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टिप्पणी का विरोध किया तो छात्र को प्रिंसिपल, दो अध्यापकों ने पीटा, तीनों पर केस
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Student beaten by principal, two teachers
- फोटो : Panipat
ममेरे भाई पर की गई टिप्पणी का विरोध करने पर गांव गोयला खुर्द स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में प्राचार्य ने दो अध्यापकों के साथ मिलकर 10वीं के छात्र कबड्डी खिलाड़ी की बेरहमी से पिटाई कर दी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तीनों ने छात्र को आधा घंटा तक कमरे में बंद करके डंडों व फट्टी से मारा।
छात्र का कसूर ये था कि उसने अपने ममेरे भाई पर शिक्षक द्वारा की गई एक टिप्पणी का विरोध कर दिया था। उसके बाद से ही टीचर उससे रंजिश रख रहे थे। छात्र ने अपने पिता को इस बारे में बताया तो पिता ने आरोपियों टीचर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो मामले की शिकायत एसपी व सीडब्ल्यूसी को दी गई। इसके बाद मामले में आरोपियों पर केस दर्ज किया गया।
एसपी को दी शिकायत में गोयला खुर्द निवासी ट्रक चालक सुरेंद्र ने बताया था कि उसका छोटा बेटा सरकारी स्कूल में 10वीं कक्षा का छात्र है। इसके साथ ही गत दिनों पहले उसके साले का लड़का आठवीं कक्षा में दाखिला लेने के लिए स्कूल गया था, तो एक अध्यापक ने उसके सफेद बाल देखकर उस पर टिप्पणी कर दी थी। इस पर उसके बेटे ने इसका विरोध किया था। तब अध्यापक ने बेटे के साथ मारपीट की और उसे स्कूल से निकाल दिया।
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पिता ने बताया कि इसके साथ ही उसका बेटा कबड्डी खिलाड़ी भी है, जिस वजह वह खेलने के लिए प्रतियोगिताओं में जाता रहता है। स्कूल में अनुपस्थिति होने की वजह से अध्यापक उसके साथ मारपीट करते थे। इसी वजह बेटा पिछले 12 दिन तक स्कूल भी नहीं गया। पिता ने आरोप लगाते हुए बताया कि जब उसका बेटा 13वें दिन स्कूल गया तो प्रिंसिपल उसे स्टाफ रूम में ले गए। जहां पहले से ही दो अध्यापक मौजूद थे। जिन्होंने उसके साथ फट्टी से मारपीट की।
छात्र ने बताया कि वह 13वें दिन स्कूल में गया तो कक्षा के अध्यापक ने उसे प्रिंसिपल से कक्षा में पढ़ाई करने की अनुमति लेने के बहाने दफ्तर भेज दिया। जब वह दफ्तर में पहुंचा तो प्रिंसिपल उसे स्टाफ रूम में लिखित रूप से परमिशन देने का झांसा देकर उसे स्टाफ रूम ले गया। जहां पर दो अध्यापक हाथ में डंडा लेकर खड़े हुए थे, जिन्होंने उसके साथ जमकर मारपीट की और उसे स्कूल से निकाल दिया। स्कूल से बाहर निकलते ही अध्यापकों ने उसकी फोटो भी खींची।
पिता ने बताया कि उन्होंने पहले बापौली थाने में शिकायत दी थी। पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो उन्होंने एसपी और सीडब्ल्यूसी में शिकायत दी। जिस पर कार्रवाई करते हुए सीडब्ल्यूसी की ओर से थाना प्रभारी को पत्र लिखा गया था। जिसमें छात्र के साथ मारपीट करने वाले के खिलाफ कार्रवाई करने, छात्र के साथ सही ढंग से व्यवहार करने के लिए लिखा गया था।
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छात्र का कसूर ये था कि उसने अपने ममेरे भाई पर शिक्षक द्वारा की गई एक टिप्पणी का विरोध कर दिया था। उसके बाद से ही टीचर उससे रंजिश रख रहे थे। छात्र ने अपने पिता को इस बारे में बताया तो पिता ने आरोपियों टीचर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो मामले की शिकायत एसपी व सीडब्ल्यूसी को दी गई। इसके बाद मामले में आरोपियों पर केस दर्ज किया गया।
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एसपी को दी शिकायत में गोयला खुर्द निवासी ट्रक चालक सुरेंद्र ने बताया था कि उसका छोटा बेटा सरकारी स्कूल में 10वीं कक्षा का छात्र है। इसके साथ ही गत दिनों पहले उसके साले का लड़का आठवीं कक्षा में दाखिला लेने के लिए स्कूल गया था, तो एक अध्यापक ने उसके सफेद बाल देखकर उस पर टिप्पणी कर दी थी। इस पर उसके बेटे ने इसका विरोध किया था। तब अध्यापक ने बेटे के साथ मारपीट की और उसे स्कूल से निकाल दिया।
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पिता ने बताया कि इसके साथ ही उसका बेटा कबड्डी खिलाड़ी भी है, जिस वजह वह खेलने के लिए प्रतियोगिताओं में जाता रहता है। स्कूल में अनुपस्थिति होने की वजह से अध्यापक उसके साथ मारपीट करते थे। इसी वजह बेटा पिछले 12 दिन तक स्कूल भी नहीं गया। पिता ने आरोप लगाते हुए बताया कि जब उसका बेटा 13वें दिन स्कूल गया तो प्रिंसिपल उसे स्टाफ रूम में ले गए। जहां पहले से ही दो अध्यापक मौजूद थे। जिन्होंने उसके साथ फट्टी से मारपीट की।
छात्र ने बताया कि वह 13वें दिन स्कूल में गया तो कक्षा के अध्यापक ने उसे प्रिंसिपल से कक्षा में पढ़ाई करने की अनुमति लेने के बहाने दफ्तर भेज दिया। जब वह दफ्तर में पहुंचा तो प्रिंसिपल उसे स्टाफ रूम में लिखित रूप से परमिशन देने का झांसा देकर उसे स्टाफ रूम ले गया। जहां पर दो अध्यापक हाथ में डंडा लेकर खड़े हुए थे, जिन्होंने उसके साथ जमकर मारपीट की और उसे स्कूल से निकाल दिया। स्कूल से बाहर निकलते ही अध्यापकों ने उसकी फोटो भी खींची।
पिता ने बताया कि उन्होंने पहले बापौली थाने में शिकायत दी थी। पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो उन्होंने एसपी और सीडब्ल्यूसी में शिकायत दी। जिस पर कार्रवाई करते हुए सीडब्ल्यूसी की ओर से थाना प्रभारी को पत्र लिखा गया था। जिसमें छात्र के साथ मारपीट करने वाले के खिलाफ कार्रवाई करने, छात्र के साथ सही ढंग से व्यवहार करने के लिए लिखा गया था।