फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   The court dismissed the petitioner's appeal, saying there was no evidence that the testators were not alive.

Panipat News: याचिकाकर्ता की अपील खारिज कोर्ट ने कहा-वसीयतदारों का जीवित न होने का सबूत नहीं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Nov 2025 02:17 AM IST
विज्ञापन
The court dismissed the petitioner's appeal, saying there was no evidence that the testators were not alive.
अंबाला सिटी। अतिरिक्त सिविल जज (सीनियर डिवीजन) गीतांजलि गोयल की कोर्ट ने उत्तराधिकार प्रमाणपत्र के मामले में याचिकाकर्ताओं की अपील को खारिज कर दिया है।
विज्ञापन

कोर्ट ने यह फैसला इस आधार पर सुनाया कि याचिकाकर्ता, मृतक लज्जा राम के दो भाइयों (मोहिंदर सिंह और प्रेम सिंह) के कानूनी वारिस होने का पर्याप्त दस्तावेज सबूत पेश नहीं कर पाए, क्योंकि मोहिंदर सिंह और प्रेम सिंह के जीवित न होने का कोई दस्तावेजी प्रमाण नहीं था।
विज्ञापन

चंद्र शेखर और अन्य (पांच याचिकाकर्ता) बनाम जनरल पब्लिक और अन्य के मामले में यह याचिका भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 372 के तहत उत्तराधिकार प्रमाणपत्र के लिए दायर की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

याचिकाकर्ताओं ने मांग की कि उन्होंने इंडियन बैंक में लज्जा राम के नाम पर जमा लगभग 25,000 रुपये की एफडी और एक बैंक लॉकर को ऑपरेट करने के लिए उत्तराधिकार प्रमाणपत्र मांगा था। लज्जा राम का निधन दिसंबर 2020 को हुआ था और उनकी पत्नी जयवंती का निधन उनसे पहले जून 2013 को हो गया था। उनकी कोई संतान नहीं थी। याचिकाकर्ताओं ने खुद को लज्जा राम का द्वितीय श्रेणी का कानूनी वारिस बताया था। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed