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दस ईंट भट्ठों को नोटिस
अमर उजाला, पानीपत
Updated Fri, 10 Jan 2014 12:12 AM IST
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आबादी के नजदीक स्थित ईंट भट्ठे जल्द ही शिफ्ट होंगे। इसके लिए खाद्य
आपूर्ति विभाग ने आबादी के पास आने वाले क्षेत्र के 10 भट्ठों को नोटिस
जारी कर दिए।
नोटिस मिलने के बाद भट्ठा संचालकों की परेशानी बढ़ गई हैं। विभाग ने कई माह पहले भी संबंधित भट्ठा संचालकों को नोटिस जारी कर आदेश जारी किए थे कि वे अपना पक्ष रख सकते हैं।
कोर्ट केे आदेशानुसार जो ईंट भट्ठे आबादी से तीन सौ मीटर के दायरे में आएंगे, उन्हें शिफ्ट करना होगा। समय सीमा के अंदर भट्ठा संचालकों ने शिफ्ट करने से संबंधित कोई कारगर कदम नहीं उठाया तो विभाग खुद ही भट्ठों को बंद कराएगा।
आदेशों की अवहेलना करने पर भट्ठा संचालकों को जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा पांच सौ मीटर की दूरी वाले भट्ठों को दो साल तक का समय दिया जा रहा है। दो साल बाद इस दायरे में आने वाले भट्ठा संचालकों को भी शिफ्ट करना होगा।
अगस्त माह तक रहेगा समय
भट्ठा संचालकों के पास आठ माह तक का समय है। इसी समय सीमा के दौरान ही भट्ठे शिफ्ट करने होंगे। नोटिस के माध्यम से चेताया गया है जो भी भट्ठा संचालक इसमें लापरवाही बरतेगा उस पर विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है। नोटिस पहुुंचने के बाद भट्ठा संचालकों की भी सांसेें फूल गई हैं। संचालकों ने डीएफएससी कार्यालय के चक्कर लगाने शुरू कर दिए हैं।
कोर्ट में जनहित याचिका की सुनवाई के बाद लिया फैसला। हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका में याचिकाकर्ता ने कहा गया था कि ईंट भट्ठों से निकलने वाला धुआं जहरीला होता है।
आबादी के नजदीक होने के कारण धुआं हर वक्त लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालता है। इससे अलावा आसपास के क्षेत्र की फसल भी खराब होती है।
याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने आदेश जारी किए हैं कि ऐेसे ईंट भट्ठों को या तो आबादी से दूर शिफ्ट किया जाए या फिर बंद किया जाए।
ईंट भट्ठे आबादी से दूर शिफ्ट होने के बाद लोगों को भारी राहत मिलेगी। इनके कारण ग्रामीणों को परेशानी होती है। भट्ठों से निकलने वाले धुएं व राखी ने लोगों का जीना मुश्किल कर रखा है।
भट्ठों से निकलने वाला धुआं लोगों के स्वास्थ्य पर गलत असर डालता है।
ये ईंट भट्ठे होंगे शिफ्ट
1. अरुण भट्ठा कंपनी, नौल्था
2. हरे कृष्णा भट्ठा कंपनी, ब्राह्मण माजरा
3. श्रीराम भट्ठा कंपनी, ब्राह्मण माजरा
4. राहुल भट्ठा कंपनी, अधमी
5. हनुमान भट्ठा कंपनी, बहरामपुर
6. अग्रवाल एसोसिएट, खोतपुरा
7. जैन भट्ठा कंपनी, खोतपुरा
8. उमेश भट्ठा कंपनी, जाटल
9. शिव भट्ठा कंपनी, सनौली खुर्द
10. लक्ष्मी भट्ठा कंपनी, भल्लौर
वर्जन
कोर्ट के आदेशानुसार आबादी के 300 और 500 मीटर के दायरे में आने वाले भट्ठों को शिफ्ट करने के आदेश दिए हैं। भट्ठा संचालकों को आठ माह तक का समय दिया है। इस दौरान भट्ठों को शिफ्ट नहीं किया तो विभाग खुद उन्हें बंद कराएगा और आदेशाें की अवहेलना करने पर संबंधित भट्ठा संचालकों पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
डीएस दून, डीएफएससी, पानीपत
नोटिस मिलने के बाद भट्ठा संचालकों की परेशानी बढ़ गई हैं। विभाग ने कई माह पहले भी संबंधित भट्ठा संचालकों को नोटिस जारी कर आदेश जारी किए थे कि वे अपना पक्ष रख सकते हैं।
कोर्ट केे आदेशानुसार जो ईंट भट्ठे आबादी से तीन सौ मीटर के दायरे में आएंगे, उन्हें शिफ्ट करना होगा। समय सीमा के अंदर भट्ठा संचालकों ने शिफ्ट करने से संबंधित कोई कारगर कदम नहीं उठाया तो विभाग खुद ही भट्ठों को बंद कराएगा।
आदेशों की अवहेलना करने पर भट्ठा संचालकों को जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा पांच सौ मीटर की दूरी वाले भट्ठों को दो साल तक का समय दिया जा रहा है। दो साल बाद इस दायरे में आने वाले भट्ठा संचालकों को भी शिफ्ट करना होगा।
अगस्त माह तक रहेगा समय
भट्ठा संचालकों के पास आठ माह तक का समय है। इसी समय सीमा के दौरान ही भट्ठे शिफ्ट करने होंगे। नोटिस के माध्यम से चेताया गया है जो भी भट्ठा संचालक इसमें लापरवाही बरतेगा उस पर विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है। नोटिस पहुुंचने के बाद भट्ठा संचालकों की भी सांसेें फूल गई हैं। संचालकों ने डीएफएससी कार्यालय के चक्कर लगाने शुरू कर दिए हैं।
कोर्ट में जनहित याचिका की सुनवाई के बाद लिया फैसला। हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका में याचिकाकर्ता ने कहा गया था कि ईंट भट्ठों से निकलने वाला धुआं जहरीला होता है।
आबादी के नजदीक होने के कारण धुआं हर वक्त लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालता है। इससे अलावा आसपास के क्षेत्र की फसल भी खराब होती है।
याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने आदेश जारी किए हैं कि ऐेसे ईंट भट्ठों को या तो आबादी से दूर शिफ्ट किया जाए या फिर बंद किया जाए।
ईंट भट्ठे आबादी से दूर शिफ्ट होने के बाद लोगों को भारी राहत मिलेगी। इनके कारण ग्रामीणों को परेशानी होती है। भट्ठों से निकलने वाले धुएं व राखी ने लोगों का जीना मुश्किल कर रखा है।
भट्ठों से निकलने वाला धुआं लोगों के स्वास्थ्य पर गलत असर डालता है।
ये ईंट भट्ठे होंगे शिफ्ट
1. अरुण भट्ठा कंपनी, नौल्था
2. हरे कृष्णा भट्ठा कंपनी, ब्राह्मण माजरा
3. श्रीराम भट्ठा कंपनी, ब्राह्मण माजरा
4. राहुल भट्ठा कंपनी, अधमी
5. हनुमान भट्ठा कंपनी, बहरामपुर
6. अग्रवाल एसोसिएट, खोतपुरा
7. जैन भट्ठा कंपनी, खोतपुरा
8. उमेश भट्ठा कंपनी, जाटल
9. शिव भट्ठा कंपनी, सनौली खुर्द
10. लक्ष्मी भट्ठा कंपनी, भल्लौर
वर्जन
कोर्ट के आदेशानुसार आबादी के 300 और 500 मीटर के दायरे में आने वाले भट्ठों को शिफ्ट करने के आदेश दिए हैं। भट्ठा संचालकों को आठ माह तक का समय दिया है। इस दौरान भट्ठों को शिफ्ट नहीं किया तो विभाग खुद उन्हें बंद कराएगा और आदेशाें की अवहेलना करने पर संबंधित भट्ठा संचालकों पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
डीएस दून, डीएफएससी, पानीपत