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घर बचाने के लिए हाईकोर्ट जाएंगे

Sat, 05 Oct 2013 11:59 PM IST
अमर उजाला, पानीपत
अमर उजाला, पानीपत Updated Sat, 05 Oct 2013 11:59 PM IST
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The High Court will save home
पानीपत के किलावासी अपना आशियाना बचाने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और याचिकाकर्ता को भी पार्टी बनाएंगे। इस पर किलेवासी एकजुट हो गए हैं और रविवार को बैठक में फैसलों पर मुहर लगा देंगे।
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इसी बीच मेयर भूपेंद्र सिंह और नगर सुधार मंडल के पूर्व चेयरमैन मुकेश टुटेजा लोगों के बीच पहुंचे और उनको बसाने में सहयोग करने का भरोसा दिलाया है।

किलेवासी शनिवार को एकजुट हुए और नगर निगम की ओर से हाईकोर्ट के नाम पर मकान खाली कराने के नोटिस पर विचार किया। सभी लोगों ने निगम के इस कदम पर रोष व्यक्त किया और हाईकोर्ट का रुख करने का फैसला लिया। लोगों का कहना है कि उन्होंने बड़ी मुश्किल से यहां घर बनाए हैं। इनको किसी भी सूरत में खाली नहीं करेंगे।
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मेयर और पूर्व चेयरमैन ने बढ़ाया हौसला
नगर निगम के मेयर भूपेंद्र सिंह और नगर सुधार मंडल के पूर्व चेयरमैन मुकेश टुटेजा शनिवार को दोपहर किले पर पहुंचे और स्थानीय लोगों से निगम के नोटिस मिलने के बारे में बातचीत की। किले के आक्रोशित लोगों ने अनदेखी बरते जाने पर रोष व्यक्त किया और काफी देर तक अपना पक्ष रखा। मेयर भूपेंद्र सिंह और मुकेश टुटेजा ने कहा कि सरकार और निगम लोगों को बसाने के लिए है, उनको उजाड़ने के लिए नहीं है। वे उनके साथ हैं और उनका पूरा सहयोग करेंगे। किलेवासी अपना पक्ष हाईकोर्ट में भी रखें।
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उनके पूर्वज देश के बंटवारे के समय यहां पर आए थे और किले पर बस गए थे। उन्होंने बोली पर यह जमीन ली थी और उनके नाम निगम की ओर से कराई गई रजिस्ट्री है। वे अपने मकान को खाली नहीं करेंगे।
दीपक अरोड़ा, स्थानीय निवासी

महंगाई के दौर में दो समय का खाना बड़ी मुश्किल से जुटा पाते हैं। ऐसे में मकान को तोड़कर बनाना बड़ा मुश्किल होगा। वे अपनी पूरी उम्र ऐसा मकान नहीं बना सकेंगे। उनके पास मकान के पक्के सुबूत हैं।
प्रदीप भराड़ा, स्थानीय निवासी

नगर निगम लगातार नोटिस दिए जा रही है। ऐसे में लोगों की चिंता बढ़ रही है। वे पहले भी अपना पक्ष रख चुके हैं। हाईकोर्ट को स्थिति देखकर इस तरह के कदम उठाने चाहिए।
सतीश छाबड़ा, स्थानीय निवासी

कोई भी व्यक्ति रजिस्ट्री होने के बाद उक्त प्रॉपर्टी का मालिक बन जाता है। उनके पास निगम की रजिस्ट्री है। तहसील में रजिस्ट्री नियमानुसार की गई है। ऐसे में वे कब्जाधारी नहीं हैं और उनको कब्जाधारी बताना गलत है।  

राजकुमार शर्मा, स्थानीय निवासी

ये है मामला
किले की 54 एकड़ में से अधिकतर पर कब्जा है और समान नागरिक संहिता अभियान के संयोजक नेमचंद जैन इसको लेकर हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम को कब्जा हटवाने के आदेश दिए और छह नवंबर तक रिपोर्ट देने की कही। इसके बाद नगर निगम ने ऐसे 253 लोगों को नोटिस देने शुरू कर दिए। नगर निगम द्वारा अब तक 108 लोगों को नोटिस थमाए जा चुके हैं।



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