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तय तारीख बीत गई... पर शुगर मिल का शुभारंभ न हुआ

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 21 Jan 2022 02:06 AM IST
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The due date has passed... but the sugar mill was not started
बापौली। गांव डाहर में बन रही शुगर मिल का शुभारंभ 25 दिसंबर 2021 में होना था लेकिन तय तारीख आई और चली गई पर शुगर मिल का शुभारंभ अब तक नहीं हो सका है। दूसरी ओर इससे परेशान किसानों ने सरकार और शुगर मिल का निर्माण कार्य करने वाली कंपनी को चेतावनी दी है कि 27 फरवरी तक शुगर मिल चालू हो या न हो वे गन्ना वहीं लेकर जाएंगे। इसका भुगतान भी उन्हीं से वसूलेंगे। इतना ही नहीं आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
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टकराव के ऐसे हालात तब हैं, जब जिले के गन्ना किसान लगातार कंपनी के अधिकारियों के संपर्क में रहकर मिल जल्द चालू करने का दबाव बनाए हुए हैं। किसानों का आरोप है कि सरकार इस मामले में उदासीन रवैया अपनाए हुए है। उसने अभी तक मिल चालू कराने के संबंध में चेतावनी भी नहीं दी है। उल्लेखनीय है कि पानीपत की शुगर मिल हरियाणा की सबसे पुरानी शुगर मिल थी। इसकी पेराई क्षमता मात्र 27 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई की थी जबकि जिले में मौजूदा समय में 50 लाख क्विंटल से ज्यादा गन्ने की पैदावार होती है।
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इसे देखते हुए 10 अक्तूबर 2016 को गांव डाहर में पंचायती जमीन पर नई शुगर मिल बनाने की आधारशिला तत्कालीन एवं मौजूदा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रखी थी। तय हुआ था कि 11 महीने में यह तैयार हो जाएगी और फिर इसका लाभ गन्ना किसानों को मिलेगा।
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इसके बाद नई शुगर मिल के लिए भूमि पूजन जनवरी 2017 में किया गया तथा 9 मार्च 2019 से निर्माण कार्य शुरू हुआ था। उस समय नई शुगर मिल चालू करने के लिए निर्माणाधीन कंपनी उत्तम स्करोटैक इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड को मात्र 11 महीने का समय दिया गया था लेकिन तब से लगातार तारीख पर तारीख बढ़ती गई लेकिन मिल का शुभारंभ अभी तक नहीं हो सका। अब दावा है कि फरवरी में यह शुरू हो जाएगी।
नई शुगर मिल की पेराई क्षमता 50 लाख क्विंटल गन्ने की है लेकिन लगातार लेटलतीफी से परेशान किसानों ने मिल जल्द चालू नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दे दी है। इस संबंध में मंगलवार को इसराना में किसानों ने बैठक कर दोटूक कह दिया है कि मिल फरवरी तक शुरू नहीं की गई तो जोरदार आंदोलन किया जाएगा।
गन्ना किसानों में रोष
जिले में इस बार हजारों किसानों ने करीब 70 लाख क्विंटल गन्ना बोया है। इसे लेकर गन्ना किसानों में चिंता है कि समय पर शुगर मिल के चालू नहीं होने पर वे अपना गन्ना कहां लेकर जाएंगे। इसलिए गन्ना किसान न केवल अपनी खड़ी गन्ने की फसल को लेकर परेशान है बल्कि सरकार से भी नाराज हैं। किसानों का आरोप है कि भाजपा सरकार किसानों की हितैषी नहीं है। वर्ष 2024 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा था और 11 महीने में होने वाले शुगर मिल का निर्माण तीन साल में भी नहीं हो पाया। किसानों ने चेतावनी दी है कि मिल चालू हो या न हो वे 27 फरवरी को नए शुगर मिल में अपनी गन्नों से भरी ट्रॉलियां लेकर पहुंचेंगे।

26 फरवरी तक चालू करने की उम्मीद
वे स्वयं निर्माण कार्य का हर रोज निरीक्षण कर रहे हैं। उनका पूरा प्रयास है कि 26 फरवरी तक शुगर मिल का चालू करा दी जाए ताकि किसानों को कोई परेशानी न हो। -नवदीप सिंह, एमडी, शुगर मिल।
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