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Panipat News: सफाईकर्मी जीटी रोड की सर्विस लेन पर बैठे, पौन घंटे बंद रही लेन
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पानीपत। प्रदेशभर के सफाईकर्मी ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के बैनर तले रविवार को पानीपत में एकजुट होकर जमकर दहाड़े। पंचायत और सहकारिता मंत्री महिपाल ढांडा समय देने के बाद भी उनसे नहीं मिले तो सफाईकर्मी उनके एल्डिको स्थित आवास का घेराव करने चल पड़े। सफाईकर्मी कुछ दूर आगे चलकर दिन में लगभग ढाई बजे जीटी रोड की सर्विस लेन पर बैठ गए। सफाईकर्मी करीब पौने घंटे तक सर्विस लेन पर बैठे रहे। पंचायत मंत्री ने सफाईकर्मी एसोसिएशन के पदाधिकारियों से फोन पर बात कर 26 जून को बैठक कराने का भरोसा दिया। इसके बाद सफाईकर्मियों ने सर्विस लेन खाली की।
इस दौरान सर्विस लेन से जाने वाले वाहन चालकों को दूसरे रास्ते से गुजरना पड़ा। यूनियन ने 15 दिन में मांगों का समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। इस कड़ी में 10 जुलाई काे प्रदेश में जिला स्तर पर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के बैनर तले प्रदेशभर के सफाईकर्मियों ने रविवार को पानीपत की बाबरपुर स्थित अनाज मंडी में सुबह ही पहुंचना शुरू कर दिया। यूनियन के प्रधान देवीराम व महासचिव विनोद कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार सफाईकर्मियों पर तरह-तरह के नियम लागू करना चाहती है, लेकिन उनकी मांगों को लेकर कभी गंभीरता नहीं दिखाई है। सफाईकर्मियों की हाजिरी सरपंचों के हाथ में दी जा रही है, जबकि किसी भी सरकारी विभाग के अधिकारी व कर्मचारी की हाजिरी उसके विभाग के जनप्रतिनिधि के हाथ में नहीं है। ऐसे में सफाईकर्मी गुलाम बनकर रह जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के सामने लंबे समय से अपनी मांग रख रहे हैं। उनकी प्रमुख मांग ग्रामीण सफाईकर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना और उनका वेतन 26 हजार रुपये करना है। इसके अलावा उनकी अन्य मांग भी हैं। पंचायत मंत्री महिपाल ढांडा के साथ पिछले दिनों फोन पर बातचीत हुई थी। उन्होंने 23 जून को पानीपत में बैठक कराकर मांगों पर फैसला लेने का भरोसा दिया था। प्रदेशभर से सफाईकर्मी पानीपत आए, लेकिन पंचायत मंत्री पानीपत छोड़कर रोहतक चले गए। यह उनकी अनदेखी है। इससे सफाईकर्मियों में रोष व्याप्त है।
उन्होंने कहा कि 29 नवंबर 2023 को विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल मलिक की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में वार्ता हुई थी। उसके फैसलों को भी लागू नहीं किया गया है। सीटू की राज्य प्रधान सुरेखा, महासचिव जयभगवान, राज्य कमेटी सदस्य बेगराज ने भी कर्मियों को संबोधित किया। इस मौके पर सीटू उपाध्यक्ष सुखबीर सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बसाऊराम, उप महासचिव जोगिंदर सिंह, राज्य सचिव वीरभान, सीटू नेता सुनील दत्त, किसान सभा के प्रधान डॉ. सुरेंद्र मलिक, राकेश कुमार, पवन कुमार व सोहनलाल मौजूद रहे।
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इस दौरान सर्विस लेन से जाने वाले वाहन चालकों को दूसरे रास्ते से गुजरना पड़ा। यूनियन ने 15 दिन में मांगों का समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। इस कड़ी में 10 जुलाई काे प्रदेश में जिला स्तर पर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के बैनर तले प्रदेशभर के सफाईकर्मियों ने रविवार को पानीपत की बाबरपुर स्थित अनाज मंडी में सुबह ही पहुंचना शुरू कर दिया। यूनियन के प्रधान देवीराम व महासचिव विनोद कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार सफाईकर्मियों पर तरह-तरह के नियम लागू करना चाहती है, लेकिन उनकी मांगों को लेकर कभी गंभीरता नहीं दिखाई है। सफाईकर्मियों की हाजिरी सरपंचों के हाथ में दी जा रही है, जबकि किसी भी सरकारी विभाग के अधिकारी व कर्मचारी की हाजिरी उसके विभाग के जनप्रतिनिधि के हाथ में नहीं है। ऐसे में सफाईकर्मी गुलाम बनकर रह जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के सामने लंबे समय से अपनी मांग रख रहे हैं। उनकी प्रमुख मांग ग्रामीण सफाईकर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना और उनका वेतन 26 हजार रुपये करना है। इसके अलावा उनकी अन्य मांग भी हैं। पंचायत मंत्री महिपाल ढांडा के साथ पिछले दिनों फोन पर बातचीत हुई थी। उन्होंने 23 जून को पानीपत में बैठक कराकर मांगों पर फैसला लेने का भरोसा दिया था। प्रदेशभर से सफाईकर्मी पानीपत आए, लेकिन पंचायत मंत्री पानीपत छोड़कर रोहतक चले गए। यह उनकी अनदेखी है। इससे सफाईकर्मियों में रोष व्याप्त है।
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उन्होंने कहा कि 29 नवंबर 2023 को विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल मलिक की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में वार्ता हुई थी। उसके फैसलों को भी लागू नहीं किया गया है। सीटू की राज्य प्रधान सुरेखा, महासचिव जयभगवान, राज्य कमेटी सदस्य बेगराज ने भी कर्मियों को संबोधित किया। इस मौके पर सीटू उपाध्यक्ष सुखबीर सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बसाऊराम, उप महासचिव जोगिंदर सिंह, राज्य सचिव वीरभान, सीटू नेता सुनील दत्त, किसान सभा के प्रधान डॉ. सुरेंद्र मलिक, राकेश कुमार, पवन कुमार व सोहनलाल मौजूद रहे।
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