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Panipat News: बिजली रिपेयरिंग एजेंसी की खराब कार्यशैली की निदेशक को भेजी रिपोर्ट
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पानीपत। अब बिजली निगम अधिकारियों ने भी मान लिया है कि शहर की बिजली रिपेयरिंग का काम करने वाली एजेंसी इम्पीरियल अपने काम में फेल साबित हो रही है। एक बार फिर से निगम अधिकारियों ने फिर से एजेंसी प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और एजेंसी की कार्यप्रणाली की रिपोर्ट बिजली निगम के निदेशक को भेज दी है। जिसमें निगम अधिकारियों ने एजेंसी के साथ हुए 14 मुद्दों पर बातचीत की। इनके समाधान कोे लेकार एजेंसी को 29 जून तक का अल्टीमेटम दिया है। जिसमें इन्हीं मुद्दों पर रिव्यू बैठक होगी
बैठक में निगम अधिकारियों ने एजेंसी प्रतिनिधियों को बताया कि उनकी एजेंसी समय पर बिजली समस्याओं का समाधान करने में नाकाम रही है। एजेंसी ने अब तक अपने जीपीएस लगे चार पहिया और दो पहिया वाहन तक नहीं लगाए हैं। एजेंसी कर्मचारियों के पास सुपरविजन की कमी है। कर्मचारियों में आपसी तालमेल तक नहीं हैं। जो अपने अधिकारियों को जवाब तक नहीं दे पाते। एजेंसी के कर्मचारी अपने फोन तक बंद कर लेते हैं। कुछ कर्मचारी समस्या का समाधान नहीं करते और अगली शिफ्ट के कर्मचारियों को इंतजार करते हैं। एजेंसी के पास कुशल ट्रेंड स्टॉफ तक नहीं है। एजेंसी के पास किसी शिकायत पर मोबाइल टीम तक नहीं है। एजेंसी के पास उनके काम का रिकॉर्ड तक नहीं है। एजेंसी कर्मचारियों को एक रजिस्टर लगाना चाहिए। जिसमें शिकायत, शिकायतकर्ता का नाम, मोबाइल और उसका समाधान का ब्योरा दर्ज हो। एजेंसी खराब हुए ट्रांसफार्मरों को भी समय पर जमा नहीं करवाती है। एजेंसी के कर्मचारियों के पास सेफ्टी किट तक नहीं है। एजेंसी कर्मचारी बायोमेट्रिक पर हाजिरी नहीं लगाते। एजेंसी एसडीओ या जेई से पूछे बिना कर्मचारियों को न बदले।
दो साल के लिए 6.96 करोड़ का एजेंसी को दिया है ठेका-बिजली निगम ने सिटी और मॉडल टाउन सब डिवीजन के अंतर्गत आने वाले एरिया में बिजली की लाइन और ट्रांसफार्मर की मरम्मत और रखरखाव का का ठेका दिल्ली की इम्पीरियल कंपनी को दिया है। जिसमें कंपनी की ओर से 128 कर्मचारी, नौ टू व्हीलर, चार फोर व्हीलर समेत एक स्काई लिफ्टर मशीन उपलब्ध करवानी थी। जबकि स्काई लिफ्टर तो दूर एजेंसी के पास सीढ़ी तक नहीं है। इस पर 29 लाख रुपये प्रतिमाह का भुगतान किया जाना था। जो दो साल के लिए करीब 6.96 करोड़ बनता है। इस बजट में एजेंसी को 33 केवी सब स्टेशन को छोड़कर बाकी नेटवर्क की जिसमें 11 केवी और एलटी लाइनें जो मॉडल टाउन और सिटी सब डिवीजन में आती हैं का रखरखाव करना था जो आज तक भी सही ढंग से नहीं हो पाया है। दोनों सब डिवीजन में चार शिकायत केंद्र बनाने थे। इस बैठक में बिजली निगम की ओर से एसई धर्म सुहाग, एक्सईएन विशाल गोयत, एसडीओ कुलदीप पूनिया, अनिल श्योकंद मौजूद रहे। जबकि एजेंसी की ओर से वीके गांधी, एनसी रणदेव, ज्ञान सिंह, जितेंद्र धनखड, सलीन और हिमांशु वत्स मौजूद रहे।
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बैठक में निगम अधिकारियों ने एजेंसी प्रतिनिधियों को बताया कि उनकी एजेंसी समय पर बिजली समस्याओं का समाधान करने में नाकाम रही है। एजेंसी ने अब तक अपने जीपीएस लगे चार पहिया और दो पहिया वाहन तक नहीं लगाए हैं। एजेंसी कर्मचारियों के पास सुपरविजन की कमी है। कर्मचारियों में आपसी तालमेल तक नहीं हैं। जो अपने अधिकारियों को जवाब तक नहीं दे पाते। एजेंसी के कर्मचारी अपने फोन तक बंद कर लेते हैं। कुछ कर्मचारी समस्या का समाधान नहीं करते और अगली शिफ्ट के कर्मचारियों को इंतजार करते हैं। एजेंसी के पास कुशल ट्रेंड स्टॉफ तक नहीं है। एजेंसी के पास किसी शिकायत पर मोबाइल टीम तक नहीं है। एजेंसी के पास उनके काम का रिकॉर्ड तक नहीं है। एजेंसी कर्मचारियों को एक रजिस्टर लगाना चाहिए। जिसमें शिकायत, शिकायतकर्ता का नाम, मोबाइल और उसका समाधान का ब्योरा दर्ज हो। एजेंसी खराब हुए ट्रांसफार्मरों को भी समय पर जमा नहीं करवाती है। एजेंसी के कर्मचारियों के पास सेफ्टी किट तक नहीं है। एजेंसी कर्मचारी बायोमेट्रिक पर हाजिरी नहीं लगाते। एजेंसी एसडीओ या जेई से पूछे बिना कर्मचारियों को न बदले।
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दो साल के लिए 6.96 करोड़ का एजेंसी को दिया है ठेका-बिजली निगम ने सिटी और मॉडल टाउन सब डिवीजन के अंतर्गत आने वाले एरिया में बिजली की लाइन और ट्रांसफार्मर की मरम्मत और रखरखाव का का ठेका दिल्ली की इम्पीरियल कंपनी को दिया है। जिसमें कंपनी की ओर से 128 कर्मचारी, नौ टू व्हीलर, चार फोर व्हीलर समेत एक स्काई लिफ्टर मशीन उपलब्ध करवानी थी। जबकि स्काई लिफ्टर तो दूर एजेंसी के पास सीढ़ी तक नहीं है। इस पर 29 लाख रुपये प्रतिमाह का भुगतान किया जाना था। जो दो साल के लिए करीब 6.96 करोड़ बनता है। इस बजट में एजेंसी को 33 केवी सब स्टेशन को छोड़कर बाकी नेटवर्क की जिसमें 11 केवी और एलटी लाइनें जो मॉडल टाउन और सिटी सब डिवीजन में आती हैं का रखरखाव करना था जो आज तक भी सही ढंग से नहीं हो पाया है। दोनों सब डिवीजन में चार शिकायत केंद्र बनाने थे। इस बैठक में बिजली निगम की ओर से एसई धर्म सुहाग, एक्सईएन विशाल गोयत, एसडीओ कुलदीप पूनिया, अनिल श्योकंद मौजूद रहे। जबकि एजेंसी की ओर से वीके गांधी, एनसी रणदेव, ज्ञान सिंह, जितेंद्र धनखड, सलीन और हिमांशु वत्स मौजूद रहे।
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