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बैठक के एजेंडे पर भड़के पार्षद

Tue, 17 Sep 2013 11:54 PM IST
अमर उजाला, पानीपत
अमर उजाला, पानीपत Updated Tue, 17 Sep 2013 11:54 PM IST
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Raging councilor on the agenda
पानीपत में नगर निगम के हाउस की पहली मीटिंग से पहले ही एजेंडा नोटिस के लिए हंगामा खड़ा हो गया है। नोटिस में भेजे आठ एजेंडों में से चार एजेंडे अधिकर पार्षदों की समझ से बाहर हैं।
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इन चार एजेंडों पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। भाजपा पार्षदों ने एजेंडा नोटिस को अधूरा बताया है और इनकी आड़ में मनमर्जी के नियम पास कराने का आरोप है।

नगर निगम के हाउस की पहली बैठक 26 सितंबर को लघु सचिवालय के प्रथम तल पर दोपहर बाद साढ़े तीन बजे होगी। बैठक और इसमें रखे जाने वाले एजेंडों का नोटिस पार्षदों को भेज दिया है। निगम की ओर से भेजे नोटिस में आठ एजेंडों को शामिल किया है। इनमें से चार एजेंडों पर सवाल खड़े हुए हैं।
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इन मामलों पर उठे सवाल

मामला नंबर-एक

मीटिंग का पहला एजेंडा कोर्ट की ओर से एसएलपी 309 ऑफ 2003 है। जिसका टाइटल लक्ष्मी नारायण मोदी वर्सिज यूनियन ऑफ इंडिया एंड अदर्स है। बैठक में इस एजेंडे को लागू करने पर चर्चा होगी।
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पार्षद यहां हैं कंफ्यूज : यह एजेंडा पार्षदों की समझ से परे है। उनको इसके बारे में कुछ भी जानकारी नहीं है। कई पार्षदों ने इसमें अनभिज्ञता जताई है।
ये है असली मामला : एसएलपी 309 स्लाटर हाउसों से संबंधित है। इसमें स्लाटर हाउसों को शहर से बाहर करने और उनको व्यवस्थित करने के लिए रखा है।
विशेषज्ञों की राय : नगर निगम द्वारा एजेंडा नोटिस के साथ इन मामलों से संबंधि आर्डर की कॉपी भेजनी चाहिए थी।

मामला नंबर-दो
मीटिंग का दूसरा एजेंडा हॉली झील जमीन और पार्क के विकास और सौंदर्यीकरण और पेंडिंग सीडब्ल्यूपी 14725 ऑफ 2012 पर विचार विमर्श करने के बारे में है।
पार्षद यहां है कंफ्यूज : पार्षदों को हाली झील जमीन और पार्क के विकास और सौंदर्यीकरण की बात को समझ आ रही है। लेकिन सीडब्ल्यूपी 14725 उनकी समझ से दूर है।
ये है असली मामला : सीडब्ल्यूपी 14725 ऑफ 2012 हॉली पार्क के कुछ हिस्से को सुधार के लिए लीज पर देने का है। जो पिछले साल से विवादित है। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है और इसकी 11 अक्तूबर को सुनवाई है।
विशेषज्ञों की राय : एजेंडा नोटिस में इस विषय को स्पष्ट करना चाहिए था और इसकी कॉपी सभी पार्षदों को भेजी जानी थी।

मामला नंबर तीन
एजेंडा नोटिस का तीसरा बड़ा मुद्दा सीएमपी (काम्प्रिहेंसिव मोबाइलिटी प्लान) है। जो हाईकोर्ट के निर्देशानुसार पास किया है।
पार्षद यहां है कंफ्यूज : पार्षद इस तीसरे एजेंडे (सीएमपी) को लेकर भी कंफ्यूज हैं। शायद ही किसी पार्षद को काम्प्रिहेंसिव मोबाइलिटी प्लान के बारे में पूरी और स्पष्ट जानकारी हों।
ये है असली मामला : सीएमपी हाईकोर्ट का स्लम एरिया से संबंधित फैसला है। जिसमें इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मकान और सुविधा कैसे दिए जाएं समेत उनके हित के फैसले हैं।
विशेषज्ञों की राय : काम्प्रिहेंसिव मोबाइलिटी प्लान की पार्षदों को पूरी जानकारी नहीं है। एजेंडा नोटिस के साथ इस विषय को स्पष्ट किया जाना चाहिए था और इससे संबंधित आर्डर की कापी साथ लगानी चाहिए थी।

