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मराठा दूसरी बार हाथी से गिरे, डॉ. शर्मा का भी छूट गया हाथ
जगमहेंद्र सरोहा, अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
Updated Sat, 17 May 2014 01:10 AM IST
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भाजपा से बागी हुए बसपा प्रत्याशी वीरेंद्र सिंह मराठा करनाल लोकसभा में दूसरी बार फिर हाथी से गिर गए। वे इस बार हाथी से ऐसे गिरे की हाव भाव ही भूल गए।
उनको इस चुनाव में पिछली बार से 1,25,724 वोट कम मिले हैं। वहीं कांग्रेस की टिकट पर दो बार सांसद बने डा. अरविंद शर्मा का तीसरी बार हाथ छूट गया।
उनको भी अपेक्षाकृत वोट नहीं मिल सकी और महज 2,34,670 वोट में संतोष करना पड़ा। उनको पिछली बार से 70028 वोट कम मिले।
कहते हैं कि राजनीति कुछ भी करा देती है और कोई व्यक्ति कुर्सी पाने के लिए कहीं भी किसी के पास भी जा सकता है, लेकिन यह जनता है सब जानती है और समय आने पर उसको असलियत का अहसास करा देती है। ऐसे ही चुनाव नतीजे शुक्रवार को निकले।
जीत के दंभ के साथ चढ़े थे हाथी
यहां हम बात कर रहे हैं पूर्व आईएएस वीरेंद्र मराठा की। वीरेंद्र मराठा ने लोकसभा का पिछला चुनाव बहन मायावती के हाथी पर सवार होकर यानी बहुजन समाजवादी पार्टी की टिकट से चुनाव लड़ा था।
उनको जीत का पूरा यकीन था, लेकिन वे पिछले चुनाव में 2,28,352 वोट ही ले सके और कांग्रेस के डा. अरविंद शर्मा ने उनको पछाड़ दिया। वे मायावती के हाथी से गिरने के बाद भाजपा में जा पहुंचे और टिकट को लेकर पूरा पसीना बहाया।
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वे कई साल तक प्रचार प्रसार में भी लगे रहे, लेकिन भाजपा ने उनको टिकट नहीं दिया। भाजपा का पहले चरण में टिकट कटते ही वीरेंद्र मराठा कमल को छोड़ बहन मायावती के हाथी पर फिर से सवार हो गए।
मायावती ने भी उनको टिकट दे दिया। वे लोकसभा के रोड़ मराठों के वोटों पर दंभ भरने लगे और जीत का दावा करने लगे। चुनाव के शुरुआती दिनों में ही उनको पसीना आना शुरू हो गया।
मराठा को इस चुनाव में 102628 वोट ही मिले जबकि उनको पिछली बार 228352 वोट मिले थे। वे इस चुनाव में 1,25,724 वोटों से पिछड़ गए।
डॉ. का भी हाथ छूटा
करनाल लोकसभा से कांग्रेस की टिकट पर दो बार लगातार जीत दर्ज कराने वाले डा. अरविंद शर्मा का तीसरी बार चुनाव में कांग्रेस से हाथ छूट गया।
उन्होंने जीत को लेकर कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की रैली भी कराई, लेकिन राहुल भी लोकसभा के मतदाताओं पर अपना रंग नहीं चढ़ा सके।
डॉ. अरविंद शर्मा को इस बार लोकसभा चुनाव में 234670 वोट मिले, जबकि पिछली बार उनको 3,04,698 वोट मिले थे। इस बार उनको 70028 वोट कम मिले।
आईडी स्वामी का बदला अश्विनी ने लिया
करनाल लोकसभा से भाजपा के आईडी स्वामी की हार का बदला अश्विनी चोपड़ा ने लिया। उन्होंने अकेले कांग्रेस ही नहीं बल्कि बसपा, इनेलो व आप के उम्मीदवार को भी धूल चटा दी।
