{"_id":"6ecdb7b0a44783bc3f7f154e96e93882","slug":"safe-place-to-land-bid","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुरक्षित स्थान पर हो जमीन की बोली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुरक्षित स्थान पर हो जमीन की बोली
अमर उजाला, पानीपत
Updated Tue, 26 Nov 2013 12:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
थर्मल। गांव आसन कलां की 850 एकड़ पचंायती जमीन की बोली कमेटी ने किसी सुरक्षित स्थान पर कराने की मांग की। कमेटी ने प्रशासन से मांग की है कि बोली गांव में नहीं होनी चाहिए।
कारण यहां पर बोली देने वाले को खतरा है। कमेटी सदस्य सज्जन सिंह ने कहा कि सभी कब्जाधारी दबंग हैं। वे पहले ही बोली नहीं होने देने की चेतावनी दे चुके हैं। इसी कारण वे चाहते है कि गांव में किसी प्रकार का विवाद न हो, ऐसे में उनका कहना है कि काफी संख्या में दलित वर्ग के लोग पंचायती जमीन की बोली देंगे। मगर शर्त यह है कि बोली किसी सुरक्षित स्थान पर होनी चाहिए।
उनका कहना है कि धारा 144 लेने के बाद भी 80 एकड़ जमीन में कब्जाधारी गेहूं की बिजाई कर चुके हैं। प्रशासन आठ-दस एकड़ फसल उजाड़ कर खुश हो रहा है।
पुख्ता है इंतजाम
बोली के समय सुरक्षा के प्रबंध किए हैं। कोई भी आदमी नियमानुसार पंचायती जमीन की बोली दे सकता है। प्रशासन हर हाल में 28 नवंबर को पंचायती जमीन की बोली कराएगा।
विज्ञापन
अशोक छिक्कारा, बीडीपीओ
विज्ञापन
कारण यहां पर बोली देने वाले को खतरा है। कमेटी सदस्य सज्जन सिंह ने कहा कि सभी कब्जाधारी दबंग हैं। वे पहले ही बोली नहीं होने देने की चेतावनी दे चुके हैं। इसी कारण वे चाहते है कि गांव में किसी प्रकार का विवाद न हो, ऐसे में उनका कहना है कि काफी संख्या में दलित वर्ग के लोग पंचायती जमीन की बोली देंगे। मगर शर्त यह है कि बोली किसी सुरक्षित स्थान पर होनी चाहिए।
विज्ञापन
उनका कहना है कि धारा 144 लेने के बाद भी 80 एकड़ जमीन में कब्जाधारी गेहूं की बिजाई कर चुके हैं। प्रशासन आठ-दस एकड़ फसल उजाड़ कर खुश हो रहा है।
पुख्ता है इंतजाम
बोली के समय सुरक्षा के प्रबंध किए हैं। कोई भी आदमी नियमानुसार पंचायती जमीन की बोली दे सकता है। प्रशासन हर हाल में 28 नवंबर को पंचायती जमीन की बोली कराएगा।
विज्ञापन
अशोक छिक्कारा, बीडीपीओ