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बिजली निगम ने दोबारा शुरू की सेल्फ स्कीम
अमर उजाला, पानीपत
Updated Wed, 30 Oct 2013 11:53 PM IST
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पानीपत में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने किसानों को दिवाली का बेहतरीन तोहफा दिया है। निगम ने सेल्फ स्कीम शुरू करने के साथ-साथ डेराें- ढाणियों पर लगने वाले घरेलू कनेक्शन भी दोबारा खोल दिए हैं।
दिवाली पर एक ही समय में दो-दो योजनाएं दोबारा शुरू हो जाने के रूप में मिले तोहफे को पाकर किसान राहत महसूस कर रहे हैं। दोनों ही स्कीमों पर निगम ने प्रतिबंध लगाया था। प्रतिबंध हटने से संबंधित योजना केे बारे में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के चीफ जनरल मैनेजर और कामर्शियल की ओर सभी अधीक्षक अभियंताओं को पत्र जारी कर दिया है।
निगम के सभी सर्कल कार्यालयों मेें योजना से संबंधित पत्र की प्रतियां हर जिला के कार्यकारी अभियंता, उप मंडल अधिकारी और जूनियर इंजीनियरों को भेजी जा रही है।
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योजनाओं का विस्तार करने के आदेश
सीएमडी ने पत्र के माध्यम से निगम के हर अधिकारी और कर्मचारी को योजना का ज्यादा से ज्सादा विस्तार करने के आदेश दिए हैं। योजना मात्र दिखावा ही नहीं रह जाए, इसके लिए सख्त हिदायतें दी गई है। क्षेत्रीय अधिकरियों और कर्मचारियों को भी हिदायत दी जा रही है कि वे ज्यादा से ज्यादा किसानों को इस बारे में अवगत कराएं।
डेढ़ साल पहले हुई थी स्कीम बंद
सेल्फ स्कीम 23 मई 2012 मेें बंद हो गई थी। योजना बंद होने से किसानों को भारी परेशानी हो रही थी। किसान भी बार-बार मांग कर रहे थे कि योजना को दोबारा से शुरू का दिया जाए। किसानों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए निगम ने किसानाें को दिवाली का बेहतरीन तोहफा दिया है।
इस तरह मिलेगा ट्यूबवेल कनेक्शन
सेल्फ स्कीम के तहत किसानों को ट्यूबवेल का कनेक्शन आसानी से मिल जाता है। किसान 25, 63 और 100 केवीए तक के कनेक्शन सेल्फ स्कीम के तहत लगा सकेंगे। योजना के तहत कोई भी किसान कनेक्शन पर खर्च होने वाले एस्टिमेट का डेढ़ प्रतिशत हिस्सा जमा करवाकर कनेक्शन लगा सकता है। किसान खुद ही सारा सामान अपनी मर्जी से खरीदता है।
निगम को तो सामान को सिर्फ पास करना होता है। जैसे ही सामान पास होता है, निगम के ठेकेदार लाइन खड़ी करते हैं औन निगम अधिकारी कनेक्शन को चालू कर देते हैं। इस योजना के तहत किसानों को जल्दी कनेक्शन मिल जाता है और धक्के नहीं खाने पड़ते।
इसके अलावा डेराें और ढाणियों पर भी घरेलू कनेक्शन मिल सकेंगे। निगम ने डेराें ढाणियों लगने वाले बिजली के घरेलू कनेक्शनों पर भी रोक लगा रखी थी। अब इन कनेक्शनों पर भी लगी रोक को निगम ने हटा लिया है। किसान डेराें-ढाणियों पर भी आसानी से कनेक्शन पास सकेंगे।
किसानों हो रही थी परेशानी
दोनों ही स्कीम बंद होने पर किसानाें को भारी परेशानी हो रही थी। ट्रंकी बेस योजना के तहत किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन लेने में परेशानी हो रही थी। पिछले एक साल में ट्रंकी बेस योजना के तहत कम ही कनेक्शन मिल पाए थे। वहीं डेराें ढाणियों पर नए कनेक्शनोें पर प्रतिबंध लगने के कारण भी परेशानी बढ़ी थी।
वर्जन
दोनों योजनाओं पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया जाना खुशी की बात है। सभी किसान निगम के इस फैसले का स्वागत करते हैं। यूनियन भी हमेशा किसानों के हक की मांग करती है। यह एक तरह से किसानों के लिए निगम की तरफ से दिवाली के अवसर पर खास उपहार है।
