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देश को आज मिलेगा पहला स्टाइरिन बुटाडाइन रबड़ प्लांट

Thu, 28 Nov 2013 11:44 PM IST
अमर उजाला, पानीपत
अमर उजाला, पानीपत Updated Thu, 28 Nov 2013 11:44 PM IST
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The country will today Butadain first styrene rubber plant
पानीपत में स्टाइरिन बुटाडाइन रबर प्लांट का लोकार्पण आज होगा। यह देश का पहला और एशिया का सबसे बड़ा स्टाइरिन बुटाडाइन रबर प्लांट होगा।
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गांव बाल जाटान में करीब 60 एकड़ में लगने वाले प्लांट पर करीब 958 करोड़ रुपये का खर्च आया है। इसमें सालाना 120 किलो टन रबर का उत्पादन होगा।

यह प्लांट आईओसीएल, जापान की मरूबेनी और ताइवान की तीन कंपनियाें के सहयोग से बाल जाटान गांव में करीब 60 एकड़ पर लगा है। इस प्लांट में उत्पादन होने के बाद दूसरे देशों से विदेशी मुद्रा खर्च कर खरीदी जाने वाली कच्ची रबर के खर्च में कमी आएगी।

शुक्रवार को केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री डॉ. एम वीरप्पा मोइली लोकार्पण अवसर पर मुख्य अतिथि हाेंगे। इस मौके पर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस और वस्त्र उद्योग राज्य मंत्री पनबाका लक्ष्मी और सांसद डॉ. अरविंद शर्मा भी मौजूद रहेंगे।
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नेफ्था से मिलेगा बुटाडाइन
इस प्लांट में स्टाइरीन और बुटाडाइन को मिलाकर खास किस्म की रबर तैयार होगी। स्टाइरीन का कुछ हिस्सा पाराद्वीप और बाकी विदेशाें से आयात करना पडे़गा। जबकि बुटाडाइन की आपूर्ति नेफ्था क्रेकर, पानीपत से होगी। यह रबर टायर बनाने में इस्तेमाल होगी।
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टायर उद्योग मेें आएगी क्रांति
वर्तमान में स्टाइरीन बुटाडाइन रबड़ उत्पादन पर विश्व में कुछ ही कंपनियों का आधिपत्य है। अभी तक चीन और थाइलैंड से आयात करना पड़ रहा है। पानीपत में रबर प्लांट शुरू होने पर टायर इंडस्ट्री को कच्चा माल मिल सकेगा। देश में 2013 तक 210 किलो टन की जरूरत होती। इसमें से 120 किलो टन का उत्पादन पानीपत में होगा। यह रबर टायर और फैन बेल्ट बनाने में इस्तेमाल होगी।

54 करोड़ से लगी है प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली
इमल्शन स्टाइरीन बुटाडाइन रबड़ (ईएसबीआर) प्रोजेक्ट में प्रदूषण नियंत्रण प्रणालियों पर 53.31 करोड़ रुपये खर्च किए किए हैं। ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के लिए अत्याधुनिक ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली की ओर से रबड़ उत्पादन इकाई की चहारदीवारी के किसी भी बिंदु पर 70 डेसीबल से अधिक क्षमता की ध्वनि नहीं होगी। पर्यावरण संतुलन की दिशा में 19 एकड़ क्षेत्र में हरित पट्टी विकसित की गई है। जल संरक्षण और जल बचाव के लिए नहरी पानी और भूमिगत जल का कोई उपयोग नहीं होगा। अपशिष्ट जल को दोबारा संशोधित करने की प्रणालियां लगाई जाएगी। वर्षा जल संचयन के लिए 1600 घन मीटर क्षमता का संचयन टैंक लगाया जा रहा है।


दस हजार से अधिक को मिलेगा रोजगार
स्टाइरीन बुटाडाइन से निकलने वाली वेस्ट डोर मैट, फुटमैट और रबड़ से तैयार होने वाले कई उत्पाद में काम आएगी। इस वेस्ट पर पानीपत में डाउन स्ट्रीम इंडस्ट्री खड़ी होने की उम्मीद है। पेट्रो इंडस्ट्री से जुडे़ विशेषज्ञ वी. थामस, मुंबई मानते हैं कि पांच साल बाद डाउन स्ट्रीम इंडस्ट्री पूरी तरह से डेवलप हो जाएगी जिसमें 10 हजार से अधिक बेरोजगाराें को काम मिल सकेगा। जबकि स्टाइरीन बुटाडाइन प्लांट में 1100 से अधिक पद सृजित होंगे। इसमें आसपास के लोगाें को भी मौका मिल सकेगा।
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