{"_id":"68bf4e71ca3f750849046124","slug":"utensil-factories-are-not-getting-orders-panipat-news-c-246-1-sknl1018-143500-2025-09-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: बर्तन फैक्टरियों को नहीं मिल रहे ऑर्डर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: बर्तन फैक्टरियों को नहीं मिल रहे ऑर्डर
Tue, 09 Sep 2025 03:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 09 Sep 2025 03:19 AM IST
विज्ञापन
फैक्ट्ररी में बर्तन तैयार करता मजदूर। आर्काइव
यमुनानगर। 1500 करोड़ रुपये की टर्नओवर वाली बर्तन नगरी इन दिनों मंदी के दौर से गुजर रही है। इसका कारण बाढ़ ग्रस्त राज्यों से ऑर्डर न मिलना और दूसरा फैक्टरियों में स्थानीय श्रमिकों की कमी होना है। इससे कारोबारियों को परेशानी के साथ नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
दरअसल, जगाधरी को मेटल सिटी या बर्तन नगरी हब कहा जाता है क्योंकि यहां एक हजार छोटी-बड़ी बड़ी संख्या में बर्तन और धातु उत्पाद बनाने वाली फैक्टरियां हैं, इन्हीं इकाइयों में दो लाख श्रमिक बर्तन बनाने का काम करते हैं, लेकिन अब श्रमिक यहां काम करने के लिए पहुंच नहीं पा रहे। जगाधरी नगरी में तैयार होने वाले बर्तन देश के अलावा अमेरिका, सउदी अरब, दुबई, ईरान, कुवैत, तंजानिया, काबुल, जर्मनी, यूएसए, स्पैन सहित अन्य विदेशों में भी जाते हैं पर मंदी के कारण बर्तनों की चमक फीकी होती जा रही है।
द मेटल मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन के महासचिव सुंदर लाल बत्रा का कहना है कि बर्तन व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मेटल में सेल पर जीएसटी के साथ बाढ़ के कारण आगे के ऑर्डर नहीं मिल रहे हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
दरअसल, जगाधरी को मेटल सिटी या बर्तन नगरी हब कहा जाता है क्योंकि यहां एक हजार छोटी-बड़ी बड़ी संख्या में बर्तन और धातु उत्पाद बनाने वाली फैक्टरियां हैं, इन्हीं इकाइयों में दो लाख श्रमिक बर्तन बनाने का काम करते हैं, लेकिन अब श्रमिक यहां काम करने के लिए पहुंच नहीं पा रहे। जगाधरी नगरी में तैयार होने वाले बर्तन देश के अलावा अमेरिका, सउदी अरब, दुबई, ईरान, कुवैत, तंजानिया, काबुल, जर्मनी, यूएसए, स्पैन सहित अन्य विदेशों में भी जाते हैं पर मंदी के कारण बर्तनों की चमक फीकी होती जा रही है।
विज्ञापन
द मेटल मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन के महासचिव सुंदर लाल बत्रा का कहना है कि बर्तन व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मेटल में सेल पर जीएसटी के साथ बाढ़ के कारण आगे के ऑर्डर नहीं मिल रहे हैं। संवाद
विज्ञापन