फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   With the establishment of the Kalash, Navratri will be worshiped on the first day, Mother Shailputri

कलश स्थापना के साथ आज से नवरात्र शुरू, पहले दिन होगी मां शैलपुत्री की पूजा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 26 Sep 2022 02:18 AM IST
विज्ञापन
With the establishment of the Kalash, Navratri will be worshiped on the first day, Mother Shailputri
पानीपत। सर्वपितृ अमावस्या के समापन के साथ ही मां दुर्गा की उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्र सोमवार से शुरू हो रहे हैं। जो पांच अक्तूबर को विजयदशमी पर समाप्त होंगे। इस दौरान तीन अद्भुत संयोग हस्त नक्षत्र, शुक्ल ब्रह्म योग एवं व्रज योग बन रहे हैं, जिसे पूजा-पाठ के लिए बहुत शुभ माना गया है।
विज्ञापन

अवध धाम मंदिर से ज्योतिषाचार्य पं. राधे-राधे महाराज ने बताया कि इस बार नवरात्र सोमवार को शुरू होने से माता हाथी पर सवार होकर पृथ्वी पर आएंगी और हाथी पर ही जाएंगी, जिसे लोगों के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है। उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्र पर देवी के अलग-अलग वाहनों पर आना शुभ व अशुभ दोनों तरह के फल देने वाला रहता है। इस बार माता का आगमन और विदाई दोनों ही हाथी पर होगी। यह शुभ संकेत हैं। शास्त्रों में हाथी को बुद्धि, ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। माता का हाथी पर आगमन देश में समृद्धि लेकर आएगा और लोगों को ज्ञान की प्राप्ति होगी। नवरात्र में 29 और 30 सितंबर को दो दिन सर्वार्थ सिद्धि योग की साक्षी रहेगी। इस योग में की गई साधना विशेष फल प्रदान करती है। पंचांग गणना के अनुसार यह 29 सितंबर को मध्यरात्रि में शुरू होगा, जो अगले दिन 30 सितंबर को रात्रि पर्यंत रहेगा। इस दृष्टि से 26 घंटे का यह महासंयोग मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिए बेहद खास है।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि इसके बाद महा अष्टमी का व्रत पूजन तीन अक्तूबर सोमवार को होगा। महानवमी तिथि का मान चार अक्तूबर मंगलवार को होगा। नवमी तिथि दिन के 01:32 बजे तक रहेगी। इसके बाद दशमी शुरू होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

कलश स्थापना यह रहेगा शुभ मुहूर्त
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त - सुबह 6:11 से 7:51 बजे तक
अमृत चौघड़िया दूसरा मुहूर्त - सुबह 9:13 बजे से 10:43 बजे तक
शुभ चौघड़िया अभिजीत मुहूर्त - सुबह 11:58 बजे से दोपहर 01:04 बजे तक
अष्टमी-नवमी को संधि पूजा का मुहूर्त - दोपहर 3:36 बजे से शाम 4:24 बजे तक
शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि - 26 सितंबर को सुबह 03:24 बजे से 27 सितंबर तड़के 03:08 बजे तक
शुक्ल योग - 26 सितंबर को सुबह 08:06 बजे तक रहेगा
ब्रह्म योग - 26 सितंबर को सुबह 08:06 बजे से 27 सितंबर सुबह 06:44 तक रहेगा।
कलश स्थापना विधि-
- पहले नवरात्र पर शुभ मुहूर्त में घट स्थापना कर मां शैलपुत्री का पूजन किया जाएगा।
- सुबह उठकर जल्दी स्नान कर लें, फिर पूजा के स्थान पर गंगाजल डालकर उसकी शुद्धि कर लें।
- घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
- मां दुर्गा का गंगा जल से अभिषेक करें।
- मां को अक्षत, सिंदूर और लाल पुष्प अर्पित करें, प्रसाद के रूप में फल और मिठाई चढ़ाएं।
- धूप और दीपक जलाकर दुर्गा चालीसा का पाठ करें और फिर मां की आरती करें।
- मां को भोग भी लगाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed