फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Problems coming from ordering goods to selling

सामान दिल्ली व अन्य जगहों से मंगाने से लेकर बेचने में आ रही समस्या

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 15 Jul 2021 12:48 AM IST
विज्ञापन
Problems coming from ordering goods to selling
चुलकाना रोड स्थित दुकानदारों को भी मंदी का सामना करना पड़ रहा है। चुलकाना रोड समालखा का काफी ज्यादा चलने वाला बाजार है। जिसमें सुबह और शाम दुकानदारों के पास भीड़ रहती थी, लेकिन महामारी इन दुकानदारों की दुकानदारी भी निगल गई, जिससे उनको दूसरी लहर के बाद सामान मंगाने से लेकर बेचने तक में परेशानी हो रही है। दिल्ली में भी बाजार मंदा होने के कारण सामान महंगा मिल रहा है और लोगों के लिए खरीदना मुश्किल हो रहा है।
विज्ञापन

दुकानदारी हुई कम
हमारी किरयाना की दुकान है। दुकानदारी पहले से काफी कम हो गई है, ऊपर से माल महंगा हो गया है। मंदी का सामना करना पड़ रहा है। धीरे-धीरे महामारी से उभरना शुरू हुए हैं, फिर से लॉकडाउन लग गया तो पहले से ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
विज्ञापन

-रितिक, दुकानदार किरयाना स्टोर
दिनभर इंतजार करते हैं
महामारी से पहले हम सभी अपनी दुकानों में ग्राहकों को सामान बेचने में ही व्यस्त रहते थे। हमें खाने का भी समय नहीं मिलता था। अब दिन भर इंतजार करते हैं कि कोई ग्राहक आकर सामान खरीद ले। दुकानदारों को भी माल महंगा मिल रहा है, जिसकी वजह से दिक्कत आ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- राजबीर सिंह, दुकानदार बाइक रिपेयरिंग
सरकार करे मदद
सरकार को लॉकडाउन के बाद अब हम व्यापारियों की मदद करनी चाहिए, ताकि सभी दुकानदार मंदी में भी दुकानदारी कर सकें। बिल जैसी चीजों में ही कुछ प्रतिशत छूट दे देनी चाहिए। अगर इसी तरह मंदी चलती रही तो दुकानदारों के लिए बहुत परेशानी खड़ी हो जाएगी।
- नरेंद्र, दुकानदार, बिजली
मिठाई की बिक्री भी घटी
मिठाई की दुकान है, हमारी दुकान पर पहले इस मौसम में घेवर व अन्य मिठाइयों की इतनी बिक्री थी कि शाम तक माल फिर से तैयार करवाना पड़ता था। लेकिन महामारी में लोग बाहर का खाने से थोड़ा परहेज कर रहे हैं, जिससे अब मिठाइयों की बिक्री में भारी कमी आई है।

- साहिल जावला, दुकानदार मिठाई
किताबें भी नहीं बिकी
जून-जुलाई के समय स्कूलों में नया सेशन शुरू हो जाता था, जिससे दुकान पर दिन भर किताब खरीदने के लिए विद्यार्थी अपने परिजनों के साथ आते रहते थे। लेकिन अब पढ़ाई ऑनलाइन होने के कारण न तो किताबें बिक रही हैं न ही स्टेशनरी का कोई और सामान।
- अंकित गोयल, दुकानदार बुक डिपो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed