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Panipat News: फल विक्रेता को एक लाख रुपये लौटा दिखाई ईमानदारी
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पानीपत। तहसील कैंप निवासी एक फल विक्रेता एक लाख रुपये को गत्ते की पेट्टी में रखकर भूल गया। फल विक्रेता ने गत्ता कबाड़ी को बेच दिया। जब फल विक्रेता को एक माह बाद याद आया कि उसने जो गत्ता बेचा था उसमें एक लाख रुपये थे। जब कबाड़ गोदाम के कर्मी को एक लाख रुपये मिले तो उसने फल विक्रेता को यह पैसे लौटा कर ईमानदारी का परिचय दिया।
तहसील कैंप निवासी दीपक चौरसिया ने बताया कि वह कैंप मंडी में फल की रेहड़ी लगाता है। उसने बहुत मुश्किल से एक लाख रुपये की बचत की थी। एक माह पहले उसने यह पैसे गत्ते की पेट्टी में रख दिए थे। वह यह पैसे रखकर भूल गया। उसने फिर कबाड़ी को गत्ता बेच दिया। जब उसको एक माह बाद याद आया कि उसने गत्ते में एक लाख रुपये रखे थे। फिर वह कबाड़ी के पास गया और उसने बताया कि जो गत्ता उसने बेचा था उसमें एक लाख रुपये थे। फिर कबाड़ी ने इस बारे में गोदाम मालिक से संपर्क किया। गोदाम मालिक ने अपनी लेबर को इस बारे में बताया। सोमवार को गत्तों की जांच करते हुए एक श्रमिक को एक लाख रुपये मिल गए। उसने यहां पैसे गोदाम मालिक के माध्यम से उसे लौटा दिए। श्रमिक की ईमानदारी पर फल विक्रेता दीपक चौरसिया ने उसे पांच हजार रुपये इनाम स्वरूप दिए ।
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तहसील कैंप निवासी दीपक चौरसिया ने बताया कि वह कैंप मंडी में फल की रेहड़ी लगाता है। उसने बहुत मुश्किल से एक लाख रुपये की बचत की थी। एक माह पहले उसने यह पैसे गत्ते की पेट्टी में रख दिए थे। वह यह पैसे रखकर भूल गया। उसने फिर कबाड़ी को गत्ता बेच दिया। जब उसको एक माह बाद याद आया कि उसने गत्ते में एक लाख रुपये रखे थे। फिर वह कबाड़ी के पास गया और उसने बताया कि जो गत्ता उसने बेचा था उसमें एक लाख रुपये थे। फिर कबाड़ी ने इस बारे में गोदाम मालिक से संपर्क किया। गोदाम मालिक ने अपनी लेबर को इस बारे में बताया। सोमवार को गत्तों की जांच करते हुए एक श्रमिक को एक लाख रुपये मिल गए। उसने यहां पैसे गोदाम मालिक के माध्यम से उसे लौटा दिए। श्रमिक की ईमानदारी पर फल विक्रेता दीपक चौरसिया ने उसे पांच हजार रुपये इनाम स्वरूप दिए ।
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