सुखबीर सिंह, युवा प्रदेश अध्यक्ष, भाकियू (अ)
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दिवाली पर एक ही समय में दो-दो योजनाएं दोबारा शुरू हो जाने के रूप में मिले तोहफे को पाकर किसान राहत महसूस कर रहे हैं। दोनों ही स्कीमों पर निगम ने प्रतिबंध लगाया था। प्रतिबंध हटने से संबंधित योजना केे बारे में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के चीफ जनरल मैनेजर और कामर्शियल की ओर सभी अधीक्षक अभियंताओं को पत्र जारी कर दिया है।
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निगम के सभी सर्कल कार्यालयों मेें योजना से संबंधित पत्र की प्रतियां हर जिला के कार्यकारी अभियंता, उप मंडल अधिकारी और जूनियर इंजीनियरों को भेजी जा रही है।
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योजनाओं का विस्तार करने के आदेश
सीएमडी ने पत्र के माध्यम से निगम के हर अधिकारी और कर्मचारी को योजना का ज्यादा से ज्सादा विस्तार करने के आदेश दिए हैं। योजना मात्र दिखावा ही नहीं रह जाए, इसके लिए सख्त हिदायतें दी गई है। क्षेत्रीय अधिकरियों और कर्मचारियों को भी हिदायत दी जा रही है कि वे ज्यादा से ज्यादा किसानों को इस बारे में अवगत कराएं।
डेढ़ साल पहले हुई थी स्कीम बंद
सेल्फ स्कीम 23 मई 2012 मेें बंद हो गई थी। योजना बंद होने से किसानों को भारी परेशानी हो रही थी। किसान भी बार-बार मांग कर रहे थे कि योजना को दोबारा से शुरू का दिया जाए। किसानों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए निगम ने किसानाें को दिवाली का बेहतरीन तोहफा दिया है।
इस तरह मिलेगा ट्यूबवेल कनेक्शन
सेल्फ स्कीम के तहत किसानों को ट्यूबवेल का कनेक्शन आसानी से मिल जाता है। किसान 25, 63 और 100 केवीए तक के कनेक्शन सेल्फ स्कीम के तहत लगा सकेंगे। योजना के तहत कोई भी किसान कनेक्शन पर खर्च होने वाले एस्टिमेट का डेढ़ प्रतिशत हिस्सा जमा करवाकर कनेक्शन लगा सकता है। किसान खुद ही सारा सामान अपनी मर्जी से खरीदता है।
निगम को तो सामान को सिर्फ पास करना होता है। जैसे ही सामान पास होता है, निगम के ठेकेदार लाइन खड़ी करते हैं औन निगम अधिकारी कनेक्शन को चालू कर देते हैं। इस योजना के तहत किसानों को जल्दी कनेक्शन मिल जाता है और धक्के नहीं खाने पड़ते।
इसके अलावा डेराें और ढाणियों पर भी घरेलू कनेक्शन मिल सकेंगे। निगम ने डेराें ढाणियों लगने वाले बिजली के घरेलू कनेक्शनों पर भी रोक लगा रखी थी। अब इन कनेक्शनों पर भी लगी रोक को निगम ने हटा लिया है। किसान डेराें-ढाणियों पर भी आसानी से कनेक्शन पास सकेंगे।
किसानों हो रही थी परेशानी
दोनों ही स्कीम बंद होने पर किसानाें को भारी परेशानी हो रही थी। ट्रंकी बेस योजना के तहत किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन लेने में परेशानी हो रही थी। पिछले एक साल में ट्रंकी बेस योजना के तहत कम ही कनेक्शन मिल पाए थे। वहीं डेराें ढाणियों पर नए कनेक्शनोें पर प्रतिबंध लगने के कारण भी परेशानी बढ़ी थी।
वर्जन
दोनों योजनाओं पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया जाना खुशी की बात है। सभी किसान निगम के इस फैसले का स्वागत करते हैं। यूनियन भी हमेशा किसानों के हक की मांग करती है। यह एक तरह से किसानों के लिए निगम की तरफ से दिवाली के अवसर पर खास उपहार है।
सुखबीर सिंह, युवा प्रदेश अध्यक्ष, भाकियू (अ)