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Panipat News: अडानी गैस बिल अपडेट करने के बहाने 10.80 लाख की ठगी, गुजरात से दो आरोपी गिरफ्तार
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एपीके फाइल इंस्टॉल कराकर मोबाइल किया हैक, ठगी की रकम से बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से चुकाते थे गोल्ड लोन
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। अडानी गैस का बिल अपडेट करने का झांसा देकर 10.80 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में साइबर थाना पुलिस ने गुजरात से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें गुजरात के मोरबी जिले के तराजापूर निवासी गोपाल और राजकोट के गोविंद नगर निवासी रोहन मतिया शामिल हैं।
पुलिस दोनों को राजकोट से ट्रांजिट रिमांड पर पानीपत लेकर आई है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। आरोपियों पर एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैक करने और बैंक खातों से रुपये निकालने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, ठगी की रकम से बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से गोल्ड लोन चुकाया जाता था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पूछताछ में गिरोह के काम करने के तरीके को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
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गैस कनेक्शन कटने की चेतावनी देकर फंसाया
अंसल सुशांत सिटी निवासी अरुण ने साइबर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 16 सितंबर को उनके चाचा सुरेंद्र गुप्ता निवासी फ्रेंड्स कॉलोनी, असंध रोड के व्हाट्सएप पर एक संदेश आया था। इसमें अडानी गैस का बिल अपडेट नहीं होने की बात कहते हुए कनेक्शन काटने की चेतावनी दी गई थी।
संदेश में दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर ठगों ने व्हाट्सएप के माध्यम से एक एपीके फाइल भेजी। फाइल इंस्टॉल करते ही मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद एचडीएफसी बैंक के दो अलग-अलग खातों से 10,80,541 रुपये निकल गए। ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
गोल्ड लोन चुकाने में इस्तेमाल करते थे ठगी की रकम
साइबर थाना प्रभारी अजय ने बताया कि मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। उनसे अन्य साइबर ठगी की वारदातों और गिरोह के दूसरे सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि अनजान नंबरों से आने वाले संदेशों और व्हाट्सएप पर भेजे गए क्यूआर कोड या एपीके फाइल के प्रति सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध लिंक या फाइल को इंस्टॉल न करें और साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। अडानी गैस का बिल अपडेट करने का झांसा देकर 10.80 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में साइबर थाना पुलिस ने गुजरात से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें गुजरात के मोरबी जिले के तराजापूर निवासी गोपाल और राजकोट के गोविंद नगर निवासी रोहन मतिया शामिल हैं।
पुलिस दोनों को राजकोट से ट्रांजिट रिमांड पर पानीपत लेकर आई है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। आरोपियों पर एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैक करने और बैंक खातों से रुपये निकालने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, ठगी की रकम से बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से गोल्ड लोन चुकाया जाता था।
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पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पूछताछ में गिरोह के काम करने के तरीके को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
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गैस कनेक्शन कटने की चेतावनी देकर फंसाया
अंसल सुशांत सिटी निवासी अरुण ने साइबर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 16 सितंबर को उनके चाचा सुरेंद्र गुप्ता निवासी फ्रेंड्स कॉलोनी, असंध रोड के व्हाट्सएप पर एक संदेश आया था। इसमें अडानी गैस का बिल अपडेट नहीं होने की बात कहते हुए कनेक्शन काटने की चेतावनी दी गई थी।
संदेश में दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर ठगों ने व्हाट्सएप के माध्यम से एक एपीके फाइल भेजी। फाइल इंस्टॉल करते ही मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद एचडीएफसी बैंक के दो अलग-अलग खातों से 10,80,541 रुपये निकल गए। ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
गोल्ड लोन चुकाने में इस्तेमाल करते थे ठगी की रकम
साइबर थाना प्रभारी अजय ने बताया कि मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। उनसे अन्य साइबर ठगी की वारदातों और गिरोह के दूसरे सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि अनजान नंबरों से आने वाले संदेशों और व्हाट्सएप पर भेजे गए क्यूआर कोड या एपीके फाइल के प्रति सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध लिंक या फाइल को इंस्टॉल न करें और साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।