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गुरुजी ने किया परीक्षा का बहिष्कार, कक्षाएं दिनभर रहीं खाली
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
Updated Tue, 27 May 2014 12:11 AM IST
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पानीपत के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के असेसमेंट सर्वे के पहले दिन जेबीटी ने इसका जमकर विरोध किया और परीक्षा का बहिष्कार कर केंद्र के बाहर धरना दिया।
भारी विरोध के बीच जिले के 1493 जेबीटी में से मात्र 12 टीचर ही परीक्षा में बैठे। जेबीटी के अपनी मांगों पर अड़ने के चलते कई सरकारी स्कूलों की कक्षाएं दिनभर खाली रहीं और यहां पर छुट्टी जैसा माहौल रहा। शिक्षा अधिकारियों ने इनकी रिपोर्ट बनाकर निदेशालय को भेजने का दावा किया है।
जिले में खंड स्तर पर सोमवार को रखी गई जेबीटी के असेसमेंट सर्वे का जेबीटी ने जमकर विरोध किया। शहर समेत जिलेभर में जेबीटी ने परीक्षा केंद्र के बाहर अधिकारियों की अनदेखी पर रोष व्यक्त किया।
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राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ की खंड व जिला इकाई ने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और इस तरह की परीक्षा को टीचरों की अनदेखी करने वाला बताया।
1493 जेबीटी में से 12 ने दी परीक्षा
एनसीईआरटी, एससीईआरटी और शिक्षा निदेशालय की ओर से संयुक्त रूप से प्राइमरी व टीजीटी का असेसमेंट सर्वे करने का फैसला लिया था। इसमें प्राइमरी का 26 व टीजीटी का 30 मई को सर्वे रखा गया था।
जिले में ऐसे 1493 जेबीटी व 1183 टीजीटी हैं। इसे लेकर प्राइमरी स्कूलों में 244 केंद्र बनाए गए। इनमें पानीपत खंड में 73, इसराना में 36, सनौली में 48 व समालखा में 45 केंद्र थे। शिक्षा अधिकारियों की मानें तो पानीपत खंड में एक तथा मतलौडा में पांच प्रात:कालीन व छह टीचरों ने सायंकालीन सत्र में परीक्षा दी।
मॉडल संस्कृति और आर्य स्कूल में हंगामा
राजकीय प्राथमिक शिक्षक के पानीपत ब्लाक प्रधान अनिल कुमार की अगुवाई में जेबीटी ने सोमवार को सुबह ही परीक्षा का बहिष्कार कर दिया और सभी टीचर परीक्षा केंद्रों के बाहर एकजुट हो गए।
जेबीटी ने सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और इस तरह के फैसलों को वापस लेने की मांग की। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने बीईओ सतपाल सिंह और केंद्र अधीक्षकों को अपना ज्ञापन सौंपा।
इस मौके पर राजकुमार जांगड़ा, जितेंद्र कुमार, बलिंद्र अहलावत, दीपक मान, जयदीप, लाजवंती, पुष्पा, प्रतिमा, कमलेश, पूजा, संजीता, सुनीता, सुमन व विकास शर्मा मौजूद रहे।
ये है शिक्षकों का मानना
प्राथमिक शिक्षकों द्वारा शिक्षा विभाग की ओर से असेसमेंट के फैसले को शंका की नजर से देखा जा रहा है। हवा सिंह, कमलेश कुमारी, लाजवंती, शकुंतला, अनीता, सुखवंत कुंडू, सतीश कुमार, रविंद्र कुमार व दीपक कुमार ने बताया कि प्रदेश कार्यकारिणी के आह्वान पर परीक्षा का बहिष्कार किया गया है।
अधिकारी शिक्षा का निजीकरण करना चाहते हैं। इससे उनका उद्देश्य हल नहीं होगा। अधिकारियों का दावा है कि परीक्षा से शिक्षकों की कमजोरी का पता लग जाएगा और इस कमी को प्रशिक्षण देकर समय पर दूर किया जा सकेगा।
अधिकारी किसी एनजीओ को इसकी जिम्मेदारी देना चाहते हैं, लेकिन शिक्षकों को विभाग की तरफ से पहले भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ऐसे में इस तरह की परीक्षा का आयोजन शिक्षकों पर दबाव बनाने वाली हैं। शिक्षक इसका पुरजोर से विरोध करेंगे।
गेस्ट टीचर के सहारे चले स्कूल
