{"_id":"f497dea39f9fceee4bb61c8586f6076b","slug":"taste-of-sweet-is-bitter","type":"story","status":"publish","title_hn":"अरे महंगाई में मिठाई का स्वाद तो कड़वा है !","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अरे महंगाई में मिठाई का स्वाद तो कड़वा है !
कैथ्ाल
Updated Thu, 17 Oct 2013 03:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा के जिले कैथल में महंगाई के चलते इस बार आपको दीपावली के अवसर पर मिठाई के लिए बीते वर्ष की अपेक्षा 20 से 30 प्रतिशत अधिक खर्च करना पड़ेगा।
दूध, गैस, चीनी, घी, रिफाइंड उत्पादों की कीमतें बढ़ने के कारण मिठाइयां महंगी होगी। मिठाइयों में बढ़ी कीमतों का सीधा असर आम आदमी की जेब पर होगा।
इसके कारण गरीब आदमी को इसके लिए अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बीते वर्ष दूध 32 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिल रहा था वहीं इस वर्ष दूध 45 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिल रहा है। इसी प्रकार से अन्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि हुई है।
मिठाइयों के रेट बढ़े
चंदाना गेट सैनी मिष्ठान भंडार के संचालक सतपाल सैनी ने बताया कि इस बार विभिन्न मिठाइयोें में लगभग 20 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है।
इसका कारण बढ़ती हुई महंगाई है। दूध की कीमतें भी करीब 15 रुपये बढ़ी है। मिठाई बनाने के लिए प्रयोग होने वाले उत्पाद में भी काफी कीमतें बढ़ी है।
इस बार जहां अन्य वस्तुओं वृद्धि हुई है वहीं कॉमर्शियल सिलेंडर के दामों मेें भी बढ़ोतरी हुई है। पहले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 1100 रुपये के आसपास मिलता था वहीं अब यह बढ़कर 1800 रुपये से भी अधिक हो गया है।
मिलावट की संभावनाएं
मिठाई में प्रयोग होने वाले उत्पादों के कारण व कीमतों पर कंट्रोल के लिए मिठाइयों के दुकानों में मिलावटी खोये का खूब प्रयोग हो सकता है।
बीते वर्ष भी भारी मात्रा में पुलिस ने रोडवेज की बस से मिलावटी खोया बरामद किया था। इसके अलावा कई जगह छापेमारी में मिलावटी खोया पाए जाने के कारण सैंपलिंग की गई थी। लगातार बढ़ रही कीमतों के कारण मिलावटी खोए की बिक्री भी खूब हो सकती है।
विज्ञापन
हलवाई एसोसिएशन के अध्यक्ष बलबीर सैनी ने कहा कि दूध, चीनी, गैस की कीमतों बढ़ने के कारण मिठाइयाें की कीमतें बढ़ाना उनके लिए मजबूरी है।
कीमतें बढ़ने के कारण उनके कार्य पर भी विपरीत असर पड़ा है। पिछले त्योहारों में भी मिठाइयों की खरीद महंगाई के कारण कम हुई है। दीपावली पर 10 से 15 प्रतिशत तक कीमतों का असर पड़ेगा।
बीते वर्ष कॉमर्शियल गैस सिलेंडर लगभग 1100 रुपये था वहीं इस वर्ष कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत करीब 1800 रुपये है। चीनी समेत मिठाइयां बनाने के उत्पादों में भी भारी उछाल है। इसके कारण मिठाईयों में 20 से 30 रूपये प्रति किलो के हिसाब उछाल हो सकता है।
विज्ञापन
दूध, गैस, चीनी, घी, रिफाइंड उत्पादों की कीमतें बढ़ने के कारण मिठाइयां महंगी होगी। मिठाइयों में बढ़ी कीमतों का सीधा असर आम आदमी की जेब पर होगा।
इसके कारण गरीब आदमी को इसके लिए अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बीते वर्ष दूध 32 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिल रहा था वहीं इस वर्ष दूध 45 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिल रहा है। इसी प्रकार से अन्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि हुई है।
मिठाइयों के रेट बढ़े
चंदाना गेट सैनी मिष्ठान भंडार के संचालक सतपाल सैनी ने बताया कि इस बार विभिन्न मिठाइयोें में लगभग 20 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है।
इसका कारण बढ़ती हुई महंगाई है। दूध की कीमतें भी करीब 15 रुपये बढ़ी है। मिठाई बनाने के लिए प्रयोग होने वाले उत्पाद में भी काफी कीमतें बढ़ी है।
इस बार जहां अन्य वस्तुओं वृद्धि हुई है वहीं कॉमर्शियल सिलेंडर के दामों मेें भी बढ़ोतरी हुई है। पहले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 1100 रुपये के आसपास मिलता था वहीं अब यह बढ़कर 1800 रुपये से भी अधिक हो गया है।
विज्ञापन
मिलावट की संभावनाएं
मिठाई में प्रयोग होने वाले उत्पादों के कारण व कीमतों पर कंट्रोल के लिए मिठाइयों के दुकानों में मिलावटी खोये का खूब प्रयोग हो सकता है।
बीते वर्ष भी भारी मात्रा में पुलिस ने रोडवेज की बस से मिलावटी खोया बरामद किया था। इसके अलावा कई जगह छापेमारी में मिलावटी खोया पाए जाने के कारण सैंपलिंग की गई थी। लगातार बढ़ रही कीमतों के कारण मिलावटी खोए की बिक्री भी खूब हो सकती है।
विज्ञापन
हलवाई एसोसिएशन के अध्यक्ष बलबीर सैनी ने कहा कि दूध, चीनी, गैस की कीमतों बढ़ने के कारण मिठाइयाें की कीमतें बढ़ाना उनके लिए मजबूरी है।
कीमतें बढ़ने के कारण उनके कार्य पर भी विपरीत असर पड़ा है। पिछले त्योहारों में भी मिठाइयों की खरीद महंगाई के कारण कम हुई है। दीपावली पर 10 से 15 प्रतिशत तक कीमतों का असर पड़ेगा।
बीते वर्ष कॉमर्शियल गैस सिलेंडर लगभग 1100 रुपये था वहीं इस वर्ष कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत करीब 1800 रुपये है। चीनी समेत मिठाइयां बनाने के उत्पादों में भी भारी उछाल है। इसके कारण मिठाईयों में 20 से 30 रूपये प्रति किलो के हिसाब उछाल हो सकता है।