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Panipat News: स्वयं सहायता समूह का सहारा, नौ साल में करीब 21 हजार महिलाएं बनी आत्मनिर्भर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 11 May 2026 02:49 AM IST
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Supported by self-help groups, nearly 21,000 women became self-reliant in nine years.
पानीपत। महिलाएं अब घर की चहारदीवारी या चूल्हे चौक तक सीमित नहीं रही हैं। वे अब इससे बाहर निकलकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बढ़ रही हैं। इनका सहारा बन रहा है स्वयं सहायता समूह। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा चले स्वयं सहायता समूह में नौ साल में जिले की करीब 21 हजार महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। इसके साथ करीब 210 ड्रोन दीदी जल्द ही मिलेंगी।
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हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने 2017 में स्वयं सहायता समूह शुरू किए गए थे। शुरुआत में महिलाओं को इन सबसे जुड़कर काम करने में एक झिझक सी थी। धीरे-धीरे महिलाएं आगे आने लगी और समूह से जुड़ती चली गई। महिला स्वरोजगार को अपनाकर आत्मनिर्भर होती चली गई। जिले में अब करीब 210 स्वयं सहायता के समूह बन चुके हैं। एक समूह में 10 या उससे अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। ऐसे में करीब 21 हजार महिलाएं समूह से जुड़कर स्वरोजगार कर रही हैं। इनमें करीब आठ हजार लखपति दीदी हैं और चार ड्रोन दीदी हैं। लखपति दीदी समूह बनाकर महिलाओं को जागरूक करने और उन्हें समूह से जोड़ने का काम कर रही हैं।
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महिलाएं बोलीं अब आत्मनिर्भर बनी



समूह से जुड़ महिलाएं सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, कास्मेटिक या अन्य सामान की दुकान, चाय या खाने की दुकान, स्टॉल लगाकर, पशुपालन या कोई अन्य काम शुरू करके रोजगार कमा रही हैं और आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। इससे वे आर्थिक रूप से मजबूत होने के साथ स्वयं की पहचान भी बना रही हैं। सनौली कलां की शारदा ने बताया कि उन्होंने सीएससी चलाती हैं। इसी गांव की ममता ने बताया कि वह धूप बनाकर आत्मनिर्भर बनी हैं। कुराड़ की मुकेश ने बताया कि वह डिस्पोजल बनाती हैं।
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करीब 210 ड्रोन दीदी ले रही ड्रोन प्रशिक्षण, ग्रामीणों को मिलेगा लाभ-



जिला कार्यक्रम प्रबंधक मुंतजिर आलम ने बताया कि जल्द ही जिले को ड्रोन दीदी भी मिलेंगी। इससे उन्हें खेतों में छिड़काव करने में मदद मिलेगी। हाल में करीब 210 ड्रोन दीदियों को ड्रोन प्रशिक्षण दिया जा रहा है जल्द ही प्रशिक्षण पूरा हो जाएगा उसके बाद वे अपने साथ अन्य ग्रामीणों के खेतों में भी छिड़काव कर सकेंगी जिससे वे अच्छी आय कमा सकेगी।
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