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महिला ने मायके फोन कर कहा- जान दे रही हूं और ट्रेन के आगे कूदी
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थर्मल। ललिता । फाइल फोटो ।
- फोटो : panipat
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दहेज प्रताड़ना से परेशान होकर एक महिला ने सोमवार सुबह मतलौडा स्टेशन और फाटक के बीच रेलवे ट्रैक पर मालगाड़ी के आगे कूद कर आत्महत्या कर ली। 25 वर्षीय महिला की दो साल पहले गांव लोहारी में शादी हुई थी। मृतका की एक साल की बच्ची भी है। वह मतलौडा में ही जीएनएम का कोर्स कर रही थी। महिला के शव को रेलवे ट्रैक से उठाकर सामान्य अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने परिजनों के बयान पर ससुराल के लोगों पर केस दर्ज कर लिया। पोस्टमार्टम के बाद उसके शव को परिजनों को सौंप दिया।
गांव बालजाटान निवासी लक्ष्मी नारायण उर्फ नारायणदत्त ने बताया कि उसने अपनी लड़की ललिता की शादी 4 मार्च 2017 को गांव लोहारी निवासी अमित पुत्र नारायणदत्त के साथ की थी। शादी के कुछ दिन बाद ही अमित, उसकी मां रामपति व ससुर नारायणदत्त उसे दहेज के लिए परेशान करने लगे। उन्होंने ललिता से कहा कि एक सोने की चेन लेकर लाओ और पढ़ाई का खर्च भी अपने मायके से लाओ। उसके मना करने पर ससुराल वाले उसके साथ मारपीट करते थे। 3-4 बार ललिता अपनी पढ़ाई का खर्च घर से लेकर गई। उसके बाद मेरी पत्नी यानि ललिता की मां ससुराल पक्ष के लोगों को उनके घर जाकर समझाकर आई। वह लोक-लाज के कारण बेटी को वहीं पर छोड़कर आ गई। शादी के एक साल बाद ललिता ने एक लड़की को जन्म दिया। इसके पश्चात अमित व उसकेे परिवार वालों ने लड़की होने पर ताना देना शुरू कर दिया। फिर मेरा बेटा संजीव लोहारी गया और अपनी बहन ललिता को अपने घर बालजाटान ले आया। फिर समाज व लोक-लाज के कारण हमने ललिता को अमित के साथ भेज दिया। सोमवार को करीब 10 बजे ललिता का फोन उसकी मां के पास आया। उसने बताया कि उसके पति अमित, सास रामपति व ससुर नारायणदत्त ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया है। ललिता ने फोन कर कहा कि मैं अपनी जान देने जा रही हूं। इसके बाद मेरी पत्नी ने मुझे फोन कर कहा कि ललिता को सोने की चेन न लाने के कारण उसके घरवालों ने मारपीट कर निकाल दिया। वह मरने जा रही है। इसके बाद जब तक मायका पक्ष के लोग मतलौडा पहुंचे ललिता आत्महत्या कर चुकी थी।
जीआरपी पानीपत इंचार्ज मनजीत डबास ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है। परिजनों ने जो शिकायत दी है उसी आधार पर कार्रवाई होगी।
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गांव बालजाटान निवासी लक्ष्मी नारायण उर्फ नारायणदत्त ने बताया कि उसने अपनी लड़की ललिता की शादी 4 मार्च 2017 को गांव लोहारी निवासी अमित पुत्र नारायणदत्त के साथ की थी। शादी के कुछ दिन बाद ही अमित, उसकी मां रामपति व ससुर नारायणदत्त उसे दहेज के लिए परेशान करने लगे। उन्होंने ललिता से कहा कि एक सोने की चेन लेकर लाओ और पढ़ाई का खर्च भी अपने मायके से लाओ। उसके मना करने पर ससुराल वाले उसके साथ मारपीट करते थे। 3-4 बार ललिता अपनी पढ़ाई का खर्च घर से लेकर गई। उसके बाद मेरी पत्नी यानि ललिता की मां ससुराल पक्ष के लोगों को उनके घर जाकर समझाकर आई। वह लोक-लाज के कारण बेटी को वहीं पर छोड़कर आ गई। शादी के एक साल बाद ललिता ने एक लड़की को जन्म दिया। इसके पश्चात अमित व उसकेे परिवार वालों ने लड़की होने पर ताना देना शुरू कर दिया। फिर मेरा बेटा संजीव लोहारी गया और अपनी बहन ललिता को अपने घर बालजाटान ले आया। फिर समाज व लोक-लाज के कारण हमने ललिता को अमित के साथ भेज दिया। सोमवार को करीब 10 बजे ललिता का फोन उसकी मां के पास आया। उसने बताया कि उसके पति अमित, सास रामपति व ससुर नारायणदत्त ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया है। ललिता ने फोन कर कहा कि मैं अपनी जान देने जा रही हूं। इसके बाद मेरी पत्नी ने मुझे फोन कर कहा कि ललिता को सोने की चेन न लाने के कारण उसके घरवालों ने मारपीट कर निकाल दिया। वह मरने जा रही है। इसके बाद जब तक मायका पक्ष के लोग मतलौडा पहुंचे ललिता आत्महत्या कर चुकी थी।
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जीआरपी पानीपत इंचार्ज मनजीत डबास ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है। परिजनों ने जो शिकायत दी है उसी आधार पर कार्रवाई होगी।