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Panipat News: आज का दिन भारी, डॉक्टर के साथ एनएचएम के 350 कर्मचारी भी हड़ताल पर
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पानीपत। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के साथ अब नेशनल हेल्थ मिशन के कर्मचारियों ने भी चार दिन की हड़ताल पर जाने का फैसला कर दिया है। अब ऐसे में आज का दिन जिले पर भारी पड़ सकता है। डॉक्टरों के हड़ताल पर होने से स्वास्थ्य केंद्रों में पोस्टमार्टम नहीं होंगे, डिलीवरी सेवाएं भी बंद रखी जाएंगी। इमरजेंसी व ओपीडी भी बंद रहेगी। एनएचएम के 350 कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से एंबुलेंस का पहिया रुक जाएगा। सड़क हादसों में घायल लोगों व गर्भवतियों को घर से लेने एंबुलेंस नहीं जाएंगी। अब सिविल सर्जन कार्यालय भी ठप होगा। यहां कागजी काम की जिम्मेदारी एनएचएम पर थी।
जिला नागरिक अस्पताल में वीरवार को जारी रही बाल व हड्डी रोग की ओपीडी भी बंद हो जाएगी। एनएचएम संघ के जिलाध्यक्ष अमित मलिक ने कहा कि एनएचएम कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ हैं। एनएचएम के अंतर्गत डॉक्टर, नर्सिंग ऑफिसर, फार्मासिस्ट, लैब टैक्निशयन, सामाजिक कार्यकर्ता, क्लर्क, डाटा एंट्री ऑपरेशन, एंबुलेंस चालक समेत तमाम कर्मचारी कार्यरत हैं। कई कई साल से वह एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत हैं। आज तक उनको सातवां पे स्केल नहीं दिया गया है। वह सालों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष करते आए हैं। कोरोना काल में कई कर्मचारियों ने काम करते हुए अपनी जान तक गवां दी थी। स्वास्थ्य विभाग पूर्ण रूप से एनएचएम कर्मचारियों पर निर्भर है लेकिन उनका शोषण हो रहा है। उनकी मांग है कि उन्हें सातवां पे स्केल दिया जाए। उनको पक्का किया जाए, ईएल , चिकित्सा सुविधा, सेवानिवृति पर ग्रेज्युटी व नौकरी की सुरक्षा जाए। सरकार ने उनके साथ अन्याय किया है अब वह चार दिन की हड़ताल पर रहेंगे।
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एसएनसीयू वार्ड में दाखिल हैं 12 नवजात
एसएनसीयू वार्ड की जिम्मेदारी तीन एनएचएम के डॉक्टरों पर हैं। यहां पर 12 नवजात दाखिल हैं। अब यह डॉक्टर भी चार दिन की हड़ताल पर होंगे। यहां बड़ी मुसीबत खड़ी हो सकती है।
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एक्स रे सेवाएं भी रहेंगी बंद
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. वैभव गुलाटी भी शुक्रवार को अपनी सेवाएं नहीं दे पाएंगे। इसलिए शुक्रवार को एक्स रे की सेवाएं भी पूर्ण रूप से बंद होंगी। अल्ट्रासाउंड की सेवाएं भी बंद रहेंगी।
एनसी मेडिकल कॉलेज से बुलाए जा सकते हैं डॉक्टर
सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने एनसी मेडिकल कॉलेज के प्रबंधन को वहां से 20 डॉक्टर भेजने के निर्देश दिए हैं। एनसी मेडिकल कॉलेज से स्वास्थ्य विभाग का पहले से एमओयू साइन है।
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जिला नागरिक अस्पताल में वीरवार को जारी रही बाल व हड्डी रोग की ओपीडी भी बंद हो जाएगी। एनएचएम संघ के जिलाध्यक्ष अमित मलिक ने कहा कि एनएचएम कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ हैं। एनएचएम के अंतर्गत डॉक्टर, नर्सिंग ऑफिसर, फार्मासिस्ट, लैब टैक्निशयन, सामाजिक कार्यकर्ता, क्लर्क, डाटा एंट्री ऑपरेशन, एंबुलेंस चालक समेत तमाम कर्मचारी कार्यरत हैं। कई कई साल से वह एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत हैं। आज तक उनको सातवां पे स्केल नहीं दिया गया है। वह सालों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष करते आए हैं। कोरोना काल में कई कर्मचारियों ने काम करते हुए अपनी जान तक गवां दी थी। स्वास्थ्य विभाग पूर्ण रूप से एनएचएम कर्मचारियों पर निर्भर है लेकिन उनका शोषण हो रहा है। उनकी मांग है कि उन्हें सातवां पे स्केल दिया जाए। उनको पक्का किया जाए, ईएल , चिकित्सा सुविधा, सेवानिवृति पर ग्रेज्युटी व नौकरी की सुरक्षा जाए। सरकार ने उनके साथ अन्याय किया है अब वह चार दिन की हड़ताल पर रहेंगे।
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एसएनसीयू वार्ड में दाखिल हैं 12 नवजात
एसएनसीयू वार्ड की जिम्मेदारी तीन एनएचएम के डॉक्टरों पर हैं। यहां पर 12 नवजात दाखिल हैं। अब यह डॉक्टर भी चार दिन की हड़ताल पर होंगे। यहां बड़ी मुसीबत खड़ी हो सकती है।
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एक्स रे सेवाएं भी रहेंगी बंद
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. वैभव गुलाटी भी शुक्रवार को अपनी सेवाएं नहीं दे पाएंगे। इसलिए शुक्रवार को एक्स रे की सेवाएं भी पूर्ण रूप से बंद होंगी। अल्ट्रासाउंड की सेवाएं भी बंद रहेंगी।
एनसी मेडिकल कॉलेज से बुलाए जा सकते हैं डॉक्टर
सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने एनसी मेडिकल कॉलेज के प्रबंधन को वहां से 20 डॉक्टर भेजने के निर्देश दिए हैं। एनसी मेडिकल कॉलेज से स्वास्थ्य विभाग का पहले से एमओयू साइन है।