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Panipat News: जलस्तर बढ़ा, यमुना में स्नान करने पर रोक
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यमुना में बढ़ रहा जलस्तर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सनौली (पानीपत)। पहाड़ों और मैदानी क्षेत्र में बारिश से हथिनीकुंड बैराज से यमुना में अलग-अलग समय में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।
यमुना में बैराज से सोमवार रात व मंगलवार की सुबह तक अलग-अलग घंटों में कई बार 31-31 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया है। सुबह पांच बजे 16172 क्यूसेक, शाम तीन बजे 31400 क्यूसेक, शाम चार बजे 31316 क्यूसेक, शाम आठ बजे 26262 क्यूसेक और मंगलवार सुबह आठ बजे 26756 क्यूसेक और 12 बजे 20 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। जिससे पानीपत-सनौली यमुना पुल पर जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया पानी करीब 24 घंटे में पानीपत में हरिद्वार हाईवे पर बनाए गए यमुना पुल के पास पहुंचता है। यमुना पुल पर बने केंद्रीय जल आयोग के कार्यालय द्वारा यमुना में चल रहे पानी को मापा जाता है कि कितने लेवल पर नदी में पानी चल रहा है और कार्यालय के जेई द्वारा उसकी हर घंटे की रिपोर्ट जल आयोग को भेजी जाती है।
2013 और 2023 में तटबंध टूटने से आई थी बाढ़ : यमुना का तटबंध टूटने से 2013 में बाढ़ आई थी और उस समय पत्थरगढ़, नवादा व गोयला गांव के पास तीन जगहों पर यमुना का तटबंध टूट गया था। उसके अलावा ड्रेन नंबर दो यमुना के पानी के दबाव के चलते गांव भलौर के पास से टूट गई थी। उस समय भी बहुत से गांव के किसानों की बाढ़ के पानी से फसल बर्बाद हो गई थी।
वहीं वर्ष 2023 में नवादा-आर गांव के पास भी यमुना का तटबंध टूटने से दर्जनों गावों में बाढ़ का पानी घुस गया था।
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सनौली (पानीपत)। पहाड़ों और मैदानी क्षेत्र में बारिश से हथिनीकुंड बैराज से यमुना में अलग-अलग समय में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।
यमुना में बैराज से सोमवार रात व मंगलवार की सुबह तक अलग-अलग घंटों में कई बार 31-31 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया है। सुबह पांच बजे 16172 क्यूसेक, शाम तीन बजे 31400 क्यूसेक, शाम चार बजे 31316 क्यूसेक, शाम आठ बजे 26262 क्यूसेक और मंगलवार सुबह आठ बजे 26756 क्यूसेक और 12 बजे 20 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। जिससे पानीपत-सनौली यमुना पुल पर जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया पानी करीब 24 घंटे में पानीपत में हरिद्वार हाईवे पर बनाए गए यमुना पुल के पास पहुंचता है। यमुना पुल पर बने केंद्रीय जल आयोग के कार्यालय द्वारा यमुना में चल रहे पानी को मापा जाता है कि कितने लेवल पर नदी में पानी चल रहा है और कार्यालय के जेई द्वारा उसकी हर घंटे की रिपोर्ट जल आयोग को भेजी जाती है।
2013 और 2023 में तटबंध टूटने से आई थी बाढ़ : यमुना का तटबंध टूटने से 2013 में बाढ़ आई थी और उस समय पत्थरगढ़, नवादा व गोयला गांव के पास तीन जगहों पर यमुना का तटबंध टूट गया था। उसके अलावा ड्रेन नंबर दो यमुना के पानी के दबाव के चलते गांव भलौर के पास से टूट गई थी। उस समय भी बहुत से गांव के किसानों की बाढ़ के पानी से फसल बर्बाद हो गई थी।
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वहीं वर्ष 2023 में नवादा-आर गांव के पास भी यमुना का तटबंध टूटने से दर्जनों गावों में बाढ़ का पानी घुस गया था।