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गुरु सेठ प्रकाश की सरलता भुलाई नहीं जा सकती : रोहित मुनि
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संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। राजाखेड़ी गांव में विराजमान रोहित मुनि महाराज, श्रेयांश मुनि महाराज, रजत मुनि के चातुर्मास में रविवार को बैंक्वेट हाॅल में प्रवचन हुए। रोहित मुनि महाराज ने बताया कि सेठ महाराज की खासियत सरलता थी और जीवन की सादगी ऊंची थी। वे अपने सभी श्रावकों पर बराबर दृष्टि रखते थे। वे किसी में भी भेदभाव नहीं करते थे। जो भी पीड़ित आता उसकी पीड़ा का समाधान कर देते थे।
महाराज साहब के अंदर की जागृति भी कमाल की थी उनकी कृपा से भक्तों का कायाकल्प हो गया। उनके पास लोग दुख से पीड़ित रोते हुए आते और हंसते हुए जाते थे। श्रेयांश मुनि महाराज ने कहा कि सेठ महाराज में ममता की भावना भी थी। हमेशा अपने श्रावकों को ममता भाव से मिलते थे। सेक्टर 11-12 से श्रावक अभिषेक जैन ने गीत गुरुवर सेठ प्रकाश नहीं अब बीच रहे अपने, अब तक न हुआ विश्वास नहीं अब बीच नहीं रहे अपने... प्रस्तुत किया।
राजाखेड़ी से मुकेश वर्मा ने, माया तेरी बहुत कठिन है राम रंग, मांस, हड्डी के ढेर पर मढ़ा हुआ है चाम...। देख उसकी सुंदरता हो जाती तेरी नींद हराम... प्रस्तुत किया। राजाखेड़ी से श्रावक संजय जैन ने सेठ गुरुवर मेरे सदा मस्तक तेरे चरणों में झुकाऊंगा, तेरी सूरत मुझे बड़ी प्यारी लगे इस दिल में बसा लूंगा... प्रस्तुत किया।
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पानीपत। राजाखेड़ी गांव में विराजमान रोहित मुनि महाराज, श्रेयांश मुनि महाराज, रजत मुनि के चातुर्मास में रविवार को बैंक्वेट हाॅल में प्रवचन हुए। रोहित मुनि महाराज ने बताया कि सेठ महाराज की खासियत सरलता थी और जीवन की सादगी ऊंची थी। वे अपने सभी श्रावकों पर बराबर दृष्टि रखते थे। वे किसी में भी भेदभाव नहीं करते थे। जो भी पीड़ित आता उसकी पीड़ा का समाधान कर देते थे।
महाराज साहब के अंदर की जागृति भी कमाल की थी उनकी कृपा से भक्तों का कायाकल्प हो गया। उनके पास लोग दुख से पीड़ित रोते हुए आते और हंसते हुए जाते थे। श्रेयांश मुनि महाराज ने कहा कि सेठ महाराज में ममता की भावना भी थी। हमेशा अपने श्रावकों को ममता भाव से मिलते थे। सेक्टर 11-12 से श्रावक अभिषेक जैन ने गीत गुरुवर सेठ प्रकाश नहीं अब बीच रहे अपने, अब तक न हुआ विश्वास नहीं अब बीच नहीं रहे अपने... प्रस्तुत किया।
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राजाखेड़ी से मुकेश वर्मा ने, माया तेरी बहुत कठिन है राम रंग, मांस, हड्डी के ढेर पर मढ़ा हुआ है चाम...। देख उसकी सुंदरता हो जाती तेरी नींद हराम... प्रस्तुत किया। राजाखेड़ी से श्रावक संजय जैन ने सेठ गुरुवर मेरे सदा मस्तक तेरे चरणों में झुकाऊंगा, तेरी सूरत मुझे बड़ी प्यारी लगे इस दिल में बसा लूंगा... प्रस्तुत किया।
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