फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Two hours of tension: The unruly crowd continued to act arbitrarily, leaving officers breathless.

तनाव के दो घंटे : बेकाबू भीड़ करती रही मनमानी, अटकी रही अफसरों की सांसें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 24 Feb 2026 03:05 AM IST
विज्ञापन
Two hours of tension: The unruly crowd continued to act arbitrarily, leaving officers breathless.
पानीपत। इंडियन ऑयल की पानीपत रिफाइनरी में हुए श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन में अधिकारियों की चूक भी काफी हद तक जिम्मेदर रही। अधिकारियों को भी इतने बड़े उग्र प्रदर्शन का अंदाजा नहीं था। गेट नंबर-1 पर शुरू हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद धीरे-धीरे स्थिति उग्र होती गई और हिंसक प्रदर्शन में तब्दील हो गई। श्रमिकों का आरोप है कि वह गेट नंबर-4 से निकलकर गेट नंबर-1 पर जाने लगे तो उन्हें रोक दिया गया। यही हिंसक प्रदर्शन की असली वजह रही। दो घंटे तक बेकाबू भीड़ मनमानी करती रही। इस दौरान अधिकारियों की सांस भी अटकी रही।
विज्ञापन

सुबह करीब 10 बजे कुछ श्रमिक गेट नंबर-1 पर प्रदर्शन करने के लिए पहुंचे थे। जहां से उन्हें सीआईएसएफ के जवानों ने भगा दिया। इसके बाद वह कुछ अन्य साथियों के साथ आए और गेट के सामने बैठ गए। इसके इस दौरान उन्हें हटाने का प्रयास किया गया तो किया टकराव की स्थिति बन गई। इसी बीच अंदर काम कर रहे कर्मचारियों को किसी ने सूचना दी कि बाहर श्रमिकों के साथ मारपीट हो गई। जिस पर श्रमिक काम बंद कर गेट नंबर-4 से निकलकर गेट-1 पर जाने लगे। लेकिन वहां पर तैनात जवानों ने उन्हें रोक दिया। भीड़ बढ़ने पर जवानों ने बल प्रयोग किया तो श्रमिकों ने का गुस्सा भड़क गया और भीड़ ने तोड़फोड़ शुरू कर दी। इसी बीच जवानों ने हवा में फायरिंग कर दी। गोली की आवाज सुनकर प्रदर्शन और अधिक उग्र हो गया और बेकाबू हुई श्रमिकों की भीड़ ने गाड़ियों में तोडफ़ोड़ शुरू कर दी और सीआईएसएफ के जवानों का भी दौड़ा लिया। बाद में अंदर से बैकअप फोर्स आया तो बल प्रयोग कर स्थिति को काबू किया जा सका।
विज्ञापन


बॉक्स
फोटो 33
दुकान हो गई बंद, बाहर पसरा सन्नाटा
सोमवार को जब श्रमिकों ने प्रदर्शन किया तो रिफाइनरी के आस-पास के क्षेत्र में भी तनाव की स्थिति बन गई। रिफाइनरी के सामने दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिर गए। सड़कों से लेकर क्वार्टरों तक सन्नाटा पसर गया। 10 बजे से शुरू हुआ प्रदर्शन 12 बजे पूरी तरह शांत हुआ। इन दो घंटों में अधिकारियों की सांस भी अटकी रही।
विज्ञापन
विज्ञापन



बॉक्स
नहीं था श्रमिकों का कोई नेता
प्रदर्शन की सबसे खास बात यह रही की पूरे प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों का कोई भी नेतृत्व नहीं कर रहा था। जिधर हल्ला होता भीड़ उधर ही चल देगी। खुद श्रमिकों ने बताया कि उनकी कोई यूनियन नहीं है। वह तो बस अपनी मांगों को लेकर एक साथ आए और प्रदर्शन शुरू कर दिया।
----
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed