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Panipat News: कपंनी का दावा-अवसाद की बीमारी नहीं थी कवर आयोग ने कहा इलाज खर्च का करना होगा भुगतान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 15 Feb 2026 02:36 AM IST
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The company claimed that depression was not covered and the commission said that the treatment expenses would have to be paid.
पानीपत। जिला उपभोक्ता आयोग ने स्वास्थ्य बीमा क्लेम के मामले में सुनवाई करते हुए ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाया है। कंपनी ने बीमा पॉलिसी के दौरान डिप्रेशन की बीमारी छिपाने का दावा करते हुए 3.33 लाख रुपये के खर्च का क्लेम खारिज कर दिया था। सुनवाई के बाद आयोग ने माना कि बीमारी का खर्च वास्तविक है। कंपनी को छह प्रतिशत ब्याज की दर से खर्च का भुगतान करना होगा।
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पंजाब के पटियाला के रमेश कुमार ने पानीपत जिला उपभोक्ता आयोग में याचिका दाखिल की थी। उनका कहना था कि उन्होंने पत्नी के इलाज के लिए स्टार हेल्थ कंपनी से स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी ले रखी थी। सितंबर 2021 में उनकी पत्नी को पेट दर्द, अवसाद व अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण पटियाला के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर उपचार में करीब 3,33,425 रुपये खर्च हुए। खर्च के लिए बीमा कंपनी को अनुरोध भेजा गया, लेकिन कंपनी ने क्लेम स्वीकृत नहीं किया।
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कंपनी ने दावा किया है कि मरीज पूर्व से अवसाद (डिप्रेशन) और लिवर संबंधी बीमारी से पीड़ित थी, जिसे पॉलिसी लेते समय छिपाया गया। कंपनी का तर्क था कि अवसाद की बीमारी पॉलिसी की शर्तों के तहत कवर नहीं होती, इसलिए क्लेम खारिज किया गया। वहीं, शिकायतकर्ता ने कहा कि उनकी पत्नी को डिप्रेशन की कोई स्थायी बीमारी नहीं थी और न ही कोई तथ्य छिपाया गया। सभी जरूरी दस्तावेज और मेडिकल रिकॉर्ड समय पर कंपनी को उपलब्ध कराए गए थे, इसके बावजूद क्लेम अस्वीकार कर दिया गया। मामले की सुनवाई करते हुए आयोग के चेयरमैन डॉ. आरके डोगरा ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माना कि बीमा कंपनी पूर्व रोग का ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सकी।
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आयोग ने कहा कि बीमा अवधि के दौरान मरीज का इलाज हुआ और खर्च वास्तविक था, ऐसे में क्लेम खारिज करना सेवा में कमी है। आयोग ने कंपनी को आदेश दिया कि वह 3,33,425 रुपये की राशि 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा करे, इसके अतिरिक्त 5,000 रुपये मानसिक पीड़ा और 5,500 रुपये वाद व्यय के रूप में भी देने होंगे।
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