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एमएसएमई से मिलेगी आत्मनिर्भर अभियान को गति : मुख्यमंत्री
Tue, 16 Sep 2025 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Tue, 16 Sep 2025 12:40 AM IST
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लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय अ धिवेशन में मंच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मन
- फोटो : credit
संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा (पानीपत)। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे राष्ट्रीय अभियानों की सफलता में लघु एवं मध्यम उद्योगों का विशेष योगदान है। इसी से आत्मनिर्भर अभियान को गति मिलेगी। युवा उद्यमी ही प्रदेश और देश को विकसित करने की कहानी लिख सकते हैं। 21वीं सदी के भारत को ऊंचाई और गति देने में एमएसएमई का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रदेश सरकार लघु उद्योगों के विकास के लिए विशेष योजनाएं और प्रोत्साहन नीतियां लागू कर रही हैं।
उन्होंने ये बात सोमवार को लघु उद्योग भारती के पट्टीकल्याणा स्थित सेवा साधना केंद्र में तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन के समापन समारोह में बतौर मुख्यातिथि कही। अति विशिष्ट अतिथि केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि लघु उद्योग भारती के तीन दिवसीय औद्योगिक चिंतन से लघु उद्योगों को विकास की नई दिशा मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश का भौगोलिक क्षेत्र केवल 1.3 प्रतिशत है, लेकिन यह वर्ष 2024-25 के अग्रिम अनुमान के अनुसार राष्ट्रीय जीडीपी में 3.6 का प्रतिशत का योगदान दे रहा है।
सकल राज्य घरेलू उत्पाद पिछले दशक में 10.8 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। पानीपत, अंबाला, यमुनानगर और फरीदाबाद के अनधिकृत औद्योगिक क्षेत्र में चल रही हजारों एमएसएमई को राहत प्रदान की गई है और इस क्षेत्र में इनका लाभ भी मिलना शुरू हो गया है। प्रदेश में 10 नए आईएमटी विकसित करने की योजना बनाई गई है। जिनमें तीन राष्ट्रीय राजमार्गों पर विकसित करने के लिए भूमि प्राप्त की जा रही है। इनमें अंबाला, जींद और फरीदाबाद-पलवल आईएमटी शामिल हैं। इनके अलावा कोसली और नारायणगढ़ में भी आईएमटी के लिए जगह चिह्नित की गई है।
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ड्रोन प्रौद्योगिकी के लिए युवा किसानों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने व्यापार में आसानी के लिए 48 विभागों में 1100 से अधिक अनुपालनों के नियामक बोझ को कम किया है। विगत 11 वर्षों में प्रदेश में 7.66 लाख सूक्ष्म लघु व मध्यम उद्योग लगे हैं और इनमें 39 लाख लोगों को रोजगार मिला है। सिंगल रूफ क्लीयरेंस सिस्टम के तहत 230 से अधिक ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रदेश निवेशकों और स्टार्टअप की पहली पसंद बन गया है। प्रदेश स्टार्टअप की संख्या में सातवें बड़े राज्य के रूप में उभरा है। यहां अब 9100 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप और 19 यूनिकॉर्न कंपनी हैं। अगले चरण के स्टार्टअप में महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 करने का लक्ष्य है। स्टार्टअप नीति के तहत 22 स्टार्टअप को 1.14 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भी प्रदान की है। इनको वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए निजी निवेशकों के सहयोग से दो हजार करोड़ रुपये का फंड ऑफ फंड्स भी स्थापित किया जा रहा है।
एआई आधारित स्टार्टअप को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। ड्रोन प्रौद्योगिकी के लिए 10 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड शुरू किया है। इसके लिए करनाल में 500 युवा किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री की लगभग 28 हजार यूनिट लग चुकी हैं। इसे और आगे बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है। एकीकृत मिनी फूड पार्क योजना पर भी ध्यान केंद्रित करते हुए इस पर 50 प्रतिशत की दर से पूंजी निवेश सब्सिडी प्रदान की जा रही है।
रोजगार देने में लघु उद्योगों की बड़ी भूमिका : मनोहर लाल
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि देश के विकास में उद्योगों का बड़ा योगदान है। लघु उद्योगों को सरकारी सहायता से गति प्रदान कर रोजगार के नए अवसर पैदा किया जा सकते हैं। केंद्र और राज्य सरकार उद्योग हितैषी नीतियों से भारत में नई औद्योगिक संस्कृति को बढ़ावा दे रही हैं। देश में वर्षों बाद जीएसटी के इतने कम स्लैब बनाए गए हैं जो कि अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है। आज विभिन्न उद्योगों में महिलाएं आगे आ रही हैं। छोटे-छोटे उद्योगों में भी महिलाओं को आगे लाना होगा। विदेशी मुद्रा के भंडारण में गति प्रदान करने के लिए एमएसएमई के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा निर्यात करना होगा। भारत सरकार द्वारा लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 22 प्रकार की योजनाएं चलाई गई हैं। मौके पर लघु उद्योग भारती हरियाणा के अध्यक्ष शुभ आदेश मित्तल, महासचिव मनोज रुंगटा, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह सरकार्यवाह एवं लघु उद्योग भारती के पालक अधिकारी डॉ. कृष्ण गोपाल, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री प्रकाश चंद्र, राष्ट्रीय महासचिव ओमप्रकाश गुप्ता, भाजपा के प्रदेश प्रभारी सतीश पूनिया, प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली, समालखा के विधायक मनमोहन भड़ाना, पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज, भाजपा जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट आदि मौजूद रहे।
