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ट्रेन में पर्स खाली तो स्मार्ट फोन से करें भुगतान ए
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Wed, 28 Dec 2016 12:15 AM IST
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रेलवे स्टेश्ान
- फोटो : पानीपत
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अनुज शर्मा
पानीपत। अब पानीपत स्टेशन पर कुछ खाने के लिए कैश साथ होना जरूरी नहीं है। बस, आपके पास एक स्मार्टफोन और उसमे नेट होना जरूरी है। आपके पास ये दो हैं तो आप पानीपत स्टेशन पर कुछ भी खा या पी सकते हैं। बस आपके स्मार्टफोन में नेट और पेटीएम होना चाहिए।
पानीपत रेलवे स्टेशन के अधिकारियों ने वेंडरों के ठेकेदारों के माध्यम से स्टेशन पर खड़ी रेहड़ियों को कैशलेस कर दिया है।
स्टेशन अधीक्षक धीरज कपूर ने बताया कि रेलवे के उच्च अधिकारियों ने रेलवे परिसर को कैशलेस करने के आदेश दिए हैं। इसके बाद परिसर को कैशलेस करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। स्टेशन परिसर में करीब 30 से अधिक रेहड़ियां हैं। इनमें से अभी ट्रायल के लिए पांच रेहड़ियों पर पेटीएम लगाया है। इसका अच्छा रेस्पॉन्स मिल रहा है। अब कोई वेंडर ट्रेन में चाय बेच रहा है और यात्री के पास स्मार्टफोन है तो वह पेटीएम से भुगतान कर उपलब्ध सामान में से कुछ भी ले सकता है।
वेंडर भी कर रहे पेटीएम का उपयोग
चाय और अन्य सामान बेचने वाले वेंडर भी पेटीएम का उपयोग कर रहे हैं। यात्रियों का भुगतान सीधे वेंडर के खाते में पहुंच रहा है।
सबसे पहले चाय, पकौड़े वाले हुए कैशलेस
नोटबंदी के बाद से जिला प्रशासन सरकारी कार्यालयों और सरकारी अस्पतालों को कैशलेस करने में जुटा है। लेकिन, अभी इसके प्रयास ही चल रहे हैं। नोटबंदी बाद रेलवे स्टेशन पर सबसे पहले चाय, पकौड़े बेचने वाले कैशलेस हुए हैं। अब वेंडर भी ट्रेनों में यात्रियों से पेटीएम से भुगतान ले रहे हैं।
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रेलवे परिसर को कैशलेस करने के लिए यह एक पहल है। इसके लिए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। वेंडरों की कमाई पर भी नोबंदी का असर नहीं पड़ेगा। अभी तक पांच रेहड़ियों पर ही पेटीएम स्टीकर लगाया है। इसकी संख्या धीरे-धीरे बढ़ाई जाएगी।
धीरज कपूर, स्टेशन अधीक्षक, रेलवे स्टेशन पानीपत।
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पानीपत। अब पानीपत स्टेशन पर कुछ खाने के लिए कैश साथ होना जरूरी नहीं है। बस, आपके पास एक स्मार्टफोन और उसमे नेट होना जरूरी है। आपके पास ये दो हैं तो आप पानीपत स्टेशन पर कुछ भी खा या पी सकते हैं। बस आपके स्मार्टफोन में नेट और पेटीएम होना चाहिए।
पानीपत रेलवे स्टेशन के अधिकारियों ने वेंडरों के ठेकेदारों के माध्यम से स्टेशन पर खड़ी रेहड़ियों को कैशलेस कर दिया है।
स्टेशन अधीक्षक धीरज कपूर ने बताया कि रेलवे के उच्च अधिकारियों ने रेलवे परिसर को कैशलेस करने के आदेश दिए हैं। इसके बाद परिसर को कैशलेस करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। स्टेशन परिसर में करीब 30 से अधिक रेहड़ियां हैं। इनमें से अभी ट्रायल के लिए पांच रेहड़ियों पर पेटीएम लगाया है। इसका अच्छा रेस्पॉन्स मिल रहा है। अब कोई वेंडर ट्रेन में चाय बेच रहा है और यात्री के पास स्मार्टफोन है तो वह पेटीएम से भुगतान कर उपलब्ध सामान में से कुछ भी ले सकता है।
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वेंडर भी कर रहे पेटीएम का उपयोग
चाय और अन्य सामान बेचने वाले वेंडर भी पेटीएम का उपयोग कर रहे हैं। यात्रियों का भुगतान सीधे वेंडर के खाते में पहुंच रहा है।
सबसे पहले चाय, पकौड़े वाले हुए कैशलेस
नोटबंदी के बाद से जिला प्रशासन सरकारी कार्यालयों और सरकारी अस्पतालों को कैशलेस करने में जुटा है। लेकिन, अभी इसके प्रयास ही चल रहे हैं। नोटबंदी बाद रेलवे स्टेशन पर सबसे पहले चाय, पकौड़े बेचने वाले कैशलेस हुए हैं। अब वेंडर भी ट्रेनों में यात्रियों से पेटीएम से भुगतान ले रहे हैं।
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रेलवे परिसर को कैशलेस करने के लिए यह एक पहल है। इसके लिए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। वेंडरों की कमाई पर भी नोबंदी का असर नहीं पड़ेगा। अभी तक पांच रेहड़ियों पर ही पेटीएम स्टीकर लगाया है। इसकी संख्या धीरे-धीरे बढ़ाई जाएगी।
धीरज कपूर, स्टेशन अधीक्षक, रेलवे स्टेशन पानीपत।