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Panipat News: तकनीकी दिक्कत, तीन जिलों में गुल रही बत्ती
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पानीपत। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड की 220 केवी सिंगल सर्किट लाइन दो दिन में दो बार ट्रिप हो चुकी है। जबकि डबल सर्किंट लाइन एक बार ट्रिप हो चुकी है। जिससे पानीपत समेत कुरुक्षेत्र और जगाधरी तक की बिजली गुल हो रही है। इस लाइन पर कभी उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम तो कभी पीडब्ल्यूडी विभाग की गंभीर लापरवाही की वजह से फॉल्ट हो हैं। जिसका खामियाजा तीन जिलों के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
पानीपत के चंदौली गांव में फिर से बीबीएमबी की हाईवोल्टेज 220 केवी की लाइन के नीचे बिना अनुमति के बिजली निगम के अधिकारियों ने 11 केवी के कई फीडर निकाल दिए हैं। जिससे बार बार इन फीडरों की लाइन हाईवोल्टेज के संपर्क में आ गई। वहीं, घरौंडा के अराईपुरा में पीडब्ल्यूडी ने रोड का ही लेवल कई फीट ऊंचा कर दिया। जिससे रोड पर चलने वाले वाहन 220 केवी के संपर्क में आ गए और लाइन ट्रिप हो गई। इससे बीबीएमबी को भी लाखों का नुकसान हुआ और जिले भर के लोग भी गर्मी में बिजली को तरस गए। ये समस्या पिछले चार दिनों से बनी हुई है।
लाइन ट्रिप की समस्या पर बीबीएमबी की टीम ने जिले के चंदौली गांव और करनाल के घरौंडा के अराईपुरा गांव का दौरा किया। इसमें बीबीएमबी के एक्सईएन विशाल मोहन दहिया, एसडीओ अजितेश राजा और जेई बलराम शर्मा मौके पर पहुंचे। चंदौली में पावर हाउस के पास 220 केवी लाइन के संपर्क मेें आने वाले 11 केवी के कई फीडर मिले। दो दिन पहले इनके संपर्क में आने से कुरुक्षेत्र की लाइन तीन घंटे तक बंद रही थी। वहीं, घरौंडा के अराईपुरा में पीडब्ल्यूडी के रोड के लेवल ऊंचा होने की वजह से पानीपत की लाइन दो घंटे तक बंद रही। सूचना मिलते ही बीबीएमबी कुरुक्षेत्र के अधिकारी फॉल्ट ढूंढने के लिए निकल पड़े और पानीपत में चंदौली लाइन के पास और घरौंडा के अराईपुरा के पास फॉल्ट ढूंढ निकाला। बिजली निगम और पीडब्ल्यूडी की लापरवाही पर बीबीएमबी टीम ने दोनों विभागों को नोटिस जारी किए हैं।
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बीबीएमबी कुरुक्षेत्र के अधिकारियों ने बताया कि तीन साल पहले भी चंदौली में यूएचबीवीएन ने फीडर निकाले थे। जिससे लाइन ट्रिप होती थी। बाद में नोटिस देकर इन फीडरों की लाइन को अंडरग्राउंड कराया गया था। अब फिर से बिना बीबीएमबी की अनुमति के बिजली निगम ने कई फीडरों की लाइन हाईवोल्टेज लाइन के नीचे बिछा दी है। वहीं, पीडब्ल्यूडी ने अपने रोड का लेवल ऊंचा कर दिया। जिससे रोड पर चलने वाले बड़े वाहन हाईवोल्टेज के संपर्क में आ रहे हैं। हैरानी की बात ये है कि पीडब्ल्यूडी से लेकर यूएचबीवीएन ने भी इसकी मंजूरी बीबीएमबी से नहीं ली।
चाहिए 20 फीट का गैप, निगम ने पांच फीट भी नहीं छोड़ा
भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड, बीबीएमबी कुरुक्षेत्र से पानीपत तक आने वाले 220 केवी की हाईटेंशन लाइन के नीचे निगम ने बिना परमिशन लिए ही जगह जगह पर अवैध रूप से 11 केवी के फीडरों की लाइन बिछा दी हैं। इन लाइनों और हाईटेंशन लाइन के बीच 5 फीट तक गैप तक नहीं है। जबकि इनके बीच कम से कम 20 फीट का गैप अनिवार्य है। जिससे 220 केवी की लाइन में फॉल्ट आ रहे हैं और लाइन ट्रिपिंग हो रही है। इससे निगम को भी लाखों रुपये की चपत लग रही है, लेकिन बार बार नोटिस देने के बाद भी उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधिकारियों पर इसका कोई असर नहीं है। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है।
निगम से पूछा कैसे बिछाई लाइन
बीबीएमबी का कहना है कि हाईटेंशन तारों के नीचे कुछ भी मान्य नहीं है। यहां कुछ भी नहीं बनाया जा सकता। न कॉलोनियां, न मकान, रोड न ही फैक्ट्रियां। यहां तक की एक पेड तक भी नहीं लगाया जा सकता। इनकी वजह से ही हादसे होते हैं। बावजूद बिजली निगम ने इतने करीब से 11 केवी की लाइन को कैसे बिछा दिया। जितनी करीब से लाइन बिछाई गई थी अंदाजा लगाया जा सकता था कि किस प्रकार से भयंकर जान को जोखिम उठा कर लाइन को बिछाया होगा, लेकिन बीबीएमबी अधिकारियों के इस सवाल का जवाब किसी भी अधिकारी के पास नहीं था।
वर्जन-
नोटिस भेज मांगा जवाब : बीबीएमबी
