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बकरीद पर मांगी अमन और चैन की दुआ
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पानीपत। बक़रीद के उपक्षय में बकरा खरीदकर लेकर जाते हुए।
- फोटो : Panipat
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जिले में बकरीद का त्योहार बुधवार को कोरोना महामारी की गाइडलाइन के अनुसार मनाया गया। मजिस्दों और दरगाहों में ईदे अजहा की नमाज अदा की गई। नमाज के बाद देश में अमन, शांति व भाईचारे की दुआ मांगी और एक-दूसरे को ईद की बधाई दी गई। त्योहार को लेकर जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर सभी मस्जिदों एवं दरगाहों के बाहर पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था।
मॉडल टाउन स्थित ईदगाह के मौलाना ने कहा कि ईद तीन तरह की होती है। ईद उल फित्तर (रमजान) हो, ईदे अजहा या फिर ईदे मिलाद हो, तीनों ईद भाईचारे, त्याग, समर्पण और इंसानियत का पैगाम देती हैं। वहीं ईद-उल-अजहा को कई नामों से जाना जाता है। ईद उल अजहा को नमकीन ईद भी कहा जाता है और इसी ईद को ईदे करबां भी कहा जाता है। इस ईद पर नमकीन पकवान ज्यादा बनाए जाते हैं। जबकि कुर्बानी से जुड़ी होने की वजह से इसे ईदे कुरबां भी कहा जाता है। आमतौर पर इसे बकरा ईद भी कहते हैं।
पानीपत स्थित मस्जिद माईजी कालोनी में मौलवी नसीम साहब, मस्जिद कचहेरी वाली में कारी इजहार, मस्जिद सिवाह में मौलाना शरीफ साहब, दरगाह गोसअली दिलशाद, मस्जिद कलंदर साहब मौलवी शमीम साहब, इमाम साहब में मौलवी इरशाद, मस्जिद नूरानी मौलवी तनवीर साहब ने भी ईद की नमाज पढ़ाई।
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लॉकडाउन के बाद ईद पर मस्जिद में एक साथ पढ़ी गई नमाज
दरगाह हजरत ख्वाजा शमसुद्दीन तुर्क पानीपती शाह विलायत साहब में नमाजे ईद-उल-जुहा अंजुमन गुलाम आने चिश्तिया साबरिया वेलफेयर सोसायटी के जेरे इंतजाम अदा कराई गई। इस अवसर पर मुस्लिम समाज के काफी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की और दरगाह के सज्जादा नशीन सैयद मेराज हुसैन साबरी ने नमाज अदा कराई। इस मौके पर सैय्यद हामिद हुसैन, इरफान साबरी, ताज मोहम्मद, शमीम साबरी, अकील साबरी आदि सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।
कोरोना प्रोटोकॉल के तहत नमाज अता की
पानीपत की लगभग सभी मस्जिदों बकरीद की नमाज कोरोना के प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए अता की गई। एडवोकेट इरफान अली ने बताया कि खुदा को कुर्बानी पसंद हैं। खुदा ने हजरत इब्राहिम के सपने में आकर कहा कि अपनी सबसे प्यारी चीज की कुर्बानी करो तो हजरत इब्राहिम ने अपने बेटे इस्माइल की कुर्बानी देने के लिए तैयार हो गए, जिससे खुदा खुश हुए। हर इंसान को रब की रजा के लिए कुर्बानी करनी चाहिए। इस मौके पर हाफिज महमूद प्रधान, मास्टर रफीक, नवाब लियाकत, सोहेल खान, अहसान अली, मोहिक बुद्धिराजा, चांद चौधरी, दीपक चोपड़ा आदि ने मोहल्लों में जाकर लोगों को ईद की मुबारकबाद दी।
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मॉडल टाउन स्थित ईदगाह के मौलाना ने कहा कि ईद तीन तरह की होती है। ईद उल फित्तर (रमजान) हो, ईदे अजहा या फिर ईदे मिलाद हो, तीनों ईद भाईचारे, त्याग, समर्पण और इंसानियत का पैगाम देती हैं। वहीं ईद-उल-अजहा को कई नामों से जाना जाता है। ईद उल अजहा को नमकीन ईद भी कहा जाता है और इसी ईद को ईदे करबां भी कहा जाता है। इस ईद पर नमकीन पकवान ज्यादा बनाए जाते हैं। जबकि कुर्बानी से जुड़ी होने की वजह से इसे ईदे कुरबां भी कहा जाता है। आमतौर पर इसे बकरा ईद भी कहते हैं।
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पानीपत स्थित मस्जिद माईजी कालोनी में मौलवी नसीम साहब, मस्जिद कचहेरी वाली में कारी इजहार, मस्जिद सिवाह में मौलाना शरीफ साहब, दरगाह गोसअली दिलशाद, मस्जिद कलंदर साहब मौलवी शमीम साहब, इमाम साहब में मौलवी इरशाद, मस्जिद नूरानी मौलवी तनवीर साहब ने भी ईद की नमाज पढ़ाई।
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लॉकडाउन के बाद ईद पर मस्जिद में एक साथ पढ़ी गई नमाज
दरगाह हजरत ख्वाजा शमसुद्दीन तुर्क पानीपती शाह विलायत साहब में नमाजे ईद-उल-जुहा अंजुमन गुलाम आने चिश्तिया साबरिया वेलफेयर सोसायटी के जेरे इंतजाम अदा कराई गई। इस अवसर पर मुस्लिम समाज के काफी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की और दरगाह के सज्जादा नशीन सैयद मेराज हुसैन साबरी ने नमाज अदा कराई। इस मौके पर सैय्यद हामिद हुसैन, इरफान साबरी, ताज मोहम्मद, शमीम साबरी, अकील साबरी आदि सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।
कोरोना प्रोटोकॉल के तहत नमाज अता की
पानीपत की लगभग सभी मस्जिदों बकरीद की नमाज कोरोना के प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए अता की गई। एडवोकेट इरफान अली ने बताया कि खुदा को कुर्बानी पसंद हैं। खुदा ने हजरत इब्राहिम के सपने में आकर कहा कि अपनी सबसे प्यारी चीज की कुर्बानी करो तो हजरत इब्राहिम ने अपने बेटे इस्माइल की कुर्बानी देने के लिए तैयार हो गए, जिससे खुदा खुश हुए। हर इंसान को रब की रजा के लिए कुर्बानी करनी चाहिए। इस मौके पर हाफिज महमूद प्रधान, मास्टर रफीक, नवाब लियाकत, सोहेल खान, अहसान अली, मोहिक बुद्धिराजा, चांद चौधरी, दीपक चोपड़ा आदि ने मोहल्लों में जाकर लोगों को ईद की मुबारकबाद दी।

पानीपत। बक़रीद के उपक्षय में एक-दुसरे को मिठाई खिलाते हुए साथ में मौजूद एडवोकेट इरफान अली व अन्य।- फोटो : Panipat