मामला नंबर चार

पार्षदों को उलझाने वाला चौथा एजेंडा दूध की डेयरियों को शहर के आवासीय क्षेत्र से बिंझौल या दूसरी जगह शिफ्ट करने का है। जिसको नोटिस में सातवें नंबर पर रखा है।  
पार्षद यहां है कंफ्यूज : दूध की डेयरियों के प्लाट 2007 में बिंझौल गांव में काटे जा चुके हैं। ऐसे में शिफ्ट करने पर विचार विमर्श करने का मतलब समझ से परे है। किसी को पता नहीं है यहां पर कितने प्लाट हैं और शहर में कितनी डेयरी हैं।
ये है असली मामला : शहर में दूध की डेयरियाें को शिफ्ट करने को लेकर 2007 में 198 लोगों को बिंझौल गांव के नजदीक प्लाट दिए गए थे। जिनको लेकर उस समय हंगामा मचा था। इस कारण प्रशासन को 28 प्लाट सरेंडर करने पड़े थे। इन 28 प्लाटों को विपक्ष इस बैठक में भी मुद्दा बना सकता है।
विशेषज्ञों की राय : निगम को इस एजेंडे को पूरी तरह से स्पष्ट करना चाहिए। जिससे पार्षदों को विषय समझने व फैसला लेने में आसानी मिल सकें।

पार्षदों पर अंग्रेजी पड़ी भारी
नगर निगम का अंग्रेजी में भेजा एजेंडा नोटिस पार्षदों पर भारी पड़ रहा है। कई पार्षद अंग्रेजी के इस नोटिस को पढ़वा कर हिंदी जानने में लगे हैं। कुछ पार्षदों से तो तारीख और समय तक नहीं पढ़ा जा रहा। मेयर भूपेंद्र सिंह की सोमवार को कार्यालय में हुई पत्रकार वार्ता में यह नजारा देखने को मिला था। एक कांग्रेसी नेता को अपने वार्ड से हराने वाले पार्षद ने मीटिंग में सबके सामने अपनी जेब से एजेंडे का पत्र निकालकर तारीख और समय पूछकर सबको चकित कर दिया। उसने आगे के एजेंडे के बारे में भी अनभिज्ञता जाहिर की।

कांग्रेस समर्थित भी खुश नहीं

नगर निगम के एजेंडे से भाजपा या इनेलो ही नहीं, बल्कि कांग्रेस समर्थित पार्षद भी संतुष्ट नहीं हैं। कई पार्षदों ने इनमें से कुछ एजेंडों को शहर के हक में न होने की बात कही है। ऐसे पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों के एजेंडे तैयार कर लिए हैं। उनका कहना है कि नगर निगम की हाउस मीटिंग में वे अपने वार्ड की मांगों को रखेंगे और उनको पास कराने का प्रयास करेंगे।


मेयर एजेंडा स्पष्ट करें तो पास मान लेंगे

वार्ड-तीन के पार्षद हरीश शर्मा ने कहा कि नगर निगम का एजेंडा नोटिस अंग्रेजी भाषा में है। कई पार्षद अंग्रेजी के नोटिस के लिए चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि मेयर पूरे एजेंडे को पढ़कर स्पष्ट कर दें। वे इस एजेंडे को पास मान लेंगे। ऐसा नहीं हुआ तो वे इसको बैठक में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि डेयरी प्लाट में घोटाला हुआ था। इसमें भैंस और गाय की जानकारी तक न रखने वालाें को भी प्लाट दे दिए थे।

आम राय : ये मुद्दे होने चाहिए शामिल

ड्रेन नंबर एक को पक्का और सुधारीकरण करना।
शहर में ट्रैफिक जाम और इसका समाधान करना।
शहर की अवैध कालोनियों में विकास कैसे होगा।
असंध और गोहाना रोड पर यातायात की सुविधा।
शहर में स्ट्रीट लाइट, सड़क और गलियों बनाना।
शहर के बरसाती पानी की निकासी के बारे में।



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