जेबीटी ने सोमवार को असेसमेंट सर्वे का विरोध कर दिया और केंद्र के बाहर की धरने पर बैठ गए। ऐसे में सरकारी प्राइमरी स्कूल गेस्ट टीचर के सहारे ही चले। शिक्षकों ने परीक्षा का बहिष्कार कर स्कूल में जाना उचित नहीं माना। इस दशा में कई स्कूलों में छुट्टी जैसा माहौल रहा।
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भारी विरोध के बीच जिले के 1493 जेबीटी में से मात्र 12 टीचर ही परीक्षा में बैठे। जेबीटी के अपनी मांगों पर अड़ने के चलते कई सरकारी स्कूलों की कक्षाएं दिनभर खाली रहीं और यहां पर छुट्टी जैसा माहौल रहा। शिक्षा अधिकारियों ने इनकी रिपोर्ट बनाकर निदेशालय को भेजने का दावा किया है।
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जिले में खंड स्तर पर सोमवार को रखी गई जेबीटी के असेसमेंट सर्वे का जेबीटी ने जमकर विरोध किया। शहर समेत जिलेभर में जेबीटी ने परीक्षा केंद्र के बाहर अधिकारियों की अनदेखी पर रोष व्यक्त किया।
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राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ की खंड व जिला इकाई ने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और इस तरह की परीक्षा को टीचरों की अनदेखी करने वाला बताया।
1493 जेबीटी में से 12 ने दी परीक्षा
एनसीईआरटी, एससीईआरटी और शिक्षा निदेशालय की ओर से संयुक्त रूप से प्राइमरी व टीजीटी का असेसमेंट सर्वे करने का फैसला लिया था। इसमें प्राइमरी का 26 व टीजीटी का 30 मई को सर्वे रखा गया था।
जिले में ऐसे 1493 जेबीटी व 1183 टीजीटी हैं। इसे लेकर प्राइमरी स्कूलों में 244 केंद्र बनाए गए। इनमें पानीपत खंड में 73, इसराना में 36, सनौली में 48 व समालखा में 45 केंद्र थे। शिक्षा अधिकारियों की मानें तो पानीपत खंड में एक तथा मतलौडा में पांच प्रात:कालीन व छह टीचरों ने सायंकालीन सत्र में परीक्षा दी।
मॉडल संस्कृति और आर्य स्कूल में हंगामा
राजकीय प्राथमिक शिक्षक के पानीपत ब्लाक प्रधान अनिल कुमार की अगुवाई में जेबीटी ने सोमवार को सुबह ही परीक्षा का बहिष्कार कर दिया और सभी टीचर परीक्षा केंद्रों के बाहर एकजुट हो गए।
जेबीटी ने सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और इस तरह के फैसलों को वापस लेने की मांग की। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने बीईओ सतपाल सिंह और केंद्र अधीक्षकों को अपना ज्ञापन सौंपा।
इस मौके पर राजकुमार जांगड़ा, जितेंद्र कुमार, बलिंद्र अहलावत, दीपक मान, जयदीप, लाजवंती, पुष्पा, प्रतिमा, कमलेश, पूजा, संजीता, सुनीता, सुमन व विकास शर्मा मौजूद रहे।
ये है शिक्षकों का मानना
प्राथमिक शिक्षकों द्वारा शिक्षा विभाग की ओर से असेसमेंट के फैसले को शंका की नजर से देखा जा रहा है। हवा सिंह, कमलेश कुमारी, लाजवंती, शकुंतला, अनीता, सुखवंत कुंडू, सतीश कुमार, रविंद्र कुमार व दीपक कुमार ने बताया कि प्रदेश कार्यकारिणी के आह्वान पर परीक्षा का बहिष्कार किया गया है।
अधिकारी शिक्षा का निजीकरण करना चाहते हैं। इससे उनका उद्देश्य हल नहीं होगा। अधिकारियों का दावा है कि परीक्षा से शिक्षकों की कमजोरी का पता लग जाएगा और इस कमी को प्रशिक्षण देकर समय पर दूर किया जा सकेगा।
अधिकारी किसी एनजीओ को इसकी जिम्मेदारी देना चाहते हैं, लेकिन शिक्षकों को विभाग की तरफ से पहले भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ऐसे में इस तरह की परीक्षा का आयोजन शिक्षकों पर दबाव बनाने वाली हैं। शिक्षक इसका पुरजोर से विरोध करेंगे।
गेस्ट टीचर के सहारे चले स्कूल
जेबीटी ने सोमवार को असेसमेंट सर्वे का विरोध कर दिया और केंद्र के बाहर की धरने पर बैठ गए। ऐसे में सरकारी प्राइमरी स्कूल गेस्ट टीचर के सहारे ही चले। शिक्षकों ने परीक्षा का बहिष्कार कर स्कूल में जाना उचित नहीं माना। इस दशा में कई स्कूलों में छुट्टी जैसा माहौल रहा।