आईडी स्वामी लोकसभा के पिछले चुनाव में मात्र 1,85,437 वोट ही ले सके थे। उनकी पूर्व केंद्रीय मंत्री की साख भी चुनाव में काम नहीं आ सकी थी। आईडी स्वामी की हार का बदला अश्विनी चोपड़ा ने लिया। अश्विनी चोपड़ा ने यहां से रिकार्ड 5,94,817 वोट लिए और पार्टी को करनाल लोकसभा से दमदार जीत दी।
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उनको इस चुनाव में पिछली बार से 1,25,724 वोट कम मिले हैं। वहीं कांग्रेस की टिकट पर दो बार सांसद बने डा. अरविंद शर्मा का तीसरी बार हाथ छूट गया।
उनको भी अपेक्षाकृत वोट नहीं मिल सकी और महज 2,34,670 वोट में संतोष करना पड़ा। उनको पिछली बार से 70028 वोट कम मिले।
कहते हैं कि राजनीति कुछ भी करा देती है और कोई व्यक्ति कुर्सी पाने के लिए कहीं भी किसी के पास भी जा सकता है, लेकिन यह जनता है सब जानती है और समय आने पर उसको असलियत का अहसास करा देती है। ऐसे ही चुनाव नतीजे शुक्रवार को निकले।
जीत के दंभ के साथ चढ़े थे हाथी
यहां हम बात कर रहे हैं पूर्व आईएएस वीरेंद्र मराठा की। वीरेंद्र मराठा ने लोकसभा का पिछला चुनाव बहन मायावती के हाथी पर सवार होकर यानी बहुजन समाजवादी पार्टी की टिकट से चुनाव लड़ा था।
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उनको जीत का पूरा यकीन था, लेकिन वे पिछले चुनाव में 2,28,352 वोट ही ले सके और कांग्रेस के डा. अरविंद शर्मा ने उनको पछाड़ दिया। वे मायावती के हाथी से गिरने के बाद भाजपा में जा पहुंचे और टिकट को लेकर पूरा पसीना बहाया।
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वे कई साल तक प्रचार प्रसार में भी लगे रहे, लेकिन भाजपा ने उनको टिकट नहीं दिया। भाजपा का पहले चरण में टिकट कटते ही वीरेंद्र मराठा कमल को छोड़ बहन मायावती के हाथी पर फिर से सवार हो गए।
मायावती ने भी उनको टिकट दे दिया। वे लोकसभा के रोड़ मराठों के वोटों पर दंभ भरने लगे और जीत का दावा करने लगे। चुनाव के शुरुआती दिनों में ही उनको पसीना आना शुरू हो गया।
मराठा को इस चुनाव में 102628 वोट ही मिले जबकि उनको पिछली बार 228352 वोट मिले थे। वे इस चुनाव में 1,25,724 वोटों से पिछड़ गए।
डॉ. का भी हाथ छूटा
करनाल लोकसभा से कांग्रेस की टिकट पर दो बार लगातार जीत दर्ज कराने वाले डा. अरविंद शर्मा का तीसरी बार चुनाव में कांग्रेस से हाथ छूट गया।
उन्होंने जीत को लेकर कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की रैली भी कराई, लेकिन राहुल भी लोकसभा के मतदाताओं पर अपना रंग नहीं चढ़ा सके।
डॉ. अरविंद शर्मा को इस बार लोकसभा चुनाव में 234670 वोट मिले, जबकि पिछली बार उनको 3,04,698 वोट मिले थे। इस बार उनको 70028 वोट कम मिले।
आईडी स्वामी का बदला अश्विनी ने लिया
करनाल लोकसभा से भाजपा के आईडी स्वामी की हार का बदला अश्विनी चोपड़ा ने लिया। उन्होंने अकेले कांग्रेस ही नहीं बल्कि बसपा, इनेलो व आप के उम्मीदवार को भी धूल चटा दी।
आईडी स्वामी लोकसभा के पिछले चुनाव में मात्र 1,85,437 वोट ही ले सके थे। उनकी पूर्व केंद्रीय मंत्री की साख भी चुनाव में काम नहीं आ सकी थी। आईडी स्वामी की हार का बदला अश्विनी चोपड़ा ने लिया। अश्विनी चोपड़ा ने यहां से रिकार्ड 5,94,817 वोट लिए और पार्टी को करनाल लोकसभा से दमदार जीत दी।