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चुलकाना के ग्रामीणों ने पीएचसी पर जड़ा ताला
ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Sun, 08 May 2016 12:42 AM IST
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पीएचसी पर जड़ा ताला
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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चुलकाना के ग्रामीणों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ताला जड़कर स्वास्थ्य अधिकारियों एवं मंत्री के खिलाफ रोष प्रकट किया। सरपंच मदन शर्मा, सोनू शर्मा, बिल्लू, रामकुंवार, पंच बलजीत, पंच हवा सिंह, सुरेश, राकेश, रमेश, कविता, रामभतेरी, कमलेश व सपना ने बताया कि गांव के प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र में 14 सदस्यों का स्टाफ निर्धारित है।
जिसमें दो मेडिकल ऑफिसर, एक फार्मासिस्ट, तीन डिलीवरी हट स्टाफ, दो एएनएम, एक एलटी, एक हेल्थ इंस्पेक्टर, एक एमपीएचडब्लू सहित दो अन्य कर्मचारी स्वास्थ्य केंद्र पर होने चाहिए। जबकि पीएचसी में करीब एक साल से न तो कोई डाक्टर है और न ही स्टाफ नर्स व फार्मासिस्ट है। डाक्टर की जगह अन्य कर्मचारी मजबूरी में लोगों की जांच कर दवा दे देते हैं। उन्होंने कहा कि यह अधूरा ज्ञान बड़ी समस्या का कारण भी बन सकता है।
आपात स्थिति में मरीज को लेकर समालखा जाना पड़ता है, जबकि उस समय एक-एक पल मुश्किल होते है। उन्होंने बताया कि उक्त पीएचसी के अंतर्गत चुलकाना सहित किवाना, छदिया, जौरासी, पावटी, डिकाडला व गढ़ी केवल सात गांव आते हैं। लेकिन डाक्टर नहीं होने के कारण लोग धक्के खाकर चले जाते हैं। लोगों ने कहा कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे सीएम को शिकायत के साथ ही सड़क पर उतरने से भी परहेज नहीं करेंगे। वहीं सूचना मिलने पर तहसीलदार डॉ. मनोज अहलावत ने मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को आश्वासन देकर शांत किया।
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जिसमें दो मेडिकल ऑफिसर, एक फार्मासिस्ट, तीन डिलीवरी हट स्टाफ, दो एएनएम, एक एलटी, एक हेल्थ इंस्पेक्टर, एक एमपीएचडब्लू सहित दो अन्य कर्मचारी स्वास्थ्य केंद्र पर होने चाहिए। जबकि पीएचसी में करीब एक साल से न तो कोई डाक्टर है और न ही स्टाफ नर्स व फार्मासिस्ट है। डाक्टर की जगह अन्य कर्मचारी मजबूरी में लोगों की जांच कर दवा दे देते हैं। उन्होंने कहा कि यह अधूरा ज्ञान बड़ी समस्या का कारण भी बन सकता है।
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आपात स्थिति में मरीज को लेकर समालखा जाना पड़ता है, जबकि उस समय एक-एक पल मुश्किल होते है। उन्होंने बताया कि उक्त पीएचसी के अंतर्गत चुलकाना सहित किवाना, छदिया, जौरासी, पावटी, डिकाडला व गढ़ी केवल सात गांव आते हैं। लेकिन डाक्टर नहीं होने के कारण लोग धक्के खाकर चले जाते हैं। लोगों ने कहा कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे सीएम को शिकायत के साथ ही सड़क पर उतरने से भी परहेज नहीं करेंगे। वहीं सूचना मिलने पर तहसीलदार डॉ. मनोज अहलावत ने मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को आश्वासन देकर शांत किया।
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