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जब भी सूबेदार ने फेंका भाला, रिकॉर्ड बना डाला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 25 Jul 2022 02:15 AM IST
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Wherever the Subedar threw the spear, he made a record
पानीपत। सूबेदार नीरज चोपड़ा ने जिस चैंपियनशिप में भाला फेंका है, वहां रिकार्ड बनाया है। वर्ष 2016 में अपनी पहली जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में 86.48 मीटर भाला फेंक कर रिकार्ड बनाने के साथ इसकी शुरुआत की थी। फिर कॉमनवेल्थ गेम्स-2018, एशियन चैंपियनशिप-2018, टोक्यो ओलंपिक-2020 में रिकार्ड बनाने के साथ ही अब वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2022 में पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलीट बन गए हैं।
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वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2022 में नीरज चोपड़ा ने चौथे राउंड में 88.13 मीटर भाला फेंक रजत पदक अपने नाम किया। भारत ने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 19 साल बाद कोई पदक जीता है। इससे पहले 2003 में अंजू बॉबी जॉर्ज ने पदक दिलाया था। अब अमेरिका के यूजीन में नीरज चोपड़ा ने एकबार फिर इतिहास रच दिया है।
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जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप-2016 की रिकार्ड तालिका में शिखर पर नीरज चोपड़ा विराजमान हैं, इस चैंपियनशिप में उनका रिकार्ड कायम है। अंडर-20 की इस चैंपियनशिप में 86.48 मीटर भाला फेंक नीरज सुर्खियों में आए थे। इसमें स्वर्ण पदक जीतने के बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
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नीरज ने ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में 21वें राष्ट्रमंडल खेल में जेवलिन थ्रो में पहला पदक जीता था। राष्ट्रमंडल खेलों में भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतने वाले नीरज चोपड़ा पहले भारतीय हैं। उन्होंने ग्रेनेडा के एंडरसन पीटर्स को पछाड़ते हुए स्वर्ण पदक जीता था, जबकि वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में एक कदम पीछ रहे और रजत से संतोष करना पड़ा।
एशियन गेम्स-2018 में महज 20 वर्ष की उम्र में नीरज चोपड़ा ने भारत को जेवलिन की स्पर्धा में पहला स्वर्ण पदक दिलाया था। इससे पहले वर्ष 1982 के एशियन गेम्स में गुरतेज सिंह ने जेवलिन में कांस्य पदक जीता था। नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स ओपनिंग सेरेमनी में भारतीय दल के ध्वजवाहक भी रहे थे।
टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने देश को एथलेटिक्स में पहला स्वर्ण पदक दिलाया। इसके साथ ही एथलेटिक्स में भारत को किसी मेडल का 121 साल का इंतजार खत्म हुआ था। जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने फाइनल में 87.58 मीटर के थ्रो कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।

- हर खिलाड़ी का दिन होता है : नीरज चोपड़ा
नीरज चोपड़ा ने कहा कि हर खिलाड़ी का दिन होता है। यह एंडरसन पीटर्स का दिन था। अगले वर्ष वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक-2024 में देश के लिए स्वर्ण जीतने का प्रयास रहेगा।
- नीरज चोपड़ा, एथलीट, जेवलिन थ्रोअर
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