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समालखा (पानीपत)। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे राष्ट्रीय अभियानों की सफलता में लघु एवं मध्यम उद्योगों का विशेष योगदान है। इसी से आत्मनिर्भर अभियान को गति मिलेगी। युवा उद्यमी ही प्रदेश और देश को विकसित करने की कहानी लिख सकते हैं। 21वीं सदी के भारत को ऊंचाई और गति देने में एमएसएमई का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रदेश सरकार लघु उद्योगों के विकास के लिए विशेष योजनाएं और प्रोत्साहन नीतियां लागू कर रही हैं।
उन्होंने ये बात सोमवार को लघु उद्योग भारती के पट्टीकल्याणा स्थित सेवा साधना केंद्र में तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन के समापन समारोह में बतौर मुख्यातिथि कही। अति विशिष्ट अतिथि केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि लघु उद्योग भारती के तीन दिवसीय औद्योगिक चिंतन से लघु उद्योगों को विकास की नई दिशा मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश का भौगोलिक क्षेत्र केवल 1.3 प्रतिशत है, लेकिन यह वर्ष 2024-25 के अग्रिम अनुमान के अनुसार राष्ट्रीय जीडीपी में 3.6 का प्रतिशत का योगदान दे रहा है।
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सकल राज्य घरेलू उत्पाद पिछले दशक में 10.8 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। पानीपत, अंबाला, यमुनानगर और फरीदाबाद के अनधिकृत औद्योगिक क्षेत्र में चल रही हजारों एमएसएमई को राहत प्रदान की गई है और इस क्षेत्र में इनका लाभ भी मिलना शुरू हो गया है। प्रदेश में 10 नए आईएमटी विकसित करने की योजना बनाई गई है। जिनमें तीन राष्ट्रीय राजमार्गों पर विकसित करने के लिए भूमि प्राप्त की जा रही है। इनमें अंबाला, जींद और फरीदाबाद-पलवल आईएमटी शामिल हैं। इनके अलावा कोसली और नारायणगढ़ में भी आईएमटी के लिए जगह चिह्नित की गई है।
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ड्रोन प्रौद्योगिकी के लिए युवा किसानों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने व्यापार में आसानी के लिए 48 विभागों में 1100 से अधिक अनुपालनों के नियामक बोझ को कम किया है। विगत 11 वर्षों में प्रदेश में 7.66 लाख सूक्ष्म लघु व मध्यम उद्योग लगे हैं और इनमें 39 लाख लोगों को रोजगार मिला है। सिंगल रूफ क्लीयरेंस सिस्टम के तहत 230 से अधिक ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रदेश निवेशकों और स्टार्टअप की पहली पसंद बन गया है। प्रदेश स्टार्टअप की संख्या में सातवें बड़े राज्य के रूप में उभरा है। यहां अब 9100 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप और 19 यूनिकॉर्न कंपनी हैं। अगले चरण के स्टार्टअप में महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 करने का लक्ष्य है। स्टार्टअप नीति के तहत 22 स्टार्टअप को 1.14 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भी प्रदान की है। इनको वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए निजी निवेशकों के सहयोग से दो हजार करोड़ रुपये का फंड ऑफ फंड्स भी स्थापित किया जा रहा है।
एआई आधारित स्टार्टअप को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। ड्रोन प्रौद्योगिकी के लिए 10 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड शुरू किया है। इसके लिए करनाल में 500 युवा किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री की लगभग 28 हजार यूनिट लग चुकी हैं। इसे और आगे बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है। एकीकृत मिनी फूड पार्क योजना पर भी ध्यान केंद्रित करते हुए इस पर 50 प्रतिशत की दर से पूंजी निवेश सब्सिडी प्रदान की जा रही है।
रोजगार देने में लघु उद्योगों की बड़ी भूमिका : मनोहर लाल
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि देश के विकास में उद्योगों का बड़ा योगदान है। लघु उद्योगों को सरकारी सहायता से गति प्रदान कर रोजगार के नए अवसर पैदा किया जा सकते हैं। केंद्र और राज्य सरकार उद्योग हितैषी नीतियों से भारत में नई औद्योगिक संस्कृति को बढ़ावा दे रही हैं। देश में वर्षों बाद जीएसटी के इतने कम स्लैब बनाए गए हैं जो कि अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है। आज विभिन्न उद्योगों में महिलाएं आगे आ रही हैं। छोटे-छोटे उद्योगों में भी महिलाओं को आगे लाना होगा। विदेशी मुद्रा के भंडारण में गति प्रदान करने के लिए एमएसएमई के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा निर्यात करना होगा। भारत सरकार द्वारा लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 22 प्रकार की योजनाएं चलाई गई हैं। मौके पर लघु उद्योग भारती हरियाणा के अध्यक्ष शुभ आदेश मित्तल, महासचिव मनोज रुंगटा, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह सरकार्यवाह एवं लघु उद्योग भारती के पालक अधिकारी डॉ. कृष्ण गोपाल, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री प्रकाश चंद्र, राष्ट्रीय महासचिव ओमप्रकाश गुप्ता, भाजपा के प्रदेश प्रभारी सतीश पूनिया, प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली, समालखा के विधायक मनमोहन भड़ाना, पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज, भाजपा जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट आदि मौजूद रहे।

लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय अ धिवेशन में मंच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मन- फोटो : credit