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समय पर नहीं पहुंची एंबुलेंस, घर पर हुई डिलीवरी, नवजात की मौत
ब्यूरो पानीपत
Updated Wed, 24 May 2017 11:44 PM IST
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महिला ने पत्र लिख की कार्रवाई की मांग
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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देश को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाले गृह जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के काम में आज भी सुधार नहीं हो पाया है। अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही के चलते गांव गढ़ी सिकंदरपुर में एक मां को घर पर ही अपनी बच्ची को जन्म देना पड़ा। लेकिन समय पर उचित स्वास्थ्य सुविधा न मिलने पर नवजात की मौत हो गई। महिला ने स्वास्थ्य विभाग पर समय पर एंबुलेंस न भेजने व फोन करने पर गलत तरीके से बात करने के आरोप लगाए हैं। महिला ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री हरियाणा, स्वास्थ्य मंत्री, डीजी हेल्थ व सीएमओ पानीपत के नाम भेजते हुए लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
गांव गढ़ी सिकंदरपुर निवासी सरोज ने दी शिकायत में बताया कि 21 फरवरी 2017 को उसकी डिलीवरी होनी थी। सुबह 8:20 बजे पीएचसी काबड़ी में गए तो वहां पर ताला लगा हुआ था। इसके बाद उसके पति रोहताश ने 8:42 बजे 102 नंबर पर एंबुलेंस कि लिए फोन किया। लेकिन एंबुलेंस नहीं आई। 9:29 बजे एंबुलेंस चालक का फोन आया और कहा कि आना है या नहीं आना। जबकि वे लोग 8:42 से 9:29 बजे तक इंतजार करते रहे। प्रसव पीड़ा बढ़ने पर उसने घर पर ही लड़की को जन्म दिया। समय पर चिकित्सा सुविधा न मिलने के बाद नवजात की कुछ ही देर बाद मौत हो गई। महिला का कहना है कि यह उसकी दूसरी संतान थी। महिला का आरोप है कि पीएचसी काबड़ी में उस दिन वरिष्ठ नर्स की ड्यूटी थी, लेकिन वह समय पर उपस्थित नहीं थी।
एंबुलेंस के घर पर पहुंचने में थोड़ा समय लग जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है कि फोन करने के बाद एंबुलेंस न जाए। अगर ऐसा हुआ है तो मामले की जांच की जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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ऑलोक जैन, एमएस, सिविल अस्पताल, पानीपत।
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गांव गढ़ी सिकंदरपुर निवासी सरोज ने दी शिकायत में बताया कि 21 फरवरी 2017 को उसकी डिलीवरी होनी थी। सुबह 8:20 बजे पीएचसी काबड़ी में गए तो वहां पर ताला लगा हुआ था। इसके बाद उसके पति रोहताश ने 8:42 बजे 102 नंबर पर एंबुलेंस कि लिए फोन किया। लेकिन एंबुलेंस नहीं आई। 9:29 बजे एंबुलेंस चालक का फोन आया और कहा कि आना है या नहीं आना। जबकि वे लोग 8:42 से 9:29 बजे तक इंतजार करते रहे। प्रसव पीड़ा बढ़ने पर उसने घर पर ही लड़की को जन्म दिया। समय पर चिकित्सा सुविधा न मिलने के बाद नवजात की कुछ ही देर बाद मौत हो गई। महिला का कहना है कि यह उसकी दूसरी संतान थी। महिला का आरोप है कि पीएचसी काबड़ी में उस दिन वरिष्ठ नर्स की ड्यूटी थी, लेकिन वह समय पर उपस्थित नहीं थी।
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एंबुलेंस के घर पर पहुंचने में थोड़ा समय लग जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है कि फोन करने के बाद एंबुलेंस न जाए। अगर ऐसा हुआ है तो मामले की जांच की जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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ऑलोक जैन, एमएस, सिविल अस्पताल, पानीपत।