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छुट्टी के दिन कार्यालय पहुंचे रजिस्ट्रार

Sat, 21 Nov 2015 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत Updated Sat, 21 Nov 2015 11:46 PM IST
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एसडी एजुकेशन सोसाइटी और इसकी शिक्षण संस्थाओं के त्रिवार्षिक चुनाव को लेकर गोयला व मित्तल पक्ष में छिड़ी जंग के बीच फर्म एंड सोसाइटी के रजिस्ट्रार को छुट्टी के दिन कार्यालय आना पड़ा।
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उन्होंने हाईकोर्ट के चुनाव रोक के आदेशों को अपने व एसडी एजुकेशन सोसाइटी के कार्यालय पर नोटिस चस्पा दिया।

रजिस्ट्रार के नोटिस के बाद न केवल मित्तल बल्कि काकू बंसल गुट की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं।

फर्म एंड सोसाइटी विभाग के रजिस्ट्रार आरके राणा शनिवार को अपने कार्यालय पहुंचे।

उन्होंने हाईकोर्ट द्वारा एसडी एजुकेशन सोसाइटी के चुनाव संबंधी रोक लगाने के आदेशों की कॉपी प्राप्त की।

रजिस्ट्रार ने तुरंत प्रभाव से अपने कार्यालय के स्टाफ को भी सूचित किया और कार्यालय की सारी प्रक्रिया पूरी करने के बाद एसडी एजुकेशन सोसाइटी के कार्यालय के बाहर 22 नवंबर को होने वाले चुनाव पर रोक लगाने का नोटिस चस्पा कर दिया।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए शनिवार की छुट्टी के बावजूद फर्म एंड सोसाइटी के रजिस्ट्रार अपने कार्यालय पहुंचे। हाइकोर्ट के निर्णय के अनुसार चुनाव को टाल देने का नोटिस बनाया और एसडी एजुकेशन सोसाइटी कार्यालय पर चसपा कर दिया।
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रजिस्ट्रार की कार्रवाई की जानकारी मित्तल व काकू बंसल ग्रुप को भी लग गई। अब न केवल रोशनलाल मित्तल बल्कि काकू बंसल ग्रुप की दिक्कतें बढ़ गई  हैं।

यह पड़ेगा असर
अब सभी को बड़ी बेसब्री से एसडी एजुकेशन के 13 सदस्यों के मामले में कोर्ट के लिखित आर्डर आने का इंतजार है। यदि वास्तव में एसडी एजुकेशन सोसाइटी के 13 सदस्यों की मान्यता रद होती है तो पूरा चुनाव नए सिरे से होना सुनिश्चित है।

सोसाइटी के जिन 33 पदों में से 24 सदस्यों को अभी तक निर्विरोध चुन लिया गया माना जा रहा है उन सीटों पर भी नए सिरे से चुनाव होगा।

इन 13 सदस्यों की मान्यता रद होने से इनके द्वारा 2011में बनाए गए सौ नए सदस्यों की मान्यता पर भी संकट के बादल मंडराने तय हैं।

बहरहाल अब कोर्ट के आदेशों का सभी को इंतजार रहेगा लेकिन हाइकोर्ट की छुट्टियां होने के कारण अब आदेशों के लिए सभी को 27 नवंबर तक का इंतजार करना पड़ेगा।

इसलिए खुला शनिवार को रजिस्ट्रार कार्यालय
शुक्रवार को हाईकोर्ट ने प्रवीण गोयल की याचिका पर चुनाव पर रोक लगाने के मामले में बेशक चुनाव डेफर ऑर्डर जारी कर दिए थे, लेकिन इन आदेशों की कॉपी हाईकोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड नहीं हुई थी।

न ही इन आदेशों की कॉपी रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसाइटी के कार्यालय तक पहुंची थी। करीब 4 बजकर 45 मिनट पर यह कॉपी राजेश बंसल नामक व्यक्ति ने रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसाइटी के कार्यालय में चंडीगढ़ से लाकर जमा करा दी।

यदि ऐसा नहीं होता तो कोर्ट के आदेशों की प्रति नहीं आने के कारण रविवार को चुनाव हो सकते थे। इसी दिन चुनाव के नतीजे भी आ जाते।

अलबत्ता अंतिम क्षणों में जमा हुए लेटर के कारण चुनाव टल गए। यही कारण रहा कि शनिवार की छुट्टी के बावजूद रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसाइटी को हाइकोर्ट के लेटर का नोटिस बनाने के लिए कार्यालय पहुंचना पड़ा।

13 सदस्यों के मामले में विरोधाभासी हैं राय
एसडी एजुकेशन सोसाइटी में 2009 में बने 13 सदस्यों की मान्यता रद करने के मामले में अभी तक  दोनों धड़ों के विरोधाभासी बयान हैं। एक ग्रुप का कहना है कि कोर्ट ने मान्यता रद कर दी है जबकि रोशन मित्तल ग्रुप का कहना है कि कोर्ट ने 13 सदस्यों की मान्यता रद नहीं की।

उनकी मान्यता को रद करने न करने के फैसले को फर्म एंड सोसाइटी रजिस्ट्रार के पास भेजकर छह माह के भीतर निपटारे के आदेश हाइकोर्ट ने दिए हैं।

बताया यह जा रहा है कि इस मामले में दोनों ही पक्ष अपनी-अपनी जगह सही हैं। दरअसल कोर्ट ने वर्तमान चुनावों के लिए इन 13 सदस्यों को अयोग्य ठहराते हुए, इनकी आजीवन सदस्य व मान्यता के मामले को रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसाइटी के पास भेजा है।

इसी मामले में कोर्ट ने छह माह के भीतर निर्णय देने के आदेश रजिस्ट्रार को दिये हैं।

13 में ही शामिल हैं चुनाव अधिकारी व प्रत्याशी
यदि वर्तमान चुनाव में इन सदस्यों की मान्यता को रद किया जाता है तो भी चुनाव दोबारा से ही होने  तय हैं। चूंकि इन चुनाव में इन 13 सदस्यों में चुनाव अधिकारी सुरेंद्र मित्तल व चुनाव लड़ रहे पंकज सिंगला भी शामिल हैं।



एसडी एजुकेशन सोसाइटी के तेरह सदस्यों की मान्यता रद हुई है या नहीं मैं इस बारे में कोर्ट के लिखित आदेश आने से पहले कुछ नहीं कहा जा सकता। चुनाव नए सिरे से होगा या अभी तक हो चुके प्रोसेस से आगे होगा यह भी कोर्ट के आदेश के बाद ही पता चलेगा। चुनाव को फिलहाल 27 नवंबर तक डेफर कर दिया गया है। इसके लिए नोटिस चसपा कर दिया गया है।
आरके राणा, फर्म एंड सोसाइटी, रजिस्ट्रार, पानीपत
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