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Panipat News: अवशेष जलाने पर रेड एंट्री होगी दर्ज
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पानीपत। प्रशासन ने धान की पराली और अवशेष जलाने वाले किसानों को रेड एंट्री दर्ज करने की चेतावनी दी है। ऐसे किसानों पर प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त डाॅ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि जिला प्रशासन फसल अवशेष व पराली जलाने वाले किसानों पर सख्त है। हरसेक पर आगजनी की लोकेशन मिलने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश में फसल के अवशेष जलाने से रोकने के लिए सख्त निर्णय लिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि निर्देशानुसार चालू सीजन के दौरान धान की फसल के अवशेषों को जलाने वाले किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर संबंधित अधिनियम में अभियोजन चलाया जाएगा। इसके अलावा धान की फसल के अवशेष जलाने वाले किसानों के मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल के रिकॉर्ड में रेड एंट्री दर्ज की जाएगी। ऑनलाइन लॉग-इन में इसके लिए प्रावधान दिया गया है। इससे किसानों को अगले दो सत्रों के दौरान ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से मंडियों में अपनी फसल बेचने पर प्रतिबंध रहेगा। जिले में संबंधित एसडीएम की देखरेख में रेड जोन व येलो जोन सहित जिन गांवों में धान की फसल की बिजाई की गई है। उन गांवों में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों, गांव के पटवारी, ग्राम सचिव, नोडल अधिकारियों, राजस्व व पंचायत विभाग के अधिकारियों, पुलिस विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की इंफोर्समेंट, सुपरविजन व मॉनिटरिंग के लिए ड्यूटी निर्धारित की गई है। वे लगातार निगरानी रखने के साथ किसानों को पराली न जलाने को लेकर जागरूक भी कर रहे हैं।
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उपायुक्त डाॅ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि जिला प्रशासन फसल अवशेष व पराली जलाने वाले किसानों पर सख्त है। हरसेक पर आगजनी की लोकेशन मिलने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश में फसल के अवशेष जलाने से रोकने के लिए सख्त निर्णय लिए गए हैं।
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उन्होंने बताया कि निर्देशानुसार चालू सीजन के दौरान धान की फसल के अवशेषों को जलाने वाले किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर संबंधित अधिनियम में अभियोजन चलाया जाएगा। इसके अलावा धान की फसल के अवशेष जलाने वाले किसानों के मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल के रिकॉर्ड में रेड एंट्री दर्ज की जाएगी। ऑनलाइन लॉग-इन में इसके लिए प्रावधान दिया गया है। इससे किसानों को अगले दो सत्रों के दौरान ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से मंडियों में अपनी फसल बेचने पर प्रतिबंध रहेगा। जिले में संबंधित एसडीएम की देखरेख में रेड जोन व येलो जोन सहित जिन गांवों में धान की फसल की बिजाई की गई है। उन गांवों में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों, गांव के पटवारी, ग्राम सचिव, नोडल अधिकारियों, राजस्व व पंचायत विभाग के अधिकारियों, पुलिस विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की इंफोर्समेंट, सुपरविजन व मॉनिटरिंग के लिए ड्यूटी निर्धारित की गई है। वे लगातार निगरानी रखने के साथ किसानों को पराली न जलाने को लेकर जागरूक भी कर रहे हैं।
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