ये यूएचबीवीएन और पीडब्ल्यूडी की गंभीर लापरवाही है। इस बारे में दोनों विभागों को नोटिस जारी किया गया है। हमारी टीम मौके पर मौजूद है। इससे बीबीएमबी को वित्तीय नुकसान हो रहा है और लोगों को बिजली की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
विशाल मोहन दहिया, एक्सईएन, बीबीएमबी, कुरुक्षेत्र।
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पानीपत के चंदौली गांव में फिर से बीबीएमबी की हाईवोल्टेज 220 केवी की लाइन के नीचे बिना अनुमति के बिजली निगम के अधिकारियों ने 11 केवी के कई फीडर निकाल दिए हैं। जिससे बार बार इन फीडरों की लाइन हाईवोल्टेज के संपर्क में आ गई। वहीं, घरौंडा के अराईपुरा में पीडब्ल्यूडी ने रोड का ही लेवल कई फीट ऊंचा कर दिया। जिससे रोड पर चलने वाले वाहन 220 केवी के संपर्क में आ गए और लाइन ट्रिप हो गई। इससे बीबीएमबी को भी लाखों का नुकसान हुआ और जिले भर के लोग भी गर्मी में बिजली को तरस गए। ये समस्या पिछले चार दिनों से बनी हुई है।
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लाइन ट्रिप की समस्या पर बीबीएमबी की टीम ने जिले के चंदौली गांव और करनाल के घरौंडा के अराईपुरा गांव का दौरा किया। इसमें बीबीएमबी के एक्सईएन विशाल मोहन दहिया, एसडीओ अजितेश राजा और जेई बलराम शर्मा मौके पर पहुंचे। चंदौली में पावर हाउस के पास 220 केवी लाइन के संपर्क मेें आने वाले 11 केवी के कई फीडर मिले। दो दिन पहले इनके संपर्क में आने से कुरुक्षेत्र की लाइन तीन घंटे तक बंद रही थी। वहीं, घरौंडा के अराईपुरा में पीडब्ल्यूडी के रोड के लेवल ऊंचा होने की वजह से पानीपत की लाइन दो घंटे तक बंद रही। सूचना मिलते ही बीबीएमबी कुरुक्षेत्र के अधिकारी फॉल्ट ढूंढने के लिए निकल पड़े और पानीपत में चंदौली लाइन के पास और घरौंडा के अराईपुरा के पास फॉल्ट ढूंढ निकाला। बिजली निगम और पीडब्ल्यूडी की लापरवाही पर बीबीएमबी टीम ने दोनों विभागों को नोटिस जारी किए हैं।
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बीबीएमबी कुरुक्षेत्र के अधिकारियों ने बताया कि तीन साल पहले भी चंदौली में यूएचबीवीएन ने फीडर निकाले थे। जिससे लाइन ट्रिप होती थी। बाद में नोटिस देकर इन फीडरों की लाइन को अंडरग्राउंड कराया गया था। अब फिर से बिना बीबीएमबी की अनुमति के बिजली निगम ने कई फीडरों की लाइन हाईवोल्टेज लाइन के नीचे बिछा दी है। वहीं, पीडब्ल्यूडी ने अपने रोड का लेवल ऊंचा कर दिया। जिससे रोड पर चलने वाले बड़े वाहन हाईवोल्टेज के संपर्क में आ रहे हैं। हैरानी की बात ये है कि पीडब्ल्यूडी से लेकर यूएचबीवीएन ने भी इसकी मंजूरी बीबीएमबी से नहीं ली।
चाहिए 20 फीट का गैप, निगम ने पांच फीट भी नहीं छोड़ा
भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड, बीबीएमबी कुरुक्षेत्र से पानीपत तक आने वाले 220 केवी की हाईटेंशन लाइन के नीचे निगम ने बिना परमिशन लिए ही जगह जगह पर अवैध रूप से 11 केवी के फीडरों की लाइन बिछा दी हैं। इन लाइनों और हाईटेंशन लाइन के बीच 5 फीट तक गैप तक नहीं है। जबकि इनके बीच कम से कम 20 फीट का गैप अनिवार्य है। जिससे 220 केवी की लाइन में फॉल्ट आ रहे हैं और लाइन ट्रिपिंग हो रही है। इससे निगम को भी लाखों रुपये की चपत लग रही है, लेकिन बार बार नोटिस देने के बाद भी उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधिकारियों पर इसका कोई असर नहीं है। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है।
निगम से पूछा कैसे बिछाई लाइन
बीबीएमबी का कहना है कि हाईटेंशन तारों के नीचे कुछ भी मान्य नहीं है। यहां कुछ भी नहीं बनाया जा सकता। न कॉलोनियां, न मकान, रोड न ही फैक्ट्रियां। यहां तक की एक पेड तक भी नहीं लगाया जा सकता। इनकी वजह से ही हादसे होते हैं। बावजूद बिजली निगम ने इतने करीब से 11 केवी की लाइन को कैसे बिछा दिया। जितनी करीब से लाइन बिछाई गई थी अंदाजा लगाया जा सकता था कि किस प्रकार से भयंकर जान को जोखिम उठा कर लाइन को बिछाया होगा, लेकिन बीबीएमबी अधिकारियों के इस सवाल का जवाब किसी भी अधिकारी के पास नहीं था।
वर्जन-
नोटिस भेज मांगा जवाब : बीबीएमबी
ये यूएचबीवीएन और पीडब्ल्यूडी की गंभीर लापरवाही है। इस बारे में दोनों विभागों को नोटिस जारी किया गया है। हमारी टीम मौके पर मौजूद है। इससे बीबीएमबी को वित्तीय नुकसान हो रहा है और लोगों को बिजली की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
विशाल मोहन दहिया, एक्सईएन, बीबीएमबी, कुरुक्षेत्र।