके बाद इन्होंने उसे यहां से जबरदस्ती खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर करवा दिया, वहां बुधवार को इलाज के दौरान उसके पति विजय की मौत हो गई। फैक्टरी मालिकों ने उसके पति विजय के इलाज में लापरवाही बरती। श्रमिक की मौत की सूचना पर सेक्टर 29 थाना पुलिस खानपुर मेडिकल कॉलेज पहुंची और यहां पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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मृतक विजय चौहान के परिजन उसके शव को पोस्टमार्टम के बाद शिवानी फैक्टरी ले गए। वहां मालिक ने शव को देखकर फैक्टरी के गेट बंद करवा दिए। श्रमिक के परिजनों का कहना है कि वे फैक्टरी में ही रहते हैं। इसलिए शव का रात में अंतिम संस्कार कहां करें। इसलिए वो शव यहां लेकर आए। परिजन शव को लेकर गेट पर ही बैठे रहे। परिजनों ने फैक्टरी मालिक की इस हरकत पर रोष व्यक्त किया।
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