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Panipat News: शहर की हवा कैसे हुई खराब अब इसका अध्यनन करेगी आटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया एजेंसी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 17 Jan 2023 08:30 AM IST
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Study will be done on how the air of the city deteriorated
पानीपत। शहर की हवा कैसे प्रदूषित हो रही है। हवा को प्रदूषित करने के लिए कौन से कारक जिम्मेदार हैं। अब हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पानीपत, सोनीपत व गुरुग्राम में इसका अध्ययन कराएगा। इसके लिए बोर्ड ने ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया एजेंसी को मंजूरी दी है। एक फरवरी से तीनों जिलों में ये अध्ययन शुरू होगा। 18 माह के अध्ययन के बाद एजेंसी अपनी रिपोर्ट बोर्ड को देगी। रिपोर्ट के आधार पर फिर बर्ड काम करेगा। उद्यमियों की ये शिकायत भी दूर होगी कि सरकार सिर्फ उन्हें प्रदूषित हवा का दोषी मानती है।
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स्टडी पूरी होने के बाद वायु प्रदूषण को कम करने के लिए हरियाणा सरकार रोडमैप तैयार करेगी। डाटा संग्रह, सत्यापन और व्याख्या के बाद शोधकर्ता सभी संभावित उपायों को भी बताएंगे। इन उपायों में अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों को शामिल किया जाएगा। इसमें यह भी ध्यान रखा जाएगा कि कम लागत वाले अधिकतम लाभ देने वाले उपायों को लागू किया जाएगा।
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2010 में आईआईटी कानपुर और 2019 में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस तरह के दो अध्ययन पहले हो चुके हैं। हरियाणा में भी अध्ययन के दौरान पहली बार शहरों के पीएम 2.5 और पीएम 10 के स्रोत का अध्ययन किया जाएगा। इस अध्ययन से वाहन और गैर वाहन प्रदूषण स्रोतों की पहचान की जाएगी।
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हवा के अध्ययन से वायु प्रदूषण में राज्य के उद्योगों का कितने जिम्मेदार है। यह भी पता चल पाएगा कि कौन सा उद्योग हवा को कितना प्रदूषित कर रहा है। इस जानकारी के बाद ये फायदा होगा कि हवा के प्रदूषण को कम करने के लिए किस उद्योग को कब बंद करना है यह तय हो पाएगा।
हर बार ग्रैप लगाकर उद्योगों को बंद कर दिया जाता है। साल में दो माह तक उद्योग बंद रहते हैं। बावजूद इसके एक्यूआई में गिरावट दर्ज नहीं होती है। शहर से हर रोज 80 हजार वाहन गुजरते हैं। प्रदूषण के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार वाहनों की बढ़ती संख्या ही है। उद्योगों को प्रदूषण का सबसे बड़ा कारक मानना बिल्कुल गलत है। अब तो पानीपत के सभी उद्योग कोयले से पीएनजी व बायोमास पर शिफ्ट हो चुके हैं। इस प्रकार का अध्ययन होना जरूरी है।

- भीम सिंह राणा, प्रधान डायर्स एसोसिएशन
एक फरवरी से एजेंसी शुरू करेगी काम
एक फरवरी से तीनों जिलों की हवा का अध्ययन शुरू होगा। एजेंसी इसका अध्ययन 18 माह में पूरा कर रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट के आधार पर सार्थक कदम उठाए जाएंगे।
- पी. राघवेंद्र राव, चेयरमैन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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