{"_id":"68f54741e23c7556e008036c","slug":"the-health-insurance-company-will-have-to-pay-the-cost-of-treatment-panipat-news-c-244-1-pnp1012-145773-2025-10-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: स्वास्थ्य बीमा कंपनी को देना होगा इलाज का खर्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: स्वास्थ्य बीमा कंपनी को देना होगा इलाज का खर्च
विज्ञापन
पानीपत। पुरानी चोट बताकर इलाज का खर्च देने से इन्कार करने पर जिला उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी की सेवा में कमी माना है। आयोग ने कंपनी को खर्च 79 हजार रुपये की राशि 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए हैं। साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए पांच हजार और मुकदमे में खर्च के लिए 5500 रुपये भी देने के आदेश दिए हैं।
घरौंडा की ज्योतिका देवी ने मार्च 2023 से मार्च 2024 तक की अवधि के लिए कंपनी से स्टार हेल्थ कंपनी से स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी ली थी। जून 2023 की रात वह सीढ़ियों से फिसलकर गिर गईं और दाहिने घुटने में गंभीर चोट लगने के बाद 12 जून को पानीपत के एक अस्पताल में भर्ती हुईं। उनका ऑपरेशन हुआ और वह 16 जून तक अस्पताल में रहीं। इलाज पर करीब 82 हजार रुपये खर्च हुए। इसके बाद उन्होंने बीमा कंपनी से क्लेम के लिए आवेदन किया। लेकिन बीमा कंपनी ने चोट को पुरानी बताकर दावे को खारिज कर दिया।
ज्योतिका देवी ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई। आयोग के अध्यक्ष डॉ. आरके डोगरा और सदस्य वीनित कौशिक ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि डिस्चार्ज समरी में कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि शिकायतकर्ता को पहले से कोई बीमारी या चोट थी। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
घरौंडा की ज्योतिका देवी ने मार्च 2023 से मार्च 2024 तक की अवधि के लिए कंपनी से स्टार हेल्थ कंपनी से स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी ली थी। जून 2023 की रात वह सीढ़ियों से फिसलकर गिर गईं और दाहिने घुटने में गंभीर चोट लगने के बाद 12 जून को पानीपत के एक अस्पताल में भर्ती हुईं। उनका ऑपरेशन हुआ और वह 16 जून तक अस्पताल में रहीं। इलाज पर करीब 82 हजार रुपये खर्च हुए। इसके बाद उन्होंने बीमा कंपनी से क्लेम के लिए आवेदन किया। लेकिन बीमा कंपनी ने चोट को पुरानी बताकर दावे को खारिज कर दिया।
विज्ञापन
ज्योतिका देवी ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई। आयोग के अध्यक्ष डॉ. आरके डोगरा और सदस्य वीनित कौशिक ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि डिस्चार्ज समरी में कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि शिकायतकर्ता को पहले से कोई बीमारी या चोट थी। ब्यूरो
विज्ञापन