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बारिश से जलभराव, विकास नगर, सब्जी मंडी में भरा पानी
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पानीपत। बरसात के बाद जमा पानी
- फोटो : Panipat
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पानीपत। एक बार फिर से हल्की बारिश ने शहर के पानी निकासी की पोल खोलने का काम किया है। शुक्रवार की रात 10 बजे से लेकर शनिवार सुबह 8 बजे तक धीमी-धीमी बारिश से शहर के कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई। अनाज मंडी और सब्जी मंडी में एक फीट तक पानी भर गया। इसके अलावा तहसील कैंप, वार्ड 23 के वीवर्स कॉलोनी में भी पानी भरा दिखाई दिया। बता दें कि इस मध्यम बारिश ने भी शहर की पानी निकासी व्यवस्था की पोल खोलने का काम किया है। हालांकि शहर के जीटी रोड पर सुबह तक पानी भरा रहा जिसकी शाम तक निकासी हो गई।
इसके अलावा शहर की आउटर कॉलोनियों का भी हाल बेहाल रहा। निगम की लचर सफाई व्यवस्था और निकासी पर शहरवासियों ने सोशल मीडिया पर जमकर अपनी भड़ास निकाली। आउटर क्षेत्र की 30 से ज्यादा कॉलोनियाें में बारिश से कीचड़ के हालात हो गए।
निगम के 70 प्रतिशत पानी निकासी के दावे हुए फेल
नगर निगम के अधीन 157 किलोमीटर लंबे नाले व नालियों की सफाई का काम आता है। इसके लिए निगम ने करीब 50 लाख रुपये महीने की लागत से 150 कर्मचारियों को नाला गैंग के तौर पर भर्ती भी किया है। इनके अलावा भी निगम अपने कर्मचारियों से सफाई व पानी निकासी का काम भी करवा चुका है। जिस पर निगम ने करीब 70 प्रतिशत काम होने का दावा तक किया था, लेकिन निगम के ये दावे अब फेल नजर आए।
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30 सालों से नहीं हुआ समस्या का समाधान
शहर से बरसाती पानी की निकासी की ये समस्या आज से नहीं बल्कि सालों पुरानी है। इस समस्या का समाधान नगर निगम आज तक नहीं कर पाया है। जबकि हर माह शहर की सफाई व निकासी पर निगम करीब 5 करोड़ रुपये तक का बजट भी खर्च करता आ रहा है।
बनाएंगे मास्टर प्लान : भट्ट
नगर निगम की निकासी और सफाई व्यवस्था को लेकर पहले से शिकायतें मिलती आ रही हैं। ये शहर की एक गंभीर समस्या बन चुकी है। इसके लिए निगम अधिकारियों से मिलकर एक मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।
-दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर, नगर निगम, पानीपत।
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इसके अलावा शहर की आउटर कॉलोनियों का भी हाल बेहाल रहा। निगम की लचर सफाई व्यवस्था और निकासी पर शहरवासियों ने सोशल मीडिया पर जमकर अपनी भड़ास निकाली। आउटर क्षेत्र की 30 से ज्यादा कॉलोनियाें में बारिश से कीचड़ के हालात हो गए।
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निगम के 70 प्रतिशत पानी निकासी के दावे हुए फेल
नगर निगम के अधीन 157 किलोमीटर लंबे नाले व नालियों की सफाई का काम आता है। इसके लिए निगम ने करीब 50 लाख रुपये महीने की लागत से 150 कर्मचारियों को नाला गैंग के तौर पर भर्ती भी किया है। इनके अलावा भी निगम अपने कर्मचारियों से सफाई व पानी निकासी का काम भी करवा चुका है। जिस पर निगम ने करीब 70 प्रतिशत काम होने का दावा तक किया था, लेकिन निगम के ये दावे अब फेल नजर आए।
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30 सालों से नहीं हुआ समस्या का समाधान
शहर से बरसाती पानी की निकासी की ये समस्या आज से नहीं बल्कि सालों पुरानी है। इस समस्या का समाधान नगर निगम आज तक नहीं कर पाया है। जबकि हर माह शहर की सफाई व निकासी पर निगम करीब 5 करोड़ रुपये तक का बजट भी खर्च करता आ रहा है।
बनाएंगे मास्टर प्लान : भट्ट
नगर निगम की निकासी और सफाई व्यवस्था को लेकर पहले से शिकायतें मिलती आ रही हैं। ये शहर की एक गंभीर समस्या बन चुकी है। इसके लिए निगम अधिकारियों से मिलकर एक मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।
-दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर, नगर निगम, पानीपत।

पानीपत। बरसात के बाद जमा पानी- फोटो : Panipat