फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Weather hits on children's health, 2.5 thousand sick children are reaching the hospitals of the district every day for 20 days

बच्चों की सेहत पर मौसम की मार, जिले के अस्पतालों में 20 दिन से रोज पहुंच रहे ढाई हजार बीमार बच्चे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 10 Sep 2021 12:35 AM IST
विज्ञापन
Weather hits on children's health, 2.5 thousand sick children are reaching the hospitals of the district every day for 20 days
पानीपत। सिविल अस्पताल में लगी हुई मरीजों की भीड़। फाइल फोटो। - फोटो : Panipat
एक पल बारिश, दूजे पल धूप, रात में ठंडी और दिन में उमस। 24 घंटे के अंदर ही मौसम में कई बार बदलाव बच्चों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। बच्चे वायरल, डायरिया और निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। सिविल अस्पताल, सरकारी सामुदायिक केंद्रों और 18 निजी शिशु अस्पतालों में बच्चों की ओपीडी बीते 20 दिन से रोज ढाई हजार तक पहुंच चुकी है। जोकि पहले एक हजार ही रहती थी।
विज्ञापन

सिविल अस्पताल में हर रोज करीब 250 बच्चे इलाज के लिए आ रहे हैं। सिविल अस्पताल की कुल ओपीडी 1200 पार हो चुकी है। इनमें से 35 प्रतिशत ओपीडी सामान्य डॉक्टरों के पास आ रही है। डॉक्टरों के अनुसार मौसम में बदलाव घातक साबित हो रहा है। ठंडी वस्तुओं को खाने के साथ ही एसी-कूलर बच्चों को बीमार कर रहे हैं। गले में संक्रमण तेजी से हो रहा है। यही संक्रमण छाती तक पहुंचकर उन्हें खांसी और बुखार से ग्रस्त करता है। डायरिया और निमोनिया भी बड़ी समस्या बना हुआ है। इनके हर रोज 70-80 बाल रोगी मिल रहे हैं।
विज्ञापन

बच्चों के साथ ही बड़े भी हो रहे हैं शिकार
बच्चों के अलावा बड़े भी वायरल के शिकार हो रहे हैं। सिविल अस्पताल में बुखार से ग्रस्त लोगों की ओपीडी 200 से अधिक है। हालांकि बड़ी उम्र के लोग डायरिया और निमोनिया की चपेट में कम आ रहे हैं। डॉक्टरों की मरीजों को सलाह है कि वह ठंडी चीजों से परहेज करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

डायरिया से ग्रस्त अधिकतर बच्चे पिछड़ी कॉलोनियों एवं ग्रामीण क्षेत्रों से
पिछड़ी कॉलोनियों और ग्रामीण क्षेत्रों से ही डायरिया से पीड़ित बच्चों ज्यादा हैं। इसकी एक वजह दूषित पीने का पानी है। वायरल फीवर से बचने के लिए इन क्षेत्रों में जागरूकता भी काफी कम ही होती है। शहरी क्षेत्रों के बच्चे डायरिया से फिलहाल बचे हुए हैं।
गांव डाहर में दो बच्चियों की तबियत और बिगड़ी
गांव डाहर में एक ही परिवार की दो बच्चियों की मौत के बाद इसी परिवार की दो और बच्चियों की हालत बिगड़ गई है। दोनों को सिविल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने इनकी जांच की। डॉक्टरों ने जांच के बाद खांसी और दस्त की दवा दी। फिलहाल दोनों बच्चियों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया है। अब भी अस्पताल में एक ढाई साल की बच्ची का इलाज चल रहा है। उसकी हालत में पहले के मुकाबले काफी सुधार है। गांव डाहर के देवी सिंह ने बताया कि रविवार को उसकी चार माह की पोती रामभतेरी और सोमवार को चार साल की वंशिका की अज्ञात कारणों से मौत हो गई थी। दोनों बच्चियों को उल्टी-दस्त हुए थे। वीरवार सुबह 7 साल की रितिका और साढ़े आठ साल की पोती राधिका की तबीयत भी बिगड़ गई।
डायरिया के कारण
डायरिया रोग दूषित पानी पीने के कारण होता है। पेट में संक्रमण, वायरल इन्फेक्शन, शरीर में पानी की कमी व व्यक्ति की पाचन शक्ति कमजोर होने के कारण डायरिया होता है।

ऐसे बचें वायरल फीवर से
ठंडा पानी न पीयें।
एसी व कूलर बंद रखें।
ठंडी चीजें न खाएं।
तले हुए खाने के सेवन से बचें।
वायरल फीवर के लक्षण
सिर और गले में दर्द
आंखें लाल होना
उल्टी लगना
थकान, जोड़ों में दर्द
खांसी-जुकाम व तेज बुखार
पांच साल से कम आयु के बच्चे अधिक बीमार हो रहे हैं : डॉ. निहारिका
इन दिनों में ओपीडी बढ़ गई है। पांच साल से कम आयु के बच्चों की संख्या अधिक है, जो वायरल से पीड़ित हैं। लोगों से अपील है कि बच्चों का ध्यान रखें। ठंडी वस्तुओं के सेवन से बच्चों को बचाएं।
-डॉ. निहारिका, बाल रोग विशेषज्ञ सिविल अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed