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सीखने की कोई उम्र नहीं होती : परुथी
Sat, 20 Sep 2025 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sat, 20 Sep 2025 12:26 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल में शुक्रवार को प्रेरणादायक भाषण का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पीसीसी एकेडमी के निदेशक डॉ. राजीव परुथी ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। सीनियर चिकित्सकों ने राजीव परुथी का बुके व स्मृति चिह्न देकर उनका स्वागत किया। मुख्य वक्ता ने कहा सीखने की कोई उम्र नहीं होती। हमें सीखते रहना चाहिए जिस प्रकार संसार में हर इंसान अपना अलग-अलग किरदार निभा रहे हैं उसी प्रकार हमें भी घर जाकर अपना किरदार निभाना चाहिए।
राजीव परुथी ने कहा कि संसार में भगवान के बाद दूसरा स्थान चिकित्सक का रखा गया है। हमें अपने जीवन की तरफ भी ध्यान देना चाहिए। एक अच्छे चिकित्सक की पहचान अच्छी दवा देना नहीं है। अच्छी मुस्कान के साथ मरीज से बात करना है उसे महसूस कराना है कि आप ठीक हो जाएंगे। एक अच्छा चिकित्सक अपने तजुर्बे, औजारों के साथ अच्छी वाणी से भी पहचाना जाता है। एमएस डॉ. श्यामलाल ने कहा कि आज का युग 21वीं सदी का युग है। हमें अपडेट रहना चाहिए। इस तरह के सेमिनार करवाने से एक जोश व सकारात्मक ऊर्जा का विकास होता है। इस मौके पर डॉ. केतन, डॉ. अमित, डॉ. सुनीता, डॉ. नीलम व रुचिका उपस्थित रही।
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पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल में शुक्रवार को प्रेरणादायक भाषण का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पीसीसी एकेडमी के निदेशक डॉ. राजीव परुथी ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। सीनियर चिकित्सकों ने राजीव परुथी का बुके व स्मृति चिह्न देकर उनका स्वागत किया। मुख्य वक्ता ने कहा सीखने की कोई उम्र नहीं होती। हमें सीखते रहना चाहिए जिस प्रकार संसार में हर इंसान अपना अलग-अलग किरदार निभा रहे हैं उसी प्रकार हमें भी घर जाकर अपना किरदार निभाना चाहिए।
राजीव परुथी ने कहा कि संसार में भगवान के बाद दूसरा स्थान चिकित्सक का रखा गया है। हमें अपने जीवन की तरफ भी ध्यान देना चाहिए। एक अच्छे चिकित्सक की पहचान अच्छी दवा देना नहीं है। अच्छी मुस्कान के साथ मरीज से बात करना है उसे महसूस कराना है कि आप ठीक हो जाएंगे। एक अच्छा चिकित्सक अपने तजुर्बे, औजारों के साथ अच्छी वाणी से भी पहचाना जाता है। एमएस डॉ. श्यामलाल ने कहा कि आज का युग 21वीं सदी का युग है। हमें अपडेट रहना चाहिए। इस तरह के सेमिनार करवाने से एक जोश व सकारात्मक ऊर्जा का विकास होता है। इस मौके पर डॉ. केतन, डॉ. अमित, डॉ. सुनीता, डॉ. नीलम व रुचिका उपस्थित रही।
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