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Panipat News: पुलिस के पहरे में बांटा यूरिया भीड़ से तनातनी का माहौल
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सोसाइटी का गेट बंद होने के बाद यूरिया लेने के लिए लाइन में खड़ी महिलाएं। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा। धान के सीजन में यूरिया की किल्लत खत्म नहीं हो पा रही है। किसानों के साथ महिलाओं को भी यूरिया के लिए लाइन में लगना पड़ रहा है।
इस दौरान कई बार तनातनी का माहौल बना। पुलिस के पहरे में खाद दिया गया। नई अनाज मंडी स्थित न्यू को-ऑपरेटिव सोसाइटी में शनिवार को यूरिया पहुंचा। किसान यूरिया के लिए सुबह छह बजे लाइन में लग गए।
सुबह 10 बजे यूरिया मिलना शुरू हुआ। सोसाइटी के बाहर लाइन में लगे किसान ईश्वर नरायणा, केला देवी करहंस, मनीषा देवी गढ़ी छाज्जू, कपूर ढोड़पुर, रामफल व सिद्धा नारायणा ने बताया कि वे सुबह छह बजे से लाइन में खड़े हैं।
बाजार में प्राइवेट दुकानों पर भी खाद आया है लेकिन प्राइवेट दुकानदार खाद लेने वाले किसान को कीटनाशक दवा भी लेने को कहते हैं। खाद की कीमत के बराबर की दवा भी दी जाती है। दुकानदारों की मनमर्जी चल रही है। कृषि विभाग केवल दावों तक सीमित है। सिफारिश के लोग पिछले दरवाजे से घुसकर यूरिया ले जा रहे हैं। खाद के लिए लाइन में लगे किसानों के लिए पीने के पानी तक का प्रबंध नहीं किया है। उधर किसानों के हंगामे को देखते हुए खाद वितरण करने से पहले सोसाइटी के कारिंदों को पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस कर्मचारियों ने किसानों को शांत किया। इसके बाद भी किसानों को खाद नहीं मिली।
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समालखा। धान के सीजन में यूरिया की किल्लत खत्म नहीं हो पा रही है। किसानों के साथ महिलाओं को भी यूरिया के लिए लाइन में लगना पड़ रहा है।
इस दौरान कई बार तनातनी का माहौल बना। पुलिस के पहरे में खाद दिया गया। नई अनाज मंडी स्थित न्यू को-ऑपरेटिव सोसाइटी में शनिवार को यूरिया पहुंचा। किसान यूरिया के लिए सुबह छह बजे लाइन में लग गए।
सुबह 10 बजे यूरिया मिलना शुरू हुआ। सोसाइटी के बाहर लाइन में लगे किसान ईश्वर नरायणा, केला देवी करहंस, मनीषा देवी गढ़ी छाज्जू, कपूर ढोड़पुर, रामफल व सिद्धा नारायणा ने बताया कि वे सुबह छह बजे से लाइन में खड़े हैं।
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बाजार में प्राइवेट दुकानों पर भी खाद आया है लेकिन प्राइवेट दुकानदार खाद लेने वाले किसान को कीटनाशक दवा भी लेने को कहते हैं। खाद की कीमत के बराबर की दवा भी दी जाती है। दुकानदारों की मनमर्जी चल रही है। कृषि विभाग केवल दावों तक सीमित है। सिफारिश के लोग पिछले दरवाजे से घुसकर यूरिया ले जा रहे हैं। खाद के लिए लाइन में लगे किसानों के लिए पीने के पानी तक का प्रबंध नहीं किया है। उधर किसानों के हंगामे को देखते हुए खाद वितरण करने से पहले सोसाइटी के कारिंदों को पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस कर्मचारियों ने किसानों को शांत किया। इसके बाद भी किसानों को खाद नहीं मिली।

सोसाइटी का गेट बंद होने के बाद यूरिया लेने के लिए लाइन में खड़ी महिलाएं। संवाद
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