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Panipat News: सफाई मुद्दे पर हंगामा, शिक्षा मंत्री का वीडियो आया सामने
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पानीपत। नगर निगम के हाउस की बैठक में सफाई पर पार्षदों ने खूब हंगामा किया। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। निगम अधिकारी तीन जोन में एजेंसी और एक जोन में निगम को सफाई देना चाहते थे।
अधिकारियों ने हाउस में इस प्रस्ताव को रखा तो सारे पार्षद पीछे हट गए। पार्षदों ने निगम के कर्मचारियों को अपने वार्ड देने से साफ मना कर दिया। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने किसी के सफाई के लिए न आने पर खुद ठेका लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि पार्षद चार महीने में अपना सिस्टम खड़ा कर लेंगे। ठेका कोई और नहीं लेगा तो वे ले लेंगे।
निगम अधिकारियों ने अंदरखाते वायरल वीडियो की जांच शुरू करा दी है। ऐसे में कई पर गाज भी गिर सकती है। दरअसल हाउस की बैठक 27 नवंबर को पुराना डीसी कैंप कार्यालय में की गई थी। जिसमें शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा और पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज भी पहुंचे थे। निगम अधिकारियों ने बंद कमरे में बैठक की थी। जिसमें सफाई का टेंडर देने का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद इसमें 11 और प्रस्ताव रखे गए।
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पार्षद बोले निगम के कर्मचारी नहीं चाहिए : पार्षद अशोक कटारिया ने कहा कि निगम ने शहर में सफाई के चार जोन बना रखे हैं। एक जोन में छह वार्ड लिए गए हैं। अधिकारी 20 से 26 वार्ड में सफाई निगम के कर्मचारियों से कराना चाहते थे। कोई भी पार्षद इसके लिए तैयार नहीं है। शहर में पिछले प्लान की तरह सफाई कराई जाएगी। वार्ड 21 के पार्षद संजीव दहिया ने कहा कि वार्ड में निगम के कर्मचारियों के चलते सफाई में दिक्कत रहती है। इनको सभी वार्डों में बराबर बांटकर काम करना चाहिए।
बातचीत के कुछ अंश : पार्षद संजीव दहिया कहा कि इस बार सफाई टेंडर लगेगा या नहीं। शिक्षा मंत्री ने जवाब दिया कि टेंडर तो लगेगा। पार्षद इसमें भागीदारी दर्ज कराएं। पार्षद संजीव दहिया ने फिर जवाब दिया कि किसी पार्षद के पास के पास लाइसेंस नहीं है। निगम आयुक्त ने कहा लाइसेंस वाले बाहर बैठे हैं। आपको उनका लाइसेंस दे देंगे। पार्षद नवल जिंदल ने कहा चार जोन में एजेंसी से ही सफाई का ठेका कराया जाएं। विधायक प्रमोद विज ने कहा कि पार्षदों की सीधी भागीदारी ठीक नहीं है। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा किसी और के नाम से टेंडर ले लेंगे। विधायक ने कहा फिर तो ठीक है। आयुक्त ने फिर कहा कि बाहर लाइसेंस वाले बैठे हैं। उनको लाइसेंस मिल जाएगा।
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अधिकारियों ने हाउस में इस प्रस्ताव को रखा तो सारे पार्षद पीछे हट गए। पार्षदों ने निगम के कर्मचारियों को अपने वार्ड देने से साफ मना कर दिया। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने किसी के सफाई के लिए न आने पर खुद ठेका लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि पार्षद चार महीने में अपना सिस्टम खड़ा कर लेंगे। ठेका कोई और नहीं लेगा तो वे ले लेंगे।
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निगम अधिकारियों ने अंदरखाते वायरल वीडियो की जांच शुरू करा दी है। ऐसे में कई पर गाज भी गिर सकती है। दरअसल हाउस की बैठक 27 नवंबर को पुराना डीसी कैंप कार्यालय में की गई थी। जिसमें शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा और पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज भी पहुंचे थे। निगम अधिकारियों ने बंद कमरे में बैठक की थी। जिसमें सफाई का टेंडर देने का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद इसमें 11 और प्रस्ताव रखे गए।
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पार्षद बोले निगम के कर्मचारी नहीं चाहिए : पार्षद अशोक कटारिया ने कहा कि निगम ने शहर में सफाई के चार जोन बना रखे हैं। एक जोन में छह वार्ड लिए गए हैं। अधिकारी 20 से 26 वार्ड में सफाई निगम के कर्मचारियों से कराना चाहते थे। कोई भी पार्षद इसके लिए तैयार नहीं है। शहर में पिछले प्लान की तरह सफाई कराई जाएगी। वार्ड 21 के पार्षद संजीव दहिया ने कहा कि वार्ड में निगम के कर्मचारियों के चलते सफाई में दिक्कत रहती है। इनको सभी वार्डों में बराबर बांटकर काम करना चाहिए।
बातचीत के कुछ अंश : पार्षद संजीव दहिया कहा कि इस बार सफाई टेंडर लगेगा या नहीं। शिक्षा मंत्री ने जवाब दिया कि टेंडर तो लगेगा। पार्षद इसमें भागीदारी दर्ज कराएं। पार्षद संजीव दहिया ने फिर जवाब दिया कि किसी पार्षद के पास के पास लाइसेंस नहीं है। निगम आयुक्त ने कहा लाइसेंस वाले बाहर बैठे हैं। आपको उनका लाइसेंस दे देंगे। पार्षद नवल जिंदल ने कहा चार जोन में एजेंसी से ही सफाई का ठेका कराया जाएं। विधायक प्रमोद विज ने कहा कि पार्षदों की सीधी भागीदारी ठीक नहीं है। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा किसी और के नाम से टेंडर ले लेंगे। विधायक ने कहा फिर तो ठीक है। आयुक्त ने फिर कहा कि बाहर लाइसेंस वाले बैठे हैं। उनको लाइसेंस मिल जाएगा।