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चौथी बार लाई गई टेक्सटाइल पॉलिसी, उद्यमियों से मांगे सुझाव

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 08 Mar 2022 01:59 AM IST
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Textile policy brought for the fourth time, suggestions sought from entrepreneurs
पानीपत। मीटिंग के दौरान जानकारी देते डीजीपी अमनीत व साथ में मंच पर मौजूद उद्योगपति व अन्य। - फोटो : Panipat
पानीपत। लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम विभाग फिर से टेक्सटाइल पॉलिसी लेकर आया है। इससे पहले वर्ष 2016, 2017 और 2019 में टेक्सटाइल पॉलिसी कैंसल हो चुकी है, जिससे उद्यमियों में रोष था। अब सरकार टेक्सटाइल पॉलिसी-2021 उद्यमियों के बीच लेकर पहुंची है। इस संबंध में सोमवार को होटल गोल्ड में एमएसएमई के डीजी अमनीत पी कुमार ने वाणिज्य विभाग के अधिकारियों एवं उद्यमियों के साथ चर्चा की। इस मौके पर उद्यमियों ने मांग रखी कि उन्हें सस्ती भूमि मिले और पानीपत को एनसीआर से बाहर किया जाए।
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डीजी ने उद्यमियों के सामने टेक्सटाइल पॉलिसी हरियाणा इंटरप्राइजेज एंड इम्प्लॉयमेंट-2021 और एमएसएमई स्कीम की जानकारी दी। उद्यमियों से सुझाव लिए। तीन घंटे चली वार्ता में उद्यमियों ने अधिकारियों के सामने तमाम समस्याएं रखीं। इनके समाधान का आश्वासन दिया गया। डीजी ने कहा कि कृषि के बाद एमएसएमई सबसे अधिक रोजगार देती है। हमारे सामने तकनीक, मार्केटिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर बड़ा मुद्दा है। इन तीनों दिशाओं पर काम करना होगा। सरकार का लक्ष्य राज्य में पांच लाख लोगों को रोजगार देना है। उत्पादन को बढ़ावा देकर उत्पादों को बढ़ाना है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्यमियों को निवेश के लिए प्रेरित करना है। ब्लॉक-ए के उद्योगों को अच्छा लाभ देना है। सरकार ने हाल में प्रदेश में 36 बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी है। सरकार जेएलडी प्रोजेक्ट लगाने पर उद्यमियों का सब्सिडी भी दे रही है। गुरुग्राम एवं सोनीपत की तर्ज पर पानीपत में टेक्सटाइल के क्लस्टर बनाए जाएंगे। क्लस्टर के अनुसार उद्योगों का विकास किया जाएगा। उद्यमियों को सोलर प्लांट लगाने पर भी अच्छी सब्सिडी दी जा रही है।
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आईआईटी इंस्टीट्यूट की तकनीक अपनाने पर सरकार देगी 50 लाख
लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम विभाग से आए उपेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार स्वदेशी तकनीकों को बढ़ावा दे रही है। आईआईटी इंस्टीट्यूट में बनी तकनीक को लागू करने पर सरकार 50 लाख रुपये की मदद करेगी। सरकार की प्राथमिकता श्रमिकों को ट्रेनिंग देना भी है।
स्कीमों के लिए लगाए सेमिनार
एमएसएमई की अधिकतर स्कीमों के बारे में उद्यमी जागरूक नहीं है, जिस वजह से फायदा नहीं उठा पा रहे। एमएसएमई विभाग सेमिनारों का आयोजन करें, जिससे उद्यमियों को जानकारी मिले। - श्रीभगवान अग्रवाल, प्रधान, सेक्टर-29 इंडस्ट्रीयल एस्टेट एसोसिएशन
सरकार पानीपत को एनसीआर से निकालें
अब पानीपत की सबसे बड़ी मांग शहर को एनसीआर से बाहर करने की है। एनसीआर में होने के कारण उद्यमियों को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। एमएसएमई विभाग पानीपत को एनसीआर से बाहर निकालने में मदद करें। - ललित गोयल , प्रधान, एक्सपोर्टर एसोसिएशन

सरकार सस्ती भूमि उपलब्ध कराए
शहर में भूमि बहुत महंगी है। एचएसआईआईडी ने सेक्टर को विकसित नहीं किया। अगर कोई उद्यमी नया प्लांट लगाना चाहता है तो उन्हें भूमि नहीं मिलती। जहां भूमि मिलती है वहां बहुत महंगी होती है। फैक्टरियों में फायर सिस्टम लगाने में सब्सिडी भी मिले। - प्रीतम सचदेवा, अध्यक्ष, पानीपत इंडस्ट्रियल एसोसिएशन

ॉनीपत। मीटिंग के दौरान मौजूद उद्योगपति।

ॉनीपत। मीटिंग के दौरान मौजूद उद्योगपति।- फोटो : Panipat

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