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Panipat News: न्याय के लिए रणबीर ने खटखटाया अदालत का दरवाजा
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पानीपत। वैसर गांव निवासी राजमिस्त्री रणबीर न्याय के लिए उपायुक्त व सिविल सर्जन के कार्यालय में चक्कर काट रहा है। उसका आरोप है कि उसकी सुनवाई नहीं हो रही। अब तक आरोपी ऑस्कर अस्पताल के डॉक्टरों पर कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि रिपोर्ट में यह साबित हो चुका है कि डॉक्टरों ने लापरवाही से उसके स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया है। वह घुटनों के गलत ऑपरेशन से अपाहिज हो चुका है। अब उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उसने इस मामले के जांच की रिपोर्ट जिला नागरिक अस्पताल से ली है।
जिला नेग्लिजेंसी कमेटी ने अपनी जांच में ऑस्कर अस्पताल के डॉ. विवेक पांडे का राजमिस्त्री के इलाज में लापरवाही बरतना पाया है। डॉक्टरों को जिस घुटने का ऑपरेशन नहीं करना चाहिए था, उसका लापरवाही से ऑपरेशन कर दिया। डॉक्टर ने दाएं घुटने का एक्सरे देखा फिर भी बाएं घुटने का ऑपरेशन कर दिया। अस्पताल में ओपीडी स्लिप पर भी साफ लिखा था कि दाएं घुटने में दिक्कत है। आयुष्मान योजना के तहत दाएं घुटने की सर्जरी की अनुमति ली गई थी। यह कागजातों में अंकित है। इसके बाद भी लापरवाही से उसके बाएं घुटने का ऑपरेशन कर दिया गया। सिविल सर्जन ने यह रिपोर्ट डीसी को सौंप दी है।
वैसर गांव निवासी राजमिस्त्री रणबीर ने गत दिनों समाधान शिविर में डीसी को दी शिकायत दी थी। उन्होंने बताया था कि अप्रैल में घर में झाडू पोंछा करते समय फिसल गया था। जिससे उसके घुटने पर सूजन आ गई थी। वह उसे 13 मई को ऑस्कर अस्पताल में आया था। वहां पर डॉ. हर्ष व विवेक पांडे ने उसकी जांच की और दायें पैर के घुटने के ऑपरेशन को कहा था। उसको उसी दिन अस्पताल में दाखिल कर लिया गया था। उसका अगले दिन 14 मई की रात को आयुष्मान योजना के अंतर्गत ऑपरेशन किया गया था। उसे जब होश आया तो उसने देखा कि उसका दायां पैर तो ऐसे ही था, जबकि बाएं पैर के घुटने का ऑपरेशन कर दिया था। उन्होंने डॉक्टर को बुला ऑपरेशन गलत करने की बारे बात की। उन्होंने अपनी गलती मानी। उन्होंने दाएं पैर का भी ऑपरेशन करने की कही।
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इसके एक घंटे बाद उसके दाएं पैर का भी ऑपरेशन कर दिया था। उसको पांच मई को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी। अब वह न तो चल पाता है और न कोई काम कर पाता है। वह अपंग हो चुका है। वह कई बार उपायुक्त व सिविल सर्जन से मिलकर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग कर चुका है लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई।
वर्जन :
जिला सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि मामले की जांच रिपोर्ट डीसी को सौंप दी गई है। आरोपियों पर कार्रवाई मुख्यालय को करनी है। इसपर आयोग भी कार्रवाई कर सकता है। उनको जैसे निर्देश मिलेंगे वह उसी आधार पर कार्रवाई करेंगे।
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जिला नेग्लिजेंसी कमेटी ने अपनी जांच में ऑस्कर अस्पताल के डॉ. विवेक पांडे का राजमिस्त्री के इलाज में लापरवाही बरतना पाया है। डॉक्टरों को जिस घुटने का ऑपरेशन नहीं करना चाहिए था, उसका लापरवाही से ऑपरेशन कर दिया। डॉक्टर ने दाएं घुटने का एक्सरे देखा फिर भी बाएं घुटने का ऑपरेशन कर दिया। अस्पताल में ओपीडी स्लिप पर भी साफ लिखा था कि दाएं घुटने में दिक्कत है। आयुष्मान योजना के तहत दाएं घुटने की सर्जरी की अनुमति ली गई थी। यह कागजातों में अंकित है। इसके बाद भी लापरवाही से उसके बाएं घुटने का ऑपरेशन कर दिया गया। सिविल सर्जन ने यह रिपोर्ट डीसी को सौंप दी है।
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वैसर गांव निवासी राजमिस्त्री रणबीर ने गत दिनों समाधान शिविर में डीसी को दी शिकायत दी थी। उन्होंने बताया था कि अप्रैल में घर में झाडू पोंछा करते समय फिसल गया था। जिससे उसके घुटने पर सूजन आ गई थी। वह उसे 13 मई को ऑस्कर अस्पताल में आया था। वहां पर डॉ. हर्ष व विवेक पांडे ने उसकी जांच की और दायें पैर के घुटने के ऑपरेशन को कहा था। उसको उसी दिन अस्पताल में दाखिल कर लिया गया था। उसका अगले दिन 14 मई की रात को आयुष्मान योजना के अंतर्गत ऑपरेशन किया गया था। उसे जब होश आया तो उसने देखा कि उसका दायां पैर तो ऐसे ही था, जबकि बाएं पैर के घुटने का ऑपरेशन कर दिया था। उन्होंने डॉक्टर को बुला ऑपरेशन गलत करने की बारे बात की। उन्होंने अपनी गलती मानी। उन्होंने दाएं पैर का भी ऑपरेशन करने की कही।
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इसके एक घंटे बाद उसके दाएं पैर का भी ऑपरेशन कर दिया था। उसको पांच मई को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी। अब वह न तो चल पाता है और न कोई काम कर पाता है। वह अपंग हो चुका है। वह कई बार उपायुक्त व सिविल सर्जन से मिलकर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग कर चुका है लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई।
वर्जन :
जिला सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि मामले की जांच रिपोर्ट डीसी को सौंप दी गई है। आरोपियों पर कार्रवाई मुख्यालय को करनी है। इसपर आयोग भी कार्रवाई कर सकता है। उनको जैसे निर्देश मिलेंगे वह उसी आधार पर कार्रवाई करेंगे।