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लॉकडाउन में चोरी छिपे खुल रहीं दुकानें, प्रशासन दिख रहा विफल
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संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा। प्रशासन की सख्ती न होने के कारण शहर में लॉकडाउन प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पा रहा है। दोपहर तक हर दुकान और देर शाम तक चोरी छिपे गारमेंट्स एवं मोबाइल की दुकानें आधा शटर गिराकर खुली रहती हैं। लोगों का आरोप है कि पुलिस कर्मियों को इसकी जानकारी है, इसके बाद भी दुकानें बंद कराने से कतराते हैं। धारा 144 के बावजूद लोग इकट्ठे होते हैं और दुकानदार भी अपनी दुकानों के बाहर बैठे रहते हैं।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिला उपायुक्त की ओर से सख्ती से लॉकडाउन का पालन करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके शहर में आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सुबह होते ही जरूरी वस्तुओं की दुकानों के साथ ही अन्य दुकानें भी खुल जाती हैं। इनको न पुलिस का भय होता है और न ही किसी तरह के चालान से ये दुकानदार घबराते हैं। कुछ दुकानदार तो दिनभर अपनी दुकानों के बाहर बैठे रहते हैं और ग्राहक के आने पर उन्हें अंदर बैठाकर शटर नीचे कर खरीदारी करवाकर शटर खोल निकाल देते हैं।
दोपहर बाद भी माता पुली रोड के मुहाने, माता पुली के सामने, रोशन फोटो स्टूडियो के पास आधा शटर खोलकर सामान बेचते रहे। पुलिस कर्मी औपचारिकता पूरी करने के लिए हॉर्न बजाते हुए चेतावनी देते हुए निकल जाते हैं। यहीं नहीं कई जगह तो मोबाइल, गारमेंट्स, करियाणा की दुकानों के खुले होने के बावजूद वहां खड़े पुलिसकर्मी रेहड़ी वालों को हटाने में लगे रहते हैं और रसूखदार दुकानदारों को छोड़ दिया जाता है। स्थानीय राजेश, अंकित, सौरभ, जयबीर, राजू, सचिन, विकास, राकेश आदि का कहना है कि प्रशासन को दोहरा रवैया छोड़ना होगा तभी कोरोना संक्रमण को रोका जा सकता है।
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समालखा। प्रशासन की सख्ती न होने के कारण शहर में लॉकडाउन प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पा रहा है। दोपहर तक हर दुकान और देर शाम तक चोरी छिपे गारमेंट्स एवं मोबाइल की दुकानें आधा शटर गिराकर खुली रहती हैं। लोगों का आरोप है कि पुलिस कर्मियों को इसकी जानकारी है, इसके बाद भी दुकानें बंद कराने से कतराते हैं। धारा 144 के बावजूद लोग इकट्ठे होते हैं और दुकानदार भी अपनी दुकानों के बाहर बैठे रहते हैं।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिला उपायुक्त की ओर से सख्ती से लॉकडाउन का पालन करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके शहर में आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सुबह होते ही जरूरी वस्तुओं की दुकानों के साथ ही अन्य दुकानें भी खुल जाती हैं। इनको न पुलिस का भय होता है और न ही किसी तरह के चालान से ये दुकानदार घबराते हैं। कुछ दुकानदार तो दिनभर अपनी दुकानों के बाहर बैठे रहते हैं और ग्राहक के आने पर उन्हें अंदर बैठाकर शटर नीचे कर खरीदारी करवाकर शटर खोल निकाल देते हैं।
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दोपहर बाद भी माता पुली रोड के मुहाने, माता पुली के सामने, रोशन फोटो स्टूडियो के पास आधा शटर खोलकर सामान बेचते रहे। पुलिस कर्मी औपचारिकता पूरी करने के लिए हॉर्न बजाते हुए चेतावनी देते हुए निकल जाते हैं। यहीं नहीं कई जगह तो मोबाइल, गारमेंट्स, करियाणा की दुकानों के खुले होने के बावजूद वहां खड़े पुलिसकर्मी रेहड़ी वालों को हटाने में लगे रहते हैं और रसूखदार दुकानदारों को छोड़ दिया जाता है। स्थानीय राजेश, अंकित, सौरभ, जयबीर, राजू, सचिन, विकास, राकेश आदि का कहना है कि प्रशासन को दोहरा रवैया छोड़ना होगा तभी कोरोना संक्रमण को रोका जा सकता है।
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