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दुकान गिराने पहुंची टीम पुलिस नहीं मिली तो लौटी
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पानीपत। सेक्टर 11 के पास देवपुरी रोड पर हैदराबादी देवपुरी श्मशान समिति की विवादित 22 दुकानों पर अवैध कब्जा को गिराने मंगलवार को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की टीम पहुंची, लेकिन टीम को पुलिस बल नहीं मिल सका। इसके बाद टीम को बैरंग लौटना पड़ा। हालांकि एचएसवीपी के जेई ने थाना चांदनी बाग पुलिस ने पुलिस बल मांगा और काफी देर इंतजार के बाद खाली हाथ लौटना पड़ा। इस कार्रवाई के लिए एचएसवीपी की ओर से ड्यूटी मजिस्ट्रेट तक नियुक्त किया गया था। इसमें पब्लिक हेल्थ एसडीओ राकेश कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था।
बता दें कि दिसंबर 2020 में भी इन अवैैध कब्जो को गिराने आई टीम औपचारिकता पूरी कर लौट चुकी है। उस दौरान एक-दो दुकानों की दीवार और बाकी के सिर्फ शटर उखाड़े गए थे। एचएसवीपी के तत्कालीन इस्टेट आफिसर ने कहा था कि जल्दी ही इन दुकानों की नीलामी करवाई जाएगी। एचएसवीपी की ये कार्रवाई तो हुई नहीं बल्कि हैदराबादी श्मशान समिति ने फिर से इन दुकानों पर अवैध कब्जा शुरू कर दिया।
आसपास के लोगों ने बताया कि इस जमीन में पहले बच्चों को दफनाया जाता था। बाद में इसमें प्लॉट काटकर गरीबों को देने की योजना बनाई गई थी, लेकिन हैदराबादी श्मशान समिति ने इस जमीन में अवैध तरीके से 22 दुकानें बनाकर महंगे दामों में बेच डाली। वहीं समिति प्रधान ने कहा कि दुकानों पर कार्रवाई के संबंध में उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला। जबकि एचएसवीपी के जेई अमित कुमार ने बताया कि हैदराबादी श्मशान सोसायटी की 22 दुकानों पर दोबारा कब्जे की शिकायत मिली थी। इस पर दुकानों को गिराने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट व पुलिस सुरक्षा मांगी गई थी। पुलिस फोर्स न मिलने पर कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी। इसलिए टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा।
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बता दें कि दिसंबर 2020 में भी इन अवैैध कब्जो को गिराने आई टीम औपचारिकता पूरी कर लौट चुकी है। उस दौरान एक-दो दुकानों की दीवार और बाकी के सिर्फ शटर उखाड़े गए थे। एचएसवीपी के तत्कालीन इस्टेट आफिसर ने कहा था कि जल्दी ही इन दुकानों की नीलामी करवाई जाएगी। एचएसवीपी की ये कार्रवाई तो हुई नहीं बल्कि हैदराबादी श्मशान समिति ने फिर से इन दुकानों पर अवैध कब्जा शुरू कर दिया।
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आसपास के लोगों ने बताया कि इस जमीन में पहले बच्चों को दफनाया जाता था। बाद में इसमें प्लॉट काटकर गरीबों को देने की योजना बनाई गई थी, लेकिन हैदराबादी श्मशान समिति ने इस जमीन में अवैध तरीके से 22 दुकानें बनाकर महंगे दामों में बेच डाली। वहीं समिति प्रधान ने कहा कि दुकानों पर कार्रवाई के संबंध में उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला। जबकि एचएसवीपी के जेई अमित कुमार ने बताया कि हैदराबादी श्मशान सोसायटी की 22 दुकानों पर दोबारा कब्जे की शिकायत मिली थी। इस पर दुकानों को गिराने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट व पुलिस सुरक्षा मांगी गई थी। पुलिस फोर्स न मिलने पर कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी। इसलिए टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा।
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