{"_id":"688402155ab95c6cdb08d8d4","slug":"the-department-is-strict-on-not-teaching-from-the-material-of-the-directorate-panipat-news-c-244-1-sknl1016-140888-2025-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: निदेशालय की सामग्री से पढ़ाई न करवाने पर विभाग सख्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: निदेशालय की सामग्री से पढ़ाई न करवाने पर विभाग सख्त
Sat, 26 Jul 2025 03:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sat, 26 Jul 2025 03:45 AM IST
विज्ञापन
पानीपत। शिक्षा विभाग की ओर से राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं में बच्चों को दक्ष बनाने के लिए निपुण हरियाणा मिशन चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत विभाग ने शिक्षकों को स्कूलों में पढ़ाने और बच्चों को विषयों के बारे में समझाने के लिए विशेष पठन सामग्री प्रदान की है लेकिन शिक्षक कक्षाओं में इसका प्रयोग नहीं कर रहे हैं। पढ़ाई के लिए वे पहले की पठन सामग्री का प्रयोग कर रहे हैं। विभाग अब इसके लिए सख्त हो गया है। विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने पत्र जारी कर इसका कारण पूछा है।
निपुण हरियाणा मिशन के तहत पहली से तीसरी कक्षा के बच्चों के लिए शिक्षकों को विशेष शिक्षक नोट्स (हैंडआउट) दिए गए थे। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक क्रियान्वयन करने के साथ बच्चों के अधिगम स्तर को बेहतर करना था। प्राथमिक पाठशालाओं में विभाग की इस सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। इसके बाद अब निदेशालय ने पत्र जारी कर इसकी जानकारी मांगी है। निदेशालय ने जिला विभाग से हैंडआउट का प्रयोग न करने वाले शिक्षकों का ब्योरा मांगा है। निदेशालय ने खंड अनुसार ऐसे शिक्षकों के नाम व जानकारी मांगी है।
राजकीय पाठशालाओं में बच्चों को निजी स्कूलों के विद्यार्थियों की तरह दक्ष बनाने के लिए विभाग शिक्षा में नवाचार का प्रयोग कर रहा है। इसके तहत अंतर्गत अध्यापन में कई तरह के प्रयोग किए जा रहे हैं। हैंडआउट भी इसका एक प्रकार है। इसका प्रयोग कर शिक्षक बच्चों को विभिन्न विषय आसानी से पढ़ा सकते हैं। इससे बच्चों को भी जल्दी समझ आएगा जिसके अभ्यास से बच्चों में दक्षता आएगी।
विज्ञापन
बच्चों की नींव मजबूत करना जरूरी
शिक्षा विभाग के विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों में पढ़ने की कला का विकास बचपन से ही किया जा सकता है। इससे आगे की पढ़ाई उसे बोझ नहीं लगेगी और विद्यार्थियों को शब्दों, वस्तुओं व अन्य सभी चीजों की जानकारी होने से विषय आसानी से समझ आएगा। इसके लिए बच्चों की नींव मजबूत करना जरूरी है। शिक्षकों के कक्षा में हैंडआउट नोट का प्रयोग करने से बच्चों के पढ़ने, लिखने, गणना व समझने की क्षमता में सुधार आएगा। इसी को ध्यान में रखकर ये नोट्स तैयार किए गए हैं।
वर्जन-
निदेशालय की ओर से शिक्षकों का पढ़ाने के लिए विशेष सामग्री प्रदान की गई है। काफी शिक्षकों ने इस सामग्री का प्रयोग नहीं किया है। अब निदेशालय ने ऐसे शिक्षकों की जानकारी मांगी है। विभाग को इसकी कोई सटीक जानकारी नहीं है। इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को ब्योरा तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
- राकेश बूरा, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।
विज्ञापन
निपुण हरियाणा मिशन के तहत पहली से तीसरी कक्षा के बच्चों के लिए शिक्षकों को विशेष शिक्षक नोट्स (हैंडआउट) दिए गए थे। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक क्रियान्वयन करने के साथ बच्चों के अधिगम स्तर को बेहतर करना था। प्राथमिक पाठशालाओं में विभाग की इस सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। इसके बाद अब निदेशालय ने पत्र जारी कर इसकी जानकारी मांगी है। निदेशालय ने जिला विभाग से हैंडआउट का प्रयोग न करने वाले शिक्षकों का ब्योरा मांगा है। निदेशालय ने खंड अनुसार ऐसे शिक्षकों के नाम व जानकारी मांगी है।
विज्ञापन
राजकीय पाठशालाओं में बच्चों को निजी स्कूलों के विद्यार्थियों की तरह दक्ष बनाने के लिए विभाग शिक्षा में नवाचार का प्रयोग कर रहा है। इसके तहत अंतर्गत अध्यापन में कई तरह के प्रयोग किए जा रहे हैं। हैंडआउट भी इसका एक प्रकार है। इसका प्रयोग कर शिक्षक बच्चों को विभिन्न विषय आसानी से पढ़ा सकते हैं। इससे बच्चों को भी जल्दी समझ आएगा जिसके अभ्यास से बच्चों में दक्षता आएगी।
विज्ञापन
बच्चों की नींव मजबूत करना जरूरी
शिक्षा विभाग के विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों में पढ़ने की कला का विकास बचपन से ही किया जा सकता है। इससे आगे की पढ़ाई उसे बोझ नहीं लगेगी और विद्यार्थियों को शब्दों, वस्तुओं व अन्य सभी चीजों की जानकारी होने से विषय आसानी से समझ आएगा। इसके लिए बच्चों की नींव मजबूत करना जरूरी है। शिक्षकों के कक्षा में हैंडआउट नोट का प्रयोग करने से बच्चों के पढ़ने, लिखने, गणना व समझने की क्षमता में सुधार आएगा। इसी को ध्यान में रखकर ये नोट्स तैयार किए गए हैं।
वर्जन-
निदेशालय की ओर से शिक्षकों का पढ़ाने के लिए विशेष सामग्री प्रदान की गई है। काफी शिक्षकों ने इस सामग्री का प्रयोग नहीं किया है। अब निदेशालय ने ऐसे शिक्षकों की जानकारी मांगी है। विभाग को इसकी कोई सटीक जानकारी नहीं है। इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को ब्योरा तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
- राकेश बूरा, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।