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Panipat News: तूने नाम जपन क्यों छोड़ दिया...पर झूमे भक्त

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 21 May 2024 05:59 AM IST
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Why did you stop chanting the name...but the devotees danced
पानीपत। श्रीमद्भागवत कथा व भगवान श्रीकृष्ण बलराम रथयात्रा महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार को प्रातः कालीन सत्र में प्रभात फेरी निकाली गई। प्रभातफेरी के बाद तूने नाम जपन क्यों छोड़ दिया, तूने कृष्ण जपन क्यों छोड़ दिया, तूने काम न छोड़ा, क्रोध न छोड़ा, जूठे जग में जी ललचाकर असल वतन क्यों छोड़ दिया गीत पर श्रद्धालु झूम उठे।
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उल्लेखनीय है कि प्रभातफेरी हरि नाम का संकीर्तन करते हुए स्थानीय सेक्टर-12 में आशु गुप्ता के निवास स्थान से शुरू होकर रामनिवास गुप्ता व विपिन अग्रवाल के निवास स्थान से होते हुए गोपालजी फैशन वालों के निवास स्थान पर समाप्त हुई। प्रभातफेरी में इस्कॉन कुरुक्षेत्र के अध्यक्ष साक्षी गोपाल दास ने श्रीमद्भागवत कथा सुनने व श्रीकृष्ण भक्ति के लिए स्थानीय लोगों को प्रेरित किया।
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श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन इस्कॉन कुरुक्षेत्र के अध्यक्ष साक्षी गोपाल दास ने कथा व्यास करते हुए बताया कि अगर मनुष्य योनि को प्राप्त करके गोविंदा का भजन करोगे तो भगवत धाम की प्राप्ति कर जाओगे। यह मौका सिर्फ मनुष्य योनि में ही संभव है अन्यथा किसी और योनि में संभव नहीं है। भगवान की भक्ति ही एकमात्र साधन है। जो व्यक्ति तपस्या नहीं करेगा वह ज्ञान प्राप्त नहीं कर सकता। जब भौतिक ज्ञान की प्राप्ति के लिए तपस्या जरूरी है तो ज्ञान को संभालने के लिए भी तपस्या जरूरी है। जिसको भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति प्राप्त करनी है तो उससे चार तपस्या करनी होंगी। पहले तपस्या उसे भगवान को भोग लगाकर भोजन ग्रहण करना होगा, दूसरी तपस्या उसे शराब आदि का त्याग करना होगा। तीसरी तपस्या उसे जुआ आदि का त्याग करना होगा और चौथी तपस्या उससे अपनी पत्नी के अलावा किसी और की तरफ नहीं देखना यानी पराई स्त्री के तरफ नहीं जाना। जो व्यक्ति ये चार तपस्या का पालन करता है और प्रतिदिन महामंत्र की 16 माला का जाप करता है तो वह व्यक्ति भगवान श्रीकृष्ण के भक्ति में लग जाता है और भगवान उससे बहुत प्रसन्न हो जाते हैं। तूने नाम जपन क्यों छोड़ दिया, तूने कृष्ण जपन क्यों छोड़ दिया, तूने काम न छोड़ा, क्रोध न छोड़ा, जूठे जग में जी ललचाकर असल वतन क्यों छोड़ दिया, तूने हरि जपन क्यों छोड़ दिया...भजन पर महिलाएं व श्रद्धालु झूम उठे। इस अवसर पर इस्कॉन प्रचार समिति के अध्यक्ष सुंदरलाल चुघ, आशु गुप्ता, अशोक गोयल, विशाल गोयल, देवेंद्र महाजन, गोपाल चोपड़ा, सन्नी अग्रवाल, पन्ज मेहंदीरत्ता व राजकुमार माटा मौजूद रहे।
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