फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Storm became a disaster, darkness continued in many villages for the third day

Panipat News: तूफान बना आफत, कई गांवों में तीसरे दिन भी अंधेरा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 13 May 2024 06:46 AM IST
विज्ञापन
Storm became a disaster, darkness continued in many villages for the third day
पानीपत। तूफान और तेज बारिश में ट्रांसफार्मर व खंभे गिरने से चरमराई बिजली व्यवस्था रविवार को तीसरे दिन भी सुचारु नहीं हो पाई। मतलौडा व थर्मल के कई गांवों में ब्लैकआउट रहा। जिसके चलते क्षेत्र के तीन दर्जन गांवों में बिजली न आने पर पानी को लेकर भी हा-हाकार मच गया है। थर्मल पावर स्टेशन से 24 घंटे बिजली आने वाले आसन कलां, आसन खुर्द, खंडरा और बाल जाटान गांंवों में 48 घंटे बाद भी बिजली नहीं आई। यहां थर्मल स्थित 132 केवी पावर हाउस से खेतों को जाने वाली पुरानी लाइन के चार खंभे खड़े कर बिजली सुचारु करने के रविवार देर रात तक प्रयास चलते रहे। अभी खेतों की बिजली सुचारु होने में चार-पांच दिन लगेंगे। लोगों के सब्र का बांध भी टूटने लगा है। शहर में असंध रोड स्थित किसान भवन के बाहर बारिश का पानी जमा होने पर रोष प्रकट किया।
विज्ञापन

विदित है कि शुक्रवार रात करीब नौ बजे तूफान और तेज बारिश में पूरे जिले की बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। बिजली निगम शनिवार को पूरा दिन में शहर और इसके आसपास की कॉलोनियों की बिजली सुचारु कर पाया था। मतलौडा व थर्मल क्षेत्र में तूफान में सबसे अधिक नुकसान हुआ था। थर्मल से 24 घंटे बिजली आपूर्ति पाने वाले आसन कलां, आसन खुर्द, खंडरा और बाल जाटान गांव की बिजली रविवार रात नौ बजे तक भी सुचारु नहीं हो पाई। थर्मल से आसन पावर हाउस को जाने वाली सप्लाई के ज्यादातर खंभे टूटे हुए हैं। इन खंभों को खड़ा करने में अभी समय लगेगा। बिजली निगम ने थर्मल से खेतों से होकर जाने वाली एक पुरानी लाइन के चार खंभे खड़े कर बिजली सुचारु करने की दिशा में काम किया। यहां बिजली निगम की टीम के साथ ग्रामीण देर रात तक तारों को जोड़ने में लगे रहे। मतलौडा और इसके आसपास के जोशी व अन्य गांवों में रविवार देर शाम को बिजली सुचारु हुई। इसके बाद लोगों ने राहत की कुछ सांस ली।
विज्ञापन


गांवों में बिजली न आने पर रविवार सुबह ही पेयजल को लेकर हा-हाकार मच गया। ग्रामीण आंचल में आसपास के गांवों में भी बिजली नहीं थी। पशुओं के लिए हरा चारा भी नहीं लाया जा सका। लोगों ने दोपहर तक बिजली का इंतजार किया। इसके बाद किराये पर जेनरेटर लाकर पेयजल की व्यवस्था की। गर्मी के मौसम में ग्रामीणों को पूरा दिन परेशान होना पड़ा। ग्रामीण आजाद सिंह, प्रवीण और कृष्ण ने बताया कि बिजली निगम को गांवों की बिजली सुचारु करने में समय रहते काम करना चाहिए था।
विज्ञापन
विज्ञापन


असंध रोड किसान भवन के बाहर सीवर रविवार को भी साफ नहीं हुआ। यहां पानी जमा रहा। दुकानदारों ने रविवार को प्रदर्शन। दुकानदार विक्रम व दिनेश ने बताया कि शुक्रवार रात को आई बारिश का पानी पूरी सड़क पर जमा है। 48 घंटे बाद भी यही स्थिति बनी हुई है। वहीं आरओबी में भी पानी जमा है।

वर्जन :

तूफान और तेज बारिश में करीब 3500 खंभे और 135 ट्रांसफार्मर गिर गए थे। निगम के अधिकारी और कर्मचारी लाइनों को सुचारु करने में लगे हुए हैं। गांवों की बिजली रविवार रात तक चालू करा दी गई है। थर्मल 132केवी से जुड़े चार गांवों में भी बिजली सुचारु की जा रही है। इसको भी जल्द बहाल कर दिया जाएगा। खेतों की बिजली सुचारु करने में अभी समय लगेगा।
धर्मबीर छिक्कारा, एसई, बिजली